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Sambhal News: शाही इमाम के मकान, मस्जिद और मजार का मामला डीएम कोर्ट पहुंचा, आज होगी सुनवाई
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संभल। गांव सैफखां सराय स्थित मौलाना खुर्शीद मियां की मजार और मजार के परिसर में बनी मस्जिद और मकान पर शुरू हुई कार्रवाई को रोकने के लिए डीएम कोर्ट में अपील की गई है। इस मामले में सुनवाई बुधवार होनी है। तहसीलदार न्यायालय ने 9 मार्च को किए आदेश में 30 दिन के अंदर सरकारी जमीन से कब्जा छोड़ने के आदेश किए थे। डीएम कोर्ट से राहत मिलने के बाद ही तहसीलदार न्यायालय के आदेश पर रोक लग सकती है। आठ अप्रैल को इस आदेश का समय पूरा हो जाएगा।
तहसीलदार न्यायालय के आदेश के अनुसार ग्राम समाज की करीब दो बीघा जमीन पर शाही इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन का मकान, मस्जिद और मजार बने हैं। वर्ष 2016-17 में सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की गई थी। उसके बाद पैमाइश हुई और धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए बेदखली का आदेश किया गया। तहसीलदार न्यायालय से शाही इमाम और उनके भाई पर सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
हालांकि तहसीलदार कोर्ट में शाही इमाम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि मस्जिद और मजार सुन्नी वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं। वर्षों पहले उनके पिता मौलाना खुर्शीद मियां मुतवल्ली थे और वर्तमान में वह जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आगे कहा था कि वह इबादतगाहों की देखभाल करते हैं। शाही इमाम के अधिवक्ता माधव मिश्रा ने बताया कि डीएम कोर्ट में अपील दाखिल कर दी है। बुधवार को सुनवाई होनी है।
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तहसीलदार न्यायालय के आदेश के अनुसार ग्राम समाज की करीब दो बीघा जमीन पर शाही इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन का मकान, मस्जिद और मजार बने हैं। वर्ष 2016-17 में सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की गई थी। उसके बाद पैमाइश हुई और धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए बेदखली का आदेश किया गया। तहसीलदार न्यायालय से शाही इमाम और उनके भाई पर सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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हालांकि तहसीलदार कोर्ट में शाही इमाम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि मस्जिद और मजार सुन्नी वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं। वर्षों पहले उनके पिता मौलाना खुर्शीद मियां मुतवल्ली थे और वर्तमान में वह जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आगे कहा था कि वह इबादतगाहों की देखभाल करते हैं। शाही इमाम के अधिवक्ता माधव मिश्रा ने बताया कि डीएम कोर्ट में अपील दाखिल कर दी है। बुधवार को सुनवाई होनी है।
