{"_id":"6a0637bbee26f2058b0ec006","slug":"the-police-have-failed-to-arrest-the-teachers-accused-of-conducting-religious-activities-in-the-school-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-135389-2026-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: स्कूल में धार्मिक गतिविधियां कराने के आरोपी शिक्षकों गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: स्कूल में धार्मिक गतिविधियां कराने के आरोपी शिक्षकों गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संभल। गांव जालब सराय के पीएम श्री विद्यालय में धार्मिक गतिविधियों से माहौल बिगाड़ने के आरोपी प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के खिलाफ नखासा थाने में रिपोर्ट तो दर्ज की गई, लेकिन उनकी गिरफ्तारी पुलिस पांच दिन बाद भी नहीं कर सकी है। नखासा थाना प्रभारी उमेश कुमार सोलंकी ने बताया कि जांच की जा रही है। अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वहीं, दूसरी ओर आरोपी शिक्षकों ने निलंबन अवधि में जुनावई ब्लॉक के संबद्ध विद्यालयों में भी ज्वाइन नहीं किया है।
रविवार को प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज को बीएसए अलका शर्मा ने निलंबित किया था। इसी दिन नखासा थाने में संभल के बीईओ अंशुल कुमार ने कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तहरीर में बताया गया था कि प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक विद्यालय के बच्चों से धार्मिक गतिविधियां कराते थे। हिंदू छात्राओं को हिजाब और छात्रों को टोपी पहनाई जाती है। सजदा करना भी सिखाया जा रहा है।
प्रार्थना शासनादेश के अनुसार नहीं कराई जाती, बल्कि नज्म पढ़ाई जाती है। इसका वीडियो सात मई को सामने आया तो बीईओ जांच के लिए पहुंचे थे। जांच में सही मामला पाए जाने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही है।
Trending Videos
रविवार को प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज को बीएसए अलका शर्मा ने निलंबित किया था। इसी दिन नखासा थाने में संभल के बीईओ अंशुल कुमार ने कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहरीर में बताया गया था कि प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक विद्यालय के बच्चों से धार्मिक गतिविधियां कराते थे। हिंदू छात्राओं को हिजाब और छात्रों को टोपी पहनाई जाती है। सजदा करना भी सिखाया जा रहा है।
प्रार्थना शासनादेश के अनुसार नहीं कराई जाती, बल्कि नज्म पढ़ाई जाती है। इसका वीडियो सात मई को सामने आया तो बीईओ जांच के लिए पहुंचे थे। जांच में सही मामला पाए जाने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही है।