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Sambhal News: युवक की नोएडा में संदिग्ध हालात में मौत, परिजनों का हत्या का आरोप
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सौंधन। गांव निबोरा निवासी बृजेश सिंह (35) की सोमवार की शाम दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन मंगलवार को शव घर ले आए और गांव के कुछ लोगों पर जमीन के विवाद में हत्या का आरोप लगाया। मंगलवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने खिरनी पुलिस चौकी के पास शव रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। सीओ कुलदीप सिंह के समझाने पर जाम खोला।
परिजनों का आरोप था कि गांव के कुछ लोगों से उनका जमीन का विवाद चल रहा है। एक माह पहले आरोपियों ने बृजेश के साथ मारपीट की थी। साथ ही जान से मारने का प्रयास किया था। परिजनों ने गांव के उन्हीं लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जांच की जांच-पड़ताल का हवाला दिया लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हुए। आक्रोशित परिजन व ग्रामीणों की मांग थी कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। मौके पर पहुंचे संभल सीओ कुलदीप सिंह ने किसी तरह समझाया और जाम खुलवाया। पुलिस ने बवाल कर रहे दो लोगों को पकड़कर गाड़ी में बैठाया। इस पर गुस्साई भीड़ गाड़ी पर टूट पड़ी। भीड़ ने दोनों लोगों को गाड़ी से नीचे उतार लिया। अधिक भीड़ होने के कारण पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई। इस प्रदर्शन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं।
नोएडा में रहकर कैब चलाता था युवक
मृतक के पिता गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनका बेटा नोएडा में रहकर ओला कैब चलाता था। आरोप है कि लगभग एक माह पूर्व जब बृजेश गांव आया था, तब दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट करने और जान से मारने का प्रयास किया था। इसकी शिकायत पुलिस से की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। परिजनों के अनुसार सात जून को ओला गाड़ी स्वामी पंकज तिवारी ने मृतक के भाई मूलचंद्र को फोन कर बताया कि बृजेश की तबीयत खराब हो गई है और उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पहुंचे तो वह मृत अवस्था में मिला। आरोप है कि जमीन के विवाद में उनके बेटे की हत्या हुई है।
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परिजनों का आरोप था कि गांव के कुछ लोगों से उनका जमीन का विवाद चल रहा है। एक माह पहले आरोपियों ने बृजेश के साथ मारपीट की थी। साथ ही जान से मारने का प्रयास किया था। परिजनों ने गांव के उन्हीं लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जांच की जांच-पड़ताल का हवाला दिया लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हुए। आक्रोशित परिजन व ग्रामीणों की मांग थी कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। मौके पर पहुंचे संभल सीओ कुलदीप सिंह ने किसी तरह समझाया और जाम खुलवाया। पुलिस ने बवाल कर रहे दो लोगों को पकड़कर गाड़ी में बैठाया। इस पर गुस्साई भीड़ गाड़ी पर टूट पड़ी। भीड़ ने दोनों लोगों को गाड़ी से नीचे उतार लिया। अधिक भीड़ होने के कारण पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई। इस प्रदर्शन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं।
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नोएडा में रहकर कैब चलाता था युवक
मृतक के पिता गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनका बेटा नोएडा में रहकर ओला कैब चलाता था। आरोप है कि लगभग एक माह पूर्व जब बृजेश गांव आया था, तब दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट करने और जान से मारने का प्रयास किया था। इसकी शिकायत पुलिस से की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। परिजनों के अनुसार सात जून को ओला गाड़ी स्वामी पंकज तिवारी ने मृतक के भाई मूलचंद्र को फोन कर बताया कि बृजेश की तबीयत खराब हो गई है और उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पहुंचे तो वह मृत अवस्था में मिला। आरोप है कि जमीन के विवाद में उनके बेटे की हत्या हुई है।