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Sambhal News: देशभक्ति गीतों के साथ सावन के गीतों पर झूमे श्रोता
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चंदौसी। भारतीय मानव कल्याण समिति के तत्वावधान में विनायक मार्ग स्थित भोलेनाथ वाटिका में देशभक्ति सुर संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देशभक्ति गीतों के साथ सावन के गीतों पर श्रोता झूम उठे।
शुभारंभ आईटीआई प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह पाल, कवि माधव मिश्रा, सतीश चंद्र गुप्ता, रेनू कुमारी और दिनेश चंद्र वार्ष्णेय ने संयुक्त तौर पर किया। समिति प्रबंधक डॉ. टीएस पाल ने बताया कि कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। शुरुआत वसुंधरा ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की प्रस्तुति से की। इसके बाद नरेंद्र कुमार ने आपस में प्रेम करो देश प्रेमियों, अजीत कुमार पप्पी ने होठों पर सच्चाई रहती है, धीरज भारती ने जब जीरो दिया मेरे भारत ने, प्रज्ञा वार्ष्णेय ने जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया, असीम खान ने ऐसा देश है मेरा, बिसौली के गगन गुप्ता ने ये देश है वीर जवानों का और गोपाल शर्मा साईं ने वतन पे जो फिदा होगा गीत प्रस्तुत किया। गुलशन वार्ष्णेय ने चिट्ठी आई है’ गीत सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।
दूसरे चरण में आया सावन झूम के थीम पर सावन के गीतों की प्रस्तुतियां हुईं। कलाकारों ने कजरी, मल्हार और झूला गीतों की प्रस्तुतियों से माहौल को सावनमय बना दिया। सावन का महीना पवन करे शोर, आया सावन झूम के, हाय-हाय ये मजबूरी, नैनों में बदरा छाए सहित कई गीत प्रस्तुत किए गए। कुछ गीत युगल कलाकारों ने भी प्रस्तुत किए। सुशील कुमार, राजेश पाल, ओमप्रकाश गुप्ता, मुकेश कुमार वार्ष्णेय, हरीश कठेरिया, सुखपाल गौर, डॉ. जयशंकर दुबे, चारुल वार्ष्णेय, दिनेश पाल सिंह, आशा बिसरिया, वीरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन शैलेंद्र कुमार वार्ष्णेय ने किया।
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शुभारंभ आईटीआई प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह पाल, कवि माधव मिश्रा, सतीश चंद्र गुप्ता, रेनू कुमारी और दिनेश चंद्र वार्ष्णेय ने संयुक्त तौर पर किया। समिति प्रबंधक डॉ. टीएस पाल ने बताया कि कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। शुरुआत वसुंधरा ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की प्रस्तुति से की। इसके बाद नरेंद्र कुमार ने आपस में प्रेम करो देश प्रेमियों, अजीत कुमार पप्पी ने होठों पर सच्चाई रहती है, धीरज भारती ने जब जीरो दिया मेरे भारत ने, प्रज्ञा वार्ष्णेय ने जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया, असीम खान ने ऐसा देश है मेरा, बिसौली के गगन गुप्ता ने ये देश है वीर जवानों का और गोपाल शर्मा साईं ने वतन पे जो फिदा होगा गीत प्रस्तुत किया। गुलशन वार्ष्णेय ने चिट्ठी आई है’ गीत सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।
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दूसरे चरण में आया सावन झूम के थीम पर सावन के गीतों की प्रस्तुतियां हुईं। कलाकारों ने कजरी, मल्हार और झूला गीतों की प्रस्तुतियों से माहौल को सावनमय बना दिया। सावन का महीना पवन करे शोर, आया सावन झूम के, हाय-हाय ये मजबूरी, नैनों में बदरा छाए सहित कई गीत प्रस्तुत किए गए। कुछ गीत युगल कलाकारों ने भी प्रस्तुत किए। सुशील कुमार, राजेश पाल, ओमप्रकाश गुप्ता, मुकेश कुमार वार्ष्णेय, हरीश कठेरिया, सुखपाल गौर, डॉ. जयशंकर दुबे, चारुल वार्ष्णेय, दिनेश पाल सिंह, आशा बिसरिया, वीरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन शैलेंद्र कुमार वार्ष्णेय ने किया।
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