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Sant Kabir Nagar News: सड़कों पर बुलेट के पटाखों का शोर, ढाई माह में 35 का चालान
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- बुलेट में मोडिफाई सायलेंसर लगाकर सड़कों पर दौड़ा रहे हैं युवा वर्ग
- युवाओं के बीच बुलेट वाहन का तेजी से बढ़ रहा क्रेज
संतकबीरनगर। जिले में युवाओं के बीच बुलेट बाइक से पटाखे जैसी आवाज निकालने का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है। युवा बुलेट की मूल आवाज को बदलने के लिए मॉडिफाइड़ सायलेंसर लगवा रहे हैं और सड़कों पर तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाते हुए धमाके जैसी आवाज निकालते हैं। इससे न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि राहगीरों व आसपास के लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है।
यातायात पुलिस की मानें तो ढाई माह में लगभग 35 बुलेट वाहन का चालान किया गया है। इसमें मॉडिफाइड़ सायलेंसर लगवाकर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा था। वहीं एआरटीओ कार्यालय के अनुसार जांच के दौरान कई वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई हुई है। इसके बाद भी युवाओं में इसका क्रेज कम नही हो रहा है। वहीं शहर के साथ ही कस्बों व गांवों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई युवा इसे अपनी शान समझकर बाइक से पटाखे जैसी आवाज छोड़ते हैं।
अचानक तेज धमाके की आवाज के वजह से सड़ पर चल रहे लोग बुजुर्ग व छोटे बच्चे घबरा जाते हैं, जिससे दुर्घटना की खतरा भी बढ़ जाता है। शहर निवासी हरिराम मौर्या, रामदवन, कोईल, परवेज आदि का कहना है कि इस तरह के मॉडिफाइड सायलेंसर कानून के विरुद्ध हैं, फिर भी युवाओं में कानूनी कार्रवाई का कोई खौफ नही है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों की जांचकर सख्त कार्रवाई करने की मांग किया है, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर रोक लग सके और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मॉडिफाइड़ सायलेंसर से होने वाला नुकसान
- गलत बैक प्रेशर के कारण इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे उसके पुर्जे जल्दी घिस सकते हैं।
- मॉडिफाइड सायलेंसर से दहन कक्ष में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे इंजन बहुत ज्यादा गर्म हो सकता है। इससे पिस्टन पिघलने का खतरा भी रहता है।
- इसके इस्तेमाल से ईंधन की खपत बढ़ जाती है, जिससे गाड़ी का माइलेज काफी कम हो जाता है।
- मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, मॉडिफाइड सायलेंसर लगवाना गैरकानूनी है। इसके लिए 5,000 से 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- पुलिस आपकी गाड़ी को ज़ब्त कर सकती है और सायलेंसर को मौके पर ही निकलवाकर नष्ट कर सकती है।
- वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलाने के मामले में 6 महीने तक की जेल भी हो सकती है।
- इनसे निकलने वाली तेज़ आवाज़ (जैसे पटाखे या बम का धमाका) लोगों के कानों और दिल की सेहत के लिए हानिकारक है।
- मॉडिफाइड सायलेंसर अक्सर उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते, जिससे ज़हरीली गैसें अधिक मात्रा में निकलती हैं।
पिछले ढ़ाई माह में मॉडिफाइड़ सायलेंसर से पटाखे जैसी आवाज निकालने वाले लगभग 35 वाहनों के चालान किए गए हैं। आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा और नियम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-प्रियम राजशेखर पांडेय, सीओ यातायात
मॉडिफाइड़ सायलेंसर लगवाकर वाहन चलाना मोटरवाहन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन है। ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। वाहन चालकों से अपील है कि वे अपने वाहनों में अवैध रूप से सायलेंसर में बदलाव न कराएं और यातायात नियमाें का पालन करें।
-प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ
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- युवाओं के बीच बुलेट वाहन का तेजी से बढ़ रहा क्रेज
संतकबीरनगर। जिले में युवाओं के बीच बुलेट बाइक से पटाखे जैसी आवाज निकालने का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है। युवा बुलेट की मूल आवाज को बदलने के लिए मॉडिफाइड़ सायलेंसर लगवा रहे हैं और सड़कों पर तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाते हुए धमाके जैसी आवाज निकालते हैं। इससे न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि राहगीरों व आसपास के लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है।
यातायात पुलिस की मानें तो ढाई माह में लगभग 35 बुलेट वाहन का चालान किया गया है। इसमें मॉडिफाइड़ सायलेंसर लगवाकर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा था। वहीं एआरटीओ कार्यालय के अनुसार जांच के दौरान कई वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई हुई है। इसके बाद भी युवाओं में इसका क्रेज कम नही हो रहा है। वहीं शहर के साथ ही कस्बों व गांवों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई युवा इसे अपनी शान समझकर बाइक से पटाखे जैसी आवाज छोड़ते हैं।
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अचानक तेज धमाके की आवाज के वजह से सड़ पर चल रहे लोग बुजुर्ग व छोटे बच्चे घबरा जाते हैं, जिससे दुर्घटना की खतरा भी बढ़ जाता है। शहर निवासी हरिराम मौर्या, रामदवन, कोईल, परवेज आदि का कहना है कि इस तरह के मॉडिफाइड सायलेंसर कानून के विरुद्ध हैं, फिर भी युवाओं में कानूनी कार्रवाई का कोई खौफ नही है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों की जांचकर सख्त कार्रवाई करने की मांग किया है, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर रोक लग सके और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मॉडिफाइड़ सायलेंसर से होने वाला नुकसान
- गलत बैक प्रेशर के कारण इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे उसके पुर्जे जल्दी घिस सकते हैं।
- मॉडिफाइड सायलेंसर से दहन कक्ष में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे इंजन बहुत ज्यादा गर्म हो सकता है। इससे पिस्टन पिघलने का खतरा भी रहता है।
- इसके इस्तेमाल से ईंधन की खपत बढ़ जाती है, जिससे गाड़ी का माइलेज काफी कम हो जाता है।
- मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, मॉडिफाइड सायलेंसर लगवाना गैरकानूनी है। इसके लिए 5,000 से 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- पुलिस आपकी गाड़ी को ज़ब्त कर सकती है और सायलेंसर को मौके पर ही निकलवाकर नष्ट कर सकती है।
- वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलाने के मामले में 6 महीने तक की जेल भी हो सकती है।
- इनसे निकलने वाली तेज़ आवाज़ (जैसे पटाखे या बम का धमाका) लोगों के कानों और दिल की सेहत के लिए हानिकारक है।
- मॉडिफाइड सायलेंसर अक्सर उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते, जिससे ज़हरीली गैसें अधिक मात्रा में निकलती हैं।
पिछले ढ़ाई माह में मॉडिफाइड़ सायलेंसर से पटाखे जैसी आवाज निकालने वाले लगभग 35 वाहनों के चालान किए गए हैं। आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा और नियम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-प्रियम राजशेखर पांडेय, सीओ यातायात
मॉडिफाइड़ सायलेंसर लगवाकर वाहन चलाना मोटरवाहन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन है। ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। वाहन चालकों से अपील है कि वे अपने वाहनों में अवैध रूप से सायलेंसर में बदलाव न कराएं और यातायात नियमाें का पालन करें।
-प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ