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Sant Kabir Nagar News: तेंदुए की दहशत बरकरार, सात दिन बाद भी नहीं मिला सुराग
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पिंजरे के पास खड़े वनकर्मी। संवाद
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सांथा/ बेलहर। बेलहर थाना क्षेत्र के सुरसा चमनजोत जंगल में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद भी वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद वह अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है। लगातार कई दिनों से चल रहे सर्च अभियान के बावजूद तेंदुआ वन विभाग की टीम को चकमा दे रहा है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों और राहगीरों को सतर्क करने के लिए गांव-गांव डुग्गी मुनादी कराई जा रही है। साथ ही जंगल के आसपास और मुख्य मार्गों पर चेतावनी संबंधी पोस्टर भी लगाए गए हैं। लोगों से अकेले जंगल की ओर न जाने और सतर्क रहने की अपील की जा रही है। तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग ने जिला स्तरीय टीम को भी मौके पर बुलाया है।
टीम लगातार जंगल में कांबिंग कर रही है। जंगल के विभिन्न स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है, लेकिन अब तक तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी है।
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किसान खेतों और बाग-बगीचों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है और लोग बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहेगा।
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वन विभाग की ओर से ग्रामीणों और राहगीरों को सतर्क करने के लिए गांव-गांव डुग्गी मुनादी कराई जा रही है। साथ ही जंगल के आसपास और मुख्य मार्गों पर चेतावनी संबंधी पोस्टर भी लगाए गए हैं। लोगों से अकेले जंगल की ओर न जाने और सतर्क रहने की अपील की जा रही है। तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग ने जिला स्तरीय टीम को भी मौके पर बुलाया है।
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टीम लगातार जंगल में कांबिंग कर रही है। जंगल के विभिन्न स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है, लेकिन अब तक तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी है।
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किसान खेतों और बाग-बगीचों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है और लोग बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहेगा।