{"_id":"695ffb3ce9edf449700e6204","slug":"addiction-to-chips-pizza-and-burgers-is-making-people-sick-khalilabad-news-c-209-1-kld1025-144080-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: चिप्स और पिज्जा-बर्गर की लत बना रही बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: चिप्स और पिज्जा-बर्गर की लत बना रही बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 09 Jan 2026 12:15 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक-संवाद
विज्ञापन
संतकबीरनगर। बदलती जीवनशैली और जंक फूड की बढ़ती आदत बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। चिप्स, बर्गर, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक और पैकेट बंद खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन बच्चों के साथ ही बड़े को भी बीमार बना रहा है। इसका असर जिला अस्पताल की ओपीडी में साफ दिखने लगा है। यहां पेट से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि रोजाना ओपीडी में 100 से 120 मरीज पहुंचते हैं। इनमें 30 से अधिक बच्चे मोटापा, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, पाचन संबंधी समस्याएं और मानसिक परेशानियों से पीड़ित मिल रहे हैं। बच्चों में चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी, थकान और नींद की समस्या भी आम होती जा रही है। चिकित्सक का कहना है कि अत्यधिक तला-भुना और मीठा भोजन पाचन तंत्र को कमजोर करता है। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते।
डॉक्टर का कहना है कि जंक फूड में अधिक मात्रा में वसा, नमक और शर्करा होती है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करती है। इससे गैस, कब्ज, पेट दर्द, एसिडिटी और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। लंबे समय तक इसका सेवन करने से डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उनका का कहना है कि अभिभावकों में जागरूकता की कमी भी एक बड़ा कारण है। बच्चों को समय पर संतुलित आहार नहीं मिल पा रहा है और मोबाइल व टीवी देखने के दौरान वे जंक फूड अधिक खाते हैं। डॉक्टर अभिभावकों को बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
Trending Videos
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि रोजाना ओपीडी में 100 से 120 मरीज पहुंचते हैं। इनमें 30 से अधिक बच्चे मोटापा, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, पाचन संबंधी समस्याएं और मानसिक परेशानियों से पीड़ित मिल रहे हैं। बच्चों में चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी, थकान और नींद की समस्या भी आम होती जा रही है। चिकित्सक का कहना है कि अत्यधिक तला-भुना और मीठा भोजन पाचन तंत्र को कमजोर करता है। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉक्टर का कहना है कि जंक फूड में अधिक मात्रा में वसा, नमक और शर्करा होती है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करती है। इससे गैस, कब्ज, पेट दर्द, एसिडिटी और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। लंबे समय तक इसका सेवन करने से डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उनका का कहना है कि अभिभावकों में जागरूकता की कमी भी एक बड़ा कारण है। बच्चों को समय पर संतुलित आहार नहीं मिल पा रहा है और मोबाइल व टीवी देखने के दौरान वे जंक फूड अधिक खाते हैं। डॉक्टर अभिभावकों को बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।