{"_id":"69ab14551a3d9b2b840ae63d","slug":"after-gangsters-police-are-now-investigating-the-horoscopes-of-animal-smugglers-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-147004-2026-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: गैंगस्टर के बाद अब पशु तस्करों की कुंडली खंगाल रही पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: गैंगस्टर के बाद अब पशु तस्करों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। पुलिस पशु तस्करों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने के बाद एक बार फिर से तस्करों की कुंडली खंगाल रही है। उनकी गतिविधियों पर निगरानी करने का काम पुलिस टीम करेगी। जेल से बाहर आए तस्करों का भी सत्यापन होगा। उनकी वर्तमान कार्यप्रणाली पर भी पुलिस की निगाह रहेगी।
पिछले दिनों पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार पशु तस्करों पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है, जिससे पशु तस्करों पर लगाम लगाया जा सके।
गोतस्करी के लिए जिला पहले से ही चर्चा में रहा है। बखिरा व दुधारा थाना क्षेत्र के कुछ गांव इसके लिए काफी चर्चित रहे हैं। जहां यह धंधा अपनी पैठ बना चुका था। बदलते समय के साथ पुलिस सख्त हुई और पशु तस्करों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इसके बाद भी यह धंधा पूरी तरह से नहीं रुक पाया। अभी भी कुछ गांवों में इस धंधे से जुड़े लोग चोरी छिपे गोतस्करी कर रहे हैं। पिछले माह दुधारा थाना क्षेत्र में पुलिस व पशु तस्करों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की गोली से कई पशु तस्कर घायल हो गए। जिन्हें पुलिस ने जेल भेजा और अब तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की। इसके साथ ही धनघटा पुलिस ने भी आजमगढ़ जनपद के दो पशु तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
गो-तस्करी के मामलों में आई कमी
पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2020 में गोवध की 34 प्राथमिकी दर्ज हुई। वहीं वर्ष 2021-22 में यह संख्या घटकर 15-15 हो गई। जबकि वर्ष 2023 में 11, 2024 में 4 एवं 2025 में गोवध के तीन प्राथमिकी दर्ज हुई है।
-- -- -- --
जेल से बाहर आए पशु तस्करों का सत्यापन
पुलिस की तरफ से पुराने गोतस्करों के सत्यापन का भी काम शुरू कर दिया गया है। इधर मुठभेड़ में गिरफ्तार पशु तस्करों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ ही पुलिस ने जो तस्कर पहले से जेल में बंद हैं, अब उनका भी सत्यापन करने का काम तेज कर दिया है। पुलिस उनकी गतिविधियों एवं कार्य प्रणाली पर भी अपनी निगाह जमाए हुए है। पुलिस सत्यापन में उनकी गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर उनके खिलाफ शिकंजा कसा जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- --
सभी एसओ को निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह के काम न होने चाहिए, जो पूर्व के पशु तस्कर हैं, उनकी निगरानी की जाए। यदि उनकी संलिप्तता मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-सुशील कुमार सिंह, एएसपी
विज्ञापन
पिछले दिनों पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार पशु तस्करों पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है, जिससे पशु तस्करों पर लगाम लगाया जा सके।
विज्ञापन
गोतस्करी के लिए जिला पहले से ही चर्चा में रहा है। बखिरा व दुधारा थाना क्षेत्र के कुछ गांव इसके लिए काफी चर्चित रहे हैं। जहां यह धंधा अपनी पैठ बना चुका था। बदलते समय के साथ पुलिस सख्त हुई और पशु तस्करों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इसके बाद भी यह धंधा पूरी तरह से नहीं रुक पाया। अभी भी कुछ गांवों में इस धंधे से जुड़े लोग चोरी छिपे गोतस्करी कर रहे हैं। पिछले माह दुधारा थाना क्षेत्र में पुलिस व पशु तस्करों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की गोली से कई पशु तस्कर घायल हो गए। जिन्हें पुलिस ने जेल भेजा और अब तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की। इसके साथ ही धनघटा पुलिस ने भी आजमगढ़ जनपद के दो पशु तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
विज्ञापन
गो-तस्करी के मामलों में आई कमी
पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2020 में गोवध की 34 प्राथमिकी दर्ज हुई। वहीं वर्ष 2021-22 में यह संख्या घटकर 15-15 हो गई। जबकि वर्ष 2023 में 11, 2024 में 4 एवं 2025 में गोवध के तीन प्राथमिकी दर्ज हुई है।
जेल से बाहर आए पशु तस्करों का सत्यापन
पुलिस की तरफ से पुराने गोतस्करों के सत्यापन का भी काम शुरू कर दिया गया है। इधर मुठभेड़ में गिरफ्तार पशु तस्करों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ ही पुलिस ने जो तस्कर पहले से जेल में बंद हैं, अब उनका भी सत्यापन करने का काम तेज कर दिया है। पुलिस उनकी गतिविधियों एवं कार्य प्रणाली पर भी अपनी निगाह जमाए हुए है। पुलिस सत्यापन में उनकी गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर उनके खिलाफ शिकंजा कसा जाएगा।
सभी एसओ को निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह के काम न होने चाहिए, जो पूर्व के पशु तस्कर हैं, उनकी निगरानी की जाए। यदि उनकी संलिप्तता मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-सुशील कुमार सिंह, एएसपी