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फर्जी पासपोर्ट : विदेश गए 47 लोगों में 36 का अब तक पता नहीं

संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 25 Jan 2026 01:29 AM IST
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Fake passports: 36 out of 47 people who went abroad are still untraceable.
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संतकबीरनगर। कागजात में हेराफेरी करके फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले 101 लोगों में विदेश गए 47 विदेश चले गए। शेष 54 लोग गायब हो गए। विदेश जाने वाले 47 लोगों की जांच पड़ताल में पुलिस ने 11 लोगों के पते का सत्यापन कर लिया। लेकिन, 36 का अब तक पता नहीं चल सका है।
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एसपी सत्यजीत गुप्ता ने वर्ष 2023 में सीओ अंशुमान मिश्र से जांच कराई तो वर्ष 2021-22 में 101 संदिग्ध पासपोर्ट मिले थे। उसमें गलत नाम-पता दर्शाकर पासपोर्ट बनवाया गया था। कुछ ऐसे लोगों का भी पासपोर्ट बन गया था, जिनकी थाना से रिपोर्ट में नाॅट क्लियर को क्लियर कर दिया गया था। पासपोर्ट बनवाने वालों में जिले के साथ ही गोरखपुर और आस-पास जिले के रहने वाले लोग थे। इस मामले में पासपोर्ट सेल के दरोगा व एलआईयू के मुख्य आरक्षी की संलिप्तता पाई गई थी। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर सिपाही व एक अन्य को गिरफ्तार करके ने जेल भिजवा दिया गया था। गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अरविंद कुमार उर्फ अमन यादव ने फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। उसे गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भिजवा दिया था।
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फर्जी पासपोर्ट मामले में उच्च स्तर पर हुई शिकायत के बाद हुए जांच में 101 पासपोर्ट सत्यापन में गड़बड़ी पाई गई। इनमें 95 आवेदक ऐसे थे, जो अपने निवास स्थान पर नहीं रहते थे और उनका पता सत्यापित कर दिया गया था। बाकी छह लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बाद भी उनका पासपोर्ट सत्यापित हो गया था। उसके बाद पासपोर्ट सेल के दरोगा कामेश्वर मिश्रा और एलआईयू के मुख्य आरक्षी मनोज पटेल व एक अन्य व्यक्ति विरेंद्र यादव निवासी विधियानी के खिलाफ सीओ ने कोतवाली खलीलाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 7 मार्च 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोतवाली पुलिस ने एलआईयू सिपाही मनोज पटेल एवं विरेंद्र यादव को तत्काल गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया था।
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फर्जी पासपोर्ट पर विदेश गए 47 में से 11 लोग हुए थे चिह्नित
फर्जी पासपोर्ट पर उस समय 47 लोग विदेश चले गए थे। वे रूस, कांगों, बैंकाक, कुवैत, इराक, थाईलैंड, यूनाइटेड अरब अमीरात आदि देशों में जा चुके थे। विदेश गए 11 लोगों को पुलिस ने चिह्नित भी कर लिया था। इनमें गोरखपुर जिले के गगहा क्षेत्र के छपरा निवासी भोला यादव पुत्र रंजीत ने खलीलाबाद से राजू पुत्र गंदा निवासी नेहरू चौक का पता दर्शा कर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। जबकि गगहा क्षेत्र के ही पचौरा दर्शी गांव के चंदन यादव पुत्र उमाशंकर यादव ने चंदू पुत्र शंकर निवासी नेहरू चौक खलीलाबाद, गोरखपुर के गोला क्षेत्र के भूपगढ़ बेलही भिरती निवासी अमर यादव पुत्र बेनी यादव ने राघव कुमार पुत्र राम अधार निवासी इमलीडीहा कोतवाली खलीलाबाद, गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के मानोकिशुनपुर खजुरी निवासी कमलेश यादव पुत्र स्वर्गीय सुभाष यादव ने अखिलेश पुत्र सुभाष प्रसाद निवासी गुलाम मंझरिया, कुशीनगर के रामकोला क्षेत्र के मोरवन निवासी विजय शुक्ल पुत्र महेंद्र शुक्ल ने विजय शुक्ल पुत्र महेंद्र शुक्ल निवासी इमलडीहा कोतवाली, गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के परसौली निवासी भोलू यादव पुत्र स्वर्गीय दिनेश यादव ने जय प्रकाश यादव पुत्र दिनेश यादव निवासी गांधीनगर मुखलिसपुर रोड खलीलाबाद, गगहा क्षेत्र के ही रानीपुर निवासी राहुल शाही पुत्र राधेश्याम शाही ने रुद्र प्रताप पुत्र उमाशंकर निवासी इमलीडीहा खलीलाबाद, गोरखपुर के बडहलगंज क्षेत्र के भिउरा उर्फ अलीगढ़वा निवासी सुनील यादव पुत्र राम अशीष यादव ने मंगल कुमार पुत्र जय प्रकाश निवासी इमलीडीहा खलीलबाद, बडहलगंज क्षेत्र के ही मानखोर निवासी गोविंद कुमार यादव पुत्र गिरिजा यादव ने देवेंद्र कुमार पुत्र संतोष निवासी गुलाम मंझरिया खलीलाबाद, गगहा क्षेत्र के छपरा निवासी रनधीर पुत्र रामबदन ने घनश्याम पुत्र श्याम बदन निवासी गोडही खलीलाबाद, उसी क्षेत्र के जगदीशपुर भलुअन निवासी विजय सिंह पुत्र जय प्रकाश सिंह ने अमरनाथ पुत्र राम प्रताप निवासी गुलाम मंझरिया खलीलाबाद कोतवाली खलीलाबाद का पता दिखा फर्जी पासपोर्ट बनवाया और विदेश चले गए थे।
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मुकदमे में आरोपी होने की वजह से बदला पता
फर्जी पासपोर्ट के मामले में आरोपितों ने मुकदमे में आरोपी होने की वजह से अपना पता बदल लिया। मामले से जुड़े लोगों की मानें तो बहुत से आवेदक ऐसे रहे, जिनके खिलाफ उनके मूल पते से संबंधित थाने पर आपराधिक केस दर्ज था। वहां से उनका पासपोर्ट वहां से नहीं बन पा रहा था। ऐसे में उक्त लोगों ने विधियानी निवासी विरेंद्र से संपर्क किया। विरेंद्र ने पासपोर्ट सेल के दरोगा एव एलआईयू सिपाही की मदद से उनका यहां के स्थानीय पते पर पासपोर्ट बनवाया गया। उनके बाकायदे 3,000 रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक वसूल किए गए थे।
लुक आउट सर्कुलर जारी होने के बाद हो रही गिरफ्तारी
फर्जी पासपोर्ट पर विदेश जाने वालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तरफ से लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया। उसके बाद जैसे ही विदेश से लोग आ रहे हैं, एयरपोर्ट अथाॅरिटी उन्हें अपनी गिरफ्त में लेकर पुलिस को सूचना दे रही है। पुलिस उन्हें यहां लाकर लिखा-पढ़ी पूरी करके जेल भेज रही है।
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सिपाही जिले में तो दरोगा का दूसरे जिले में हुआ तबादला
पासपोर्ट सेल के प्रभारी कामेश्वर मिश्र और एलआईयू सिपाही मनोज पटेल जेल से छूटकर बाहर भी आ गए हैं। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सिपाही मनोज पटेल बहाल होने के बाद फिर से एलआईयू में काम कर रहे हैं। जबकि दरोगा कामेश्वर मिश्र का गैर जनपद स्थानांतरण हो गया है।
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फर्जी पासपोर्ट मामले में केस दर्ज हुआ था। उसके बाद लुक आउट सर्कुलर जारी हुआ था। जैसे-जैसे लोग विदेश से आ रहे हैं, एयरपोर्ट प्रशासन की सूचना पर गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। -अमित कुमार सिंह, सीओ खलीलाबाद
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