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Sambhal News: सत्यापन के फेर में फंसकर थमी गेहूं खरीद की रफ्तार, भटक रहे किसान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2026 01:57 AM IST
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Wheat Procurement Slows Down Amid Verification Hurdles; Farmers Left Wandering
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संभल। मौसम की मार से गेहूं सहित अन्य फसलों की बर्बादी का दंश झेल रहे किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ बर्बाद हुई गेहूं की फसल का मुआवजा न मिलने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है, तो दूसरी गेहूं की बची-खुची फसल की बिक्री को लेकर उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं खरीद सत्यापन के फेर में फंसी है। बिना सत्यापन केंद्रों पर उनका गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। वह इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
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सदर तहसील क्षेत्र के तमाम किसानों का सत्यापन लंबित है। सत्यापन न होने से किसान गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। वहीं, किसानों के गेहूं की उपज की खरीद को लेकर विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि दो अप्रैल से शुरू हुई खरीद के बाद भी अब तक संभल मंडी समिति में 330 क्विंटल मीट्रिक टन खरीद हो पाई है।
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यह स्थिति तब है, जब खरीद का कार्य तेज करने के लिए समय-समय पर प्रशासन ने तमाम दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, लेकिन इसका कोई प्रभाव न तो अधिकारियों पर पड़ा और न ही क्रय केंद्रों के कर्मचारियों पर।
संभल के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि गेहूं खरीद का कार्य चल रहा है। धन की भी कोई कमी है। आने वाले दिनों में और प्रगति नजर आएगी। किसान अपनी उपज लेकर 15 जून से पहले केंद्रों पर पहुंचे।
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बाजार भाव बढ़ने से कम आ रहे किसान
संभल। संभल मंडी समिति में एफसीआई और दो विपणन शाखा के केंद्र संचालित हैं। केंद्र प्रभारी बताते हैं कि बाजार में गेहूं का दाम करीब 2530 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया है। इसी कारण केंद्र पर किसान कम आ रहे हैं।
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यह बोले किसान
आठ दिन पहले गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया लेकिन सत्यापन नहीं हो सका है। करीब 50 क्विंटल गेहूं की बिक्री करनी है लेकिन नहीं हो पा रही है। केंद्र प्रभारी खरीदने से ही इन्कार कर रहे हैं।
सुरेंद्र सिंह, किसान, असमोली
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खरीद प्रक्रिया जटिल है। गेहूं की निकासी के बाद सरकारी केंद्र पर बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। लेकिन प्रक्रिया में फंसकर रह गए हैं। अब निजी आढ़त पर बेचने का मन बनाया है।
सतपाल सैनी, गांव बेला
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क्रय केेंद्र जिस उद्देश्य से खोले गए हैं, वो पूरा नहीं हो रहा है। मनमर्जी हावी है। तौल में समस्या है। केंद्र प्रभारी दो टूक जवाब देकर लौटा देते हैं। प्रक्रिया यदि आसान बने तो खरीद तेज हो सकती है।
कुंवरपाल सिंह, नवाड़ा
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पंजीकरण और फिर सत्यापन में देर लगती है। कई दिन से गेहूं बेचने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन नहीं बेच पा रहे हैं। अब खुले बाजार में गेहूं बेचने की तैयारी की है।
यशपाल सिंह, गांव भारतल सिरसी
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खुले बाजार में भाव अच्छा है। इस कारण केंद्रों पर कम गेहूं पहुंच रहे हैं। प्रयास किया जा रहा है कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए खरीद की जाए।
धर्मेंद्र सक्सेना, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, संभल
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