{"_id":"6a4d3c59f94446b72206398c","slug":"mortgaged-the-brothers-share-of-the-house-to-take-out-a-loan-khalilabad-news-c-209-1-kld1026-153447-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: भाइयों के हिस्से के मकान को गिरवी रख लिया लोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: भाइयों के हिस्से के मकान को गिरवी रख लिया लोन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। धनघटा तहसील क्षेत्र के मुखलिसपुर गांव में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां सगे भाई ने कथित तौर पर कपट का सहारा लेकर अपने ही भाइयों के हिस्से के मकान को बैंक में बंधक रख दिया। बैंक ऋण (लोन) न चुकाए जाने के बाद अब पूरे मकान की नीलामी कर उसे खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बेघर होने की कगार पर पहुंचे पीड़ित भाइयों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और जांच पूरी होने तक मकान खाली कराने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार राजस्व ग्राम मुखलिसपुर निवासी दशरथ ने मंगलवार को डीएम को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि गांव की जमीन में उनका, उनके भाई दुक्खी और तीसरे भाई रामअवध का नाम दर्ज है। इस भूमि पर मौजूद मकान का निर्माण तीनों भाइयों ने मिलकर कराया। नियमानुसार इस संपत्ति में तीनों भाइयों का हिस्सा बनता है। दशरथ का आरोप है कि उनके भाई रामअवध ने संयुक्त मकान पर पंजाब नेशनल बैंक शाखा नाथनगर से लोन ले लिया। दो हकदार भाइयों की सहमति नहीं ली गई।
पीड़ित का कहना है कि उन्हें इस धोखाधड़ी के घटनाक्रम की जानकारी तब हुई जब बैंक द्वारा बंधक मकान की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गई और मकान खाली कराने के आदेश जारी हो गए। तहसील प्रशासन द्वारा आठ जुलाई तक मकान खाली करने का नोटिस थमा दिया गया है।
विज्ञापन
दशरथ ने जिलाधिकारी से जब तक जांच रिपोर्ट का परीक्षण नहीं हो जाता और तीनों भाइयों का हिस्सा कानूनन अलग नहीं कर दिया जाता, तब तक बेदखली की कार्रवाई को स्थगित किया जाए। इस दौरान सपा नेता विनोद यादव, ग्राम प्रधान मनोज, अवधेश कुमार व आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
संतकबीरनगर। धनघटा तहसील क्षेत्र के मुखलिसपुर गांव में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां सगे भाई ने कथित तौर पर कपट का सहारा लेकर अपने ही भाइयों के हिस्से के मकान को बैंक में बंधक रख दिया। बैंक ऋण (लोन) न चुकाए जाने के बाद अब पूरे मकान की नीलामी कर उसे खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बेघर होने की कगार पर पहुंचे पीड़ित भाइयों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और जांच पूरी होने तक मकान खाली कराने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार राजस्व ग्राम मुखलिसपुर निवासी दशरथ ने मंगलवार को डीएम को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि गांव की जमीन में उनका, उनके भाई दुक्खी और तीसरे भाई रामअवध का नाम दर्ज है। इस भूमि पर मौजूद मकान का निर्माण तीनों भाइयों ने मिलकर कराया। नियमानुसार इस संपत्ति में तीनों भाइयों का हिस्सा बनता है। दशरथ का आरोप है कि उनके भाई रामअवध ने संयुक्त मकान पर पंजाब नेशनल बैंक शाखा नाथनगर से लोन ले लिया। दो हकदार भाइयों की सहमति नहीं ली गई।
विज्ञापन
पीड़ित का कहना है कि उन्हें इस धोखाधड़ी के घटनाक्रम की जानकारी तब हुई जब बैंक द्वारा बंधक मकान की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गई और मकान खाली कराने के आदेश जारी हो गए। तहसील प्रशासन द्वारा आठ जुलाई तक मकान खाली करने का नोटिस थमा दिया गया है।
विज्ञापन
दशरथ ने जिलाधिकारी से जब तक जांच रिपोर्ट का परीक्षण नहीं हो जाता और तीनों भाइयों का हिस्सा कानूनन अलग नहीं कर दिया जाता, तब तक बेदखली की कार्रवाई को स्थगित किया जाए। इस दौरान सपा नेता विनोद यादव, ग्राम प्रधान मनोज, अवधेश कुमार व आदि लोग मौजूद रहे।