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Sambhal News: चीखों से टूटा सुबह का सन्नाटा, एक्सप्रेसवे पर मच गई अफरा-तफरी
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बहजोई। बहराइच से कमाने-खाने के लिए घर छोड़कर जालंधर के लिए निकले निजी बस सवार सौ लोग सुबह गहरी नींद में थे। पौने पांच बजे बस डिवाइडर से टकराई तो धमाके जैसी जोर की आवाज हुई। यात्रियों की नींट टूटी तो चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। हर तरफ बस चीखें ही सुनाई दे रही थीं। बस पलटी पड़ी थी और यात्री उसमें फंस गए थे।
किसी तरह जद्दोजहद करके कुछ यात्री बाहर आए। आसपास के लोग और पुलिस भी तब तक मौके पर पहुंच चुकी थी। घायलों को किसी तरह बाहर निकाला गया और अस्पताल भिजवाया गया। हादसे के बाद निजी बस का चालक और स्टाफ मौके से भाग गया। बस में सवार छैलू ने बताया कि परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी करते हैं। बस में सवार ज्यादातर लोग वही थे जो मजदूरी करने के लिए जा रहे थे। बताया कि यात्रियों में महिलाएं व बच्चे भी हैं। बस में सवार लोगों में जिला बहराइच, गोंडा, लखीमपुर खीरी और आसपास के लोग सवार थे। वहीं, दूसरी ओर एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि हादसा चालक को नींद आने से हुआ है। इसकी विस्तृत जांचकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
क्रेन से सीधी कराई गई बस
गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे के बाद बस सवार जिन यात्रियों को चोट नहीं आई थी, वह महिलाओं व बच्चों के साथ सड़क किनारे बैठे भूख-प्यास से परेशान थे। इस पर मौके पर मौजूद सीओ स्तुति सिंह ने इन यात्रियों को बिस्किट व पीने के पानी की व्यवस्था कराई। साथ ही यात्रियों को सीओ ने भरोसा दिया कि वह दूसरी बस का इंतजाम कर गंतव्य तक भेजेंगी। इसके बाद बस को क्रेन से सीधा कराया गया। तब कहीं जाकर यात्रियों ने अपने सामान को बस से बाहर निकाला।
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आग लगने के अंदेशे में यात्रियों को दूर रहने की दी जाती रही हिदायत
बहजोई। सड़क हादसे के बाद क्रेन के माध्यम से पलटी हुई बस को जब सीधा करने की कोशिश की जा रही थी, तभी कुछ यात्री अपने बैग आदि सामान निकालने का हवाला देते हुए बस की ओर बढ़ने लगे। तभी अधिकारियों की ओर से पलटी बस में आग लगने का हवाला देते हुए यात्रियों को दूर रहने की हिदायत दी जाती रही। इसके चलते अधिकारियों की ओर से घटनास्थल पर दमकल बुलाई गई।
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सीएचसी में कम पड़ गए बेड...कोई जमीन पर बैठ गया तो कोई स्लैब पर लेट गया
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के घायलों की संख्या अधिक होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेड कम पड़ गए। किसी घायल को स्लैब पर लेटना पड़ा तो किसी को जमीन पर बैठना पड़ा। बाद में, उपचार के बाद रेफर होने पर यह घायल एंबुलेंस से आने पर जिला अस्पताल के लिए चले गए।एआरटीओ ने कहा वह मौके पर गए थे, बातचीत के बाद नींद ही हादसे का कारण सामने आया। संवाद
अकेले चिकित्सक ने फार्मासिस्टों के सहारे संभाली कमान
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के बाद 21 घायल व दो मृत लोग एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचे थे। चारों ओर घायलों व परिजनों की चीख-पुकार मच रही थी। घायल दर्द से कराह रहे थे। बावजूद इसके ऑन डयूटी अकेले चिकित्साधिकारी डॉ. जयकिशन ने फार्मासिस्टों के सहारे कमान संभाली और बारी-बारी से उपचार कराकर इन सभी घायल यात्रियों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। वहीं, कुछ यात्रियों का कहना था कि यदि मौके पर चिकित्सकों की संख्या एक से अधिक होती, तो घायलों को और भी जल्द उपचार मिल जाता। संवाद
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अंडरपास के निकट 15 फीट नीचे गिरने से बची बस
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के बाद यदि निजी बस डिवाइडर के आगे बनी करीब चार फीट ऊंचाई वाली दीवार न होती या फिर बस टकराने के बाद दीवार टूट गई होती, तो बस डिवाइडर के निकट अंडरपास की करीब 15 फीट खाली जगह में गिर जाती। इससे और भी बड़ा हादसा हो सकता था। डिवाइडर की दीवार से टकराने के बाद बस के आगे वाले शीशे अंडरपास की खाली जगह में गिर गए थे। संवाद
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हादसे की जानकारी देने के लिए फोन पर जुटे रहे लोग
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे व सरकारी अस्पताल में मौजूद घायलों के परिजन अपने घरों व रिश्तेदारों को हादसे की जानकारी देने के लिए फोन पर जुटे रहे। लोग रो-रोकर परिजनों व रिश्तेदारों को हादसे में घायल हुए लोगों की जानकारी दे रहे थे।
पलिया में खराब हुई थी बस, दूसरी बस में सवार होकर आगे आए यात्री
बहजोई। मृतक पिंटू के परिजन प्रकाश ने बताया कि शनिवार को करीब दोपहर करीब तीन बजे बस बहराइच से जालंधर के लिए रवाना हुई। उसने बताया कि शाम करीब सात बजे वह परिजनों के साथ लखीमपुर खीरी के निकट सिसइया से बस में सवार हुआ था। इसके बाद रात करीब सवा बारह बजे पलिया में बस खराब हो गई। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद सभी सवारी दूसरी बस में शिफ्ट की गईं। इसके बाद बस जालंधर के लिए रवाना हुई। बाद में रात करीब पौने पांच बजे बहजोई के निकट आकर बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई और हादसा हो गया। संवाद
पुलिस प्रशासन ने दो बसों से गंतव्य को भेजे यात्री
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने कम चोटिल या शेष यात्रियों को दो बसों के माध्यम से गंतव्य पर भेजा। सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि दोपहर के समय दो बसों का इंतजाम कर यात्री गंतव्य के लिए भेजे गए। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ यात्रियों ने जालंधर तथा कुछ ने वापस बहराइच जाने की मंशा जताई थी। इसके मुताबिक, एक बस से यात्रियों को जालंधर भेजा गया और दूसरी बस से बहराइच भेजा गया। संवाद
गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में कुल तीन यात्रियों की मौत हुई है। ट्रक पुलिस के कब्जे में है तथा चालक हिरासत में है। वहीं, निजी बस सवार चालक व अन्य स्टाफ मौके से भाग गए। घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। शेष यात्रियों को गंतव्य पर जाने के लिए दो बसें भेजी गईं।
स्तुति सिंह, सीओ, सर्किल बहजोई
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किसी तरह जद्दोजहद करके कुछ यात्री बाहर आए। आसपास के लोग और पुलिस भी तब तक मौके पर पहुंच चुकी थी। घायलों को किसी तरह बाहर निकाला गया और अस्पताल भिजवाया गया। हादसे के बाद निजी बस का चालक और स्टाफ मौके से भाग गया। बस में सवार छैलू ने बताया कि परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी करते हैं। बस में सवार ज्यादातर लोग वही थे जो मजदूरी करने के लिए जा रहे थे। बताया कि यात्रियों में महिलाएं व बच्चे भी हैं। बस में सवार लोगों में जिला बहराइच, गोंडा, लखीमपुर खीरी और आसपास के लोग सवार थे। वहीं, दूसरी ओर एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि हादसा चालक को नींद आने से हुआ है। इसकी विस्तृत जांचकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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क्रेन से सीधी कराई गई बस
गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे के बाद बस सवार जिन यात्रियों को चोट नहीं आई थी, वह महिलाओं व बच्चों के साथ सड़क किनारे बैठे भूख-प्यास से परेशान थे। इस पर मौके पर मौजूद सीओ स्तुति सिंह ने इन यात्रियों को बिस्किट व पीने के पानी की व्यवस्था कराई। साथ ही यात्रियों को सीओ ने भरोसा दिया कि वह दूसरी बस का इंतजाम कर गंतव्य तक भेजेंगी। इसके बाद बस को क्रेन से सीधा कराया गया। तब कहीं जाकर यात्रियों ने अपने सामान को बस से बाहर निकाला।
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आग लगने के अंदेशे में यात्रियों को दूर रहने की दी जाती रही हिदायत
बहजोई। सड़क हादसे के बाद क्रेन के माध्यम से पलटी हुई बस को जब सीधा करने की कोशिश की जा रही थी, तभी कुछ यात्री अपने बैग आदि सामान निकालने का हवाला देते हुए बस की ओर बढ़ने लगे। तभी अधिकारियों की ओर से पलटी बस में आग लगने का हवाला देते हुए यात्रियों को दूर रहने की हिदायत दी जाती रही। इसके चलते अधिकारियों की ओर से घटनास्थल पर दमकल बुलाई गई।
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सीएचसी में कम पड़ गए बेड...कोई जमीन पर बैठ गया तो कोई स्लैब पर लेट गया
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के घायलों की संख्या अधिक होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेड कम पड़ गए। किसी घायल को स्लैब पर लेटना पड़ा तो किसी को जमीन पर बैठना पड़ा। बाद में, उपचार के बाद रेफर होने पर यह घायल एंबुलेंस से आने पर जिला अस्पताल के लिए चले गए।एआरटीओ ने कहा वह मौके पर गए थे, बातचीत के बाद नींद ही हादसे का कारण सामने आया। संवाद
अकेले चिकित्सक ने फार्मासिस्टों के सहारे संभाली कमान
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के बाद 21 घायल व दो मृत लोग एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचे थे। चारों ओर घायलों व परिजनों की चीख-पुकार मच रही थी। घायल दर्द से कराह रहे थे। बावजूद इसके ऑन डयूटी अकेले चिकित्साधिकारी डॉ. जयकिशन ने फार्मासिस्टों के सहारे कमान संभाली और बारी-बारी से उपचार कराकर इन सभी घायल यात्रियों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। वहीं, कुछ यात्रियों का कहना था कि यदि मौके पर चिकित्सकों की संख्या एक से अधिक होती, तो घायलों को और भी जल्द उपचार मिल जाता। संवाद
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अंडरपास के निकट 15 फीट नीचे गिरने से बची बस
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के बाद यदि निजी बस डिवाइडर के आगे बनी करीब चार फीट ऊंचाई वाली दीवार न होती या फिर बस टकराने के बाद दीवार टूट गई होती, तो बस डिवाइडर के निकट अंडरपास की करीब 15 फीट खाली जगह में गिर जाती। इससे और भी बड़ा हादसा हो सकता था। डिवाइडर की दीवार से टकराने के बाद बस के आगे वाले शीशे अंडरपास की खाली जगह में गिर गए थे। संवाद
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हादसे की जानकारी देने के लिए फोन पर जुटे रहे लोग
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे व सरकारी अस्पताल में मौजूद घायलों के परिजन अपने घरों व रिश्तेदारों को हादसे की जानकारी देने के लिए फोन पर जुटे रहे। लोग रो-रोकर परिजनों व रिश्तेदारों को हादसे में घायल हुए लोगों की जानकारी दे रहे थे।
पलिया में खराब हुई थी बस, दूसरी बस में सवार होकर आगे आए यात्री
बहजोई। मृतक पिंटू के परिजन प्रकाश ने बताया कि शनिवार को करीब दोपहर करीब तीन बजे बस बहराइच से जालंधर के लिए रवाना हुई। उसने बताया कि शाम करीब सात बजे वह परिजनों के साथ लखीमपुर खीरी के निकट सिसइया से बस में सवार हुआ था। इसके बाद रात करीब सवा बारह बजे पलिया में बस खराब हो गई। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद सभी सवारी दूसरी बस में शिफ्ट की गईं। इसके बाद बस जालंधर के लिए रवाना हुई। बाद में रात करीब पौने पांच बजे बहजोई के निकट आकर बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई और हादसा हो गया। संवाद
पुलिस प्रशासन ने दो बसों से गंतव्य को भेजे यात्री
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने कम चोटिल या शेष यात्रियों को दो बसों के माध्यम से गंतव्य पर भेजा। सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि दोपहर के समय दो बसों का इंतजाम कर यात्री गंतव्य के लिए भेजे गए। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ यात्रियों ने जालंधर तथा कुछ ने वापस बहराइच जाने की मंशा जताई थी। इसके मुताबिक, एक बस से यात्रियों को जालंधर भेजा गया और दूसरी बस से बहराइच भेजा गया। संवाद
गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में कुल तीन यात्रियों की मौत हुई है। ट्रक पुलिस के कब्जे में है तथा चालक हिरासत में है। वहीं, निजी बस सवार चालक व अन्य स्टाफ मौके से भाग गए। घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। शेष यात्रियों को गंतव्य पर जाने के लिए दो बसें भेजी गईं।
स्तुति सिंह, सीओ, सर्किल बहजोई