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Sambhal News: खुद को नाबालिग बताते रहे मैनाठेर कांड के तीन गुनहगार...जांच हुई तो बालिग निकले
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मुरादाबाद। मैनाठेर बवाल में आजीवन कारावास की सजा पाए दो सगे भाई समेत तीन दोषियों ने पुलिस और कोर्ट को भी गुमराह करने की हरसंभव कोशिश की थी। तीनों के परिवार के लोगों ने पुलिस को इनकी उम्र से संबंधित दस्तावेज सौंप कर नाबालिग होने का दावा किया। जिस कारण तीन की फाइल किशोर न्यायालय में भेजी गई। कोर्ट के आदेश पर दस्तावेजों की जांच की गई तो तीनों के दस्तावेज फर्जी पाए गए और मेडिकल जांच में भी सभी के बालिग होने की पुष्टि हुई। इसके बाद तीनों की फाइल वापस एडीजे की कोर्ट में पेश की गई और अन्य दोषियों के साथ इन्हें भी शनिवार को आजीवन कारावास की सजा मिली।
छह जुलाई 2011 की दोपहर मैनाठेर के असालतनगर बघा गांव में हंगामा और बवाल की सूचना पर मौके पर जा रहे डीआईजी अशोक कुमार सिंह और उनके पीआरओ रवि कुमार पर डींगरपुर चौराहे के पास पेट्रोल पंप पर भीड़ ने हमला कर दिया था। उनकी पिस्टल छीन ली थी और पीआरओ का मोबाइल लूट लिया था। पीआरओ की ओर इस मामले में 33 नामजद और तीनों अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में 25 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। डींगरपुर के प्रधान कामिल समेत 25 आरोपियों के खिलाफ एक अक्तूबर 2011 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। जिसमें जानलेवा हमला, आगजनी, डकैती, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचे और सरकारी कर्मचारियों पर हमले समेत 10 से ज्यादा धाराएं शामिल की गईं। जिसमें से शाकिर, नवाब और कामिल की मृत्यु हो गई।
26 नवंबर 2011 में घटना में शामिल 25 आरोपियों में से तीन आरोपियों के परिवार की ओर से विवेचक को और कोर्ट में उनको नाबालिग बताते हुए उम्र से संबंधित दस्तावेज पेश किए गए। इसके बाद इन तीन आरोपियों की फाइल किशोर न्याय बोर्ड में भेज दी गई। विवेचक ने कोर्ट में अर्जी लगाकर इनके दस्तावेजों की जांच कराने की मांग रखी। कोर्ट के आदेश पर सभी के दस्तावेजों की जांच की गई और इनके मेडिकल भी कराए गए। जिसमें सामने आया है कि तीन आरोपी मैनाठेर के असदपुर निवासी मो.मुजीब, उसका भाई तहजीब आलम और मैनाठेर के मिलक नवाब निवासी जाने आलम बालिग हैं और इनके द्वारा कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बाद तीनों की फाइल 10 जुलाई 2013 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में भेजी गई थी। अन्य आरोपियों की फाइल के साथ इनकी फाइल पर भी सुनाई हुई। जिसमें शनिवार को अदालत ने अन्य 13 दोषियों के साथ मुजीब, तहजीब और जाने आलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
नाबालिग आरोपियों के मामले में सुनवाई पूरी, जल्द आ सकता है फैसला
मुरादाबाद। मैनाठेर बवाल में शामिल रहे छह नाबालिग आरोपियों की फाइल की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। इस मामले में भी जल्द फैसला आने की उम्मीद है। इन आरोपियों पर भी वह सभी आरोप हैं। जिस धाराओं में शनिवार को 16 दोषियों को सजा सुनाई गई थी।
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छह जुलाई 2011 की दोपहर मैनाठेर के असालतनगर बघा गांव में हंगामा और बवाल की सूचना पर मौके पर जा रहे डीआईजी अशोक कुमार सिंह और उनके पीआरओ रवि कुमार पर डींगरपुर चौराहे के पास पेट्रोल पंप पर भीड़ ने हमला कर दिया था। उनकी पिस्टल छीन ली थी और पीआरओ का मोबाइल लूट लिया था। पीआरओ की ओर इस मामले में 33 नामजद और तीनों अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में 25 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। डींगरपुर के प्रधान कामिल समेत 25 आरोपियों के खिलाफ एक अक्तूबर 2011 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। जिसमें जानलेवा हमला, आगजनी, डकैती, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचे और सरकारी कर्मचारियों पर हमले समेत 10 से ज्यादा धाराएं शामिल की गईं। जिसमें से शाकिर, नवाब और कामिल की मृत्यु हो गई।
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26 नवंबर 2011 में घटना में शामिल 25 आरोपियों में से तीन आरोपियों के परिवार की ओर से विवेचक को और कोर्ट में उनको नाबालिग बताते हुए उम्र से संबंधित दस्तावेज पेश किए गए। इसके बाद इन तीन आरोपियों की फाइल किशोर न्याय बोर्ड में भेज दी गई। विवेचक ने कोर्ट में अर्जी लगाकर इनके दस्तावेजों की जांच कराने की मांग रखी। कोर्ट के आदेश पर सभी के दस्तावेजों की जांच की गई और इनके मेडिकल भी कराए गए। जिसमें सामने आया है कि तीन आरोपी मैनाठेर के असदपुर निवासी मो.मुजीब, उसका भाई तहजीब आलम और मैनाठेर के मिलक नवाब निवासी जाने आलम बालिग हैं और इनके द्वारा कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बाद तीनों की फाइल 10 जुलाई 2013 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में भेजी गई थी। अन्य आरोपियों की फाइल के साथ इनकी फाइल पर भी सुनाई हुई। जिसमें शनिवार को अदालत ने अन्य 13 दोषियों के साथ मुजीब, तहजीब और जाने आलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
नाबालिग आरोपियों के मामले में सुनवाई पूरी, जल्द आ सकता है फैसला
मुरादाबाद। मैनाठेर बवाल में शामिल रहे छह नाबालिग आरोपियों की फाइल की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। इस मामले में भी जल्द फैसला आने की उम्मीद है। इन आरोपियों पर भी वह सभी आरोप हैं। जिस धाराओं में शनिवार को 16 दोषियों को सजा सुनाई गई थी।