{"_id":"6a4d3b493c0c6cd92401e396","slug":"ro-plants-and-washing-centers-have-sprung-up-in-neighborhoods-depleting-water-resources-khalilabad-news-c-209-1-kld1026-153423-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: गली-मोहल्ले में खुल गए आरओ प्लांट, वाशिंग सेंटर, कर रहे जल का दोहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: गली-मोहल्ले में खुल गए आरओ प्लांट, वाशिंग सेंटर, कर रहे जल का दोहन
विज्ञापन
खलीलाबाद के एक मोहल्ले में लगा आरओ प्लांट। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। जिले में भूजल का दोहन जारी है। वहीं घटते जलस्तर के कारण लोग परेशान हैं। शहर के कुछ वार्डों व ग्रामीण क्षेत्र के कई इलाकों में घरों में लगे मोटर व हैंडपंप मुश्किल से पानी दे रहे हैं। दूसरी तरफ स्थित यह है कि सड़क, बाजार व गली-मोहल्लों में आरओ प्लांट, वाशिंग सेंटर खोलकर भूजल का दोहन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इसके लिए पंजीकरण आवश्यक है, लेकिन इसकी भी अनदेखी की जा रही है।
जनपद में भूजल का उपयोग करने वाले केवल 14 कामर्शियल प्रतिष्ठानों ने ही लघु सिंचाई विभाग से एनओसी ली है। इसमें आरओ प्लांट व बोरिंग करने वाले समूह व अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। इसके अलावा भूजल का उपयोग करने वाले 12 प्रतिष्ठानों ने पंजीकरण कराया है।
दरअसल विभाग के मुताबिक 10 हजार लीटर से अधिक प्रतिदिन भूजल का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण व एनओसी आवश्यक है। इससे कम का उपयोग करने वालों के लिए केवल पंजीकरण जरूरी है। अब ऐसे में यदि लघु सिंचाई विभाग के इस आंकड़े पर गौर करें और खलीलाबाद शहर की स्थिति कोई देखे तो पता चलता है कि हाईवे, एचआरपीजी कॉलेज रोड, बरदहिया बाजार, धनघटा रोड सहित कई मार्गों पर वाशिंग सेंटर हैं। वहीं बाजार व मोहल्लों में आरओ प्लांट भी लगाए गए हैं।
विज्ञापन
अब ऐसी स्थिति में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार इनके रजिस्ट्रेशन व एनओसी के लिए कितने सक्रिय हैं। वहीं कामर्शियल प्रतिष्ठान चलाने वाले संचालक स्वयं कितने सजग हैं। कुल मिलाकर दोनों की लापरवाही के चलते जल का दोहन बदस्तूर जारी है। जलस्तर घटने का खामियाजा आमजन भुगत रहे हैं। यही हाल ग्रामीण क्षेत्र के अन्य इलाकों का भी है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
धर्मसिंहवा में चल रहे आरओ प्लांट-वाशिंग सेंटर
धर्मसिंहवा। क्षेत्र के मेंहदूपार, राजेडीहा, भानपुर माफी बौरव्यास बढ़या, सहित कई अन्य स्थानों पर गाड़ी धुलाई करने में जल का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा भानपुर माफी व राजेडीहा में आरओ प्लांट भूगर्भ जल की बर्बादी कर रहे हैं। क्षेत्र कुछ इलाकों में जलस्तर नीचे चले जाने के कारण नलों से पानी नहीं निकलने में दिक्कत हो रही है। हरिराम उपाध्याय, सत्येंद्र उपाध्याय, रामसंवारे राय, रामचंद्र शुक्ल सहित अन्य लोगों का कहना है कि जब वाटर लेवल की स्थिति सही न हो तब प्रशासन को ऐसी व्यावसायिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना चाहिए। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
मेंहदावल में दर्जन भर आरओ प्लांट
मेंहदावल। गर्मी के बीच कमजोर मानसून भूजल स्तर को तेजी से गिरा रहा है। गिरते जलस्तर को देखते हुए एसडीएम ने तीन गांव में बोरिंग से जल निकासी पर रोक लगा दी है। गर्मी में इंडिया मार्का हैंडपंप से ही लोगों को किसी तरह पानी मिल पा रहा है। वहीं आरओ प्लांट चलाने वालों पर रोक नहीं है। नियमों की अनदेखी कर वे पानी बेच रहे हैं। क्षेत्र में करीब एक दर्जन आरओ प्लांट हैं। सुबह से ही बड़ी-बड़ी टंकी ऑटो पर रखकर गांव तक सप्लाई किया जा रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
कोट,
भूमिगत जल संरक्षित करने के लिए औद्योगिक प्रतिष्ठान, आरओ प्लांट और सामूहिक उपयोगकर्ताओं को एनओसी व पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। नियमों की अनदेखी करने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।
-अश्विनी शुक्ल, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
धनघटा में तीन फीट गिरा जल स्तर, गहराया जल संकट
धनघटा। घाघरा और कुआनो नदी के बीच स्थित विकास खंड हैंसर बाजार और पौली में भी पानी का संकट गहराने लगा है। बोरिंग करने वालों का कहना है कि पानी जहां पहले 80 फ़ीट पर निकल आता था, वहां अब 83 फीट से अधिक बोरिंग करनी पड़ रही है। जल स्तर कम और बारिश न होने का खामियाजा किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। धान की रोपाई जहां प्रभावित हो रही है, वहीं रोपी गई धान की फसल सूख रही है। किसान राम लौट, परशुराम चौधरी, रामकृपाल, कल्पनाथ, राजाराम आदि का कहना है कि इस वर्ष मलमास था उम्मीद थी कि बारिश ठीक-ठाक होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
बेलहरकला में भी पानी की दिक्कत
बेलहर। विकास खंड बेलहर कला अंतर्गत ग्राम पंचायत मठियापार, बूढ़ी बेलहर सहित आसपास के कई गांवों में इन दिनों जल संकट गहराता जा रहा है। लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण हैंडपंप जवाब देने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और बारिश में देरी के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। संवाद
विज्ञापन
जनपद में भूजल का उपयोग करने वाले केवल 14 कामर्शियल प्रतिष्ठानों ने ही लघु सिंचाई विभाग से एनओसी ली है। इसमें आरओ प्लांट व बोरिंग करने वाले समूह व अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। इसके अलावा भूजल का उपयोग करने वाले 12 प्रतिष्ठानों ने पंजीकरण कराया है।
विज्ञापन
दरअसल विभाग के मुताबिक 10 हजार लीटर से अधिक प्रतिदिन भूजल का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण व एनओसी आवश्यक है। इससे कम का उपयोग करने वालों के लिए केवल पंजीकरण जरूरी है। अब ऐसे में यदि लघु सिंचाई विभाग के इस आंकड़े पर गौर करें और खलीलाबाद शहर की स्थिति कोई देखे तो पता चलता है कि हाईवे, एचआरपीजी कॉलेज रोड, बरदहिया बाजार, धनघटा रोड सहित कई मार्गों पर वाशिंग सेंटर हैं। वहीं बाजार व मोहल्लों में आरओ प्लांट भी लगाए गए हैं।
विज्ञापन
अब ऐसी स्थिति में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार इनके रजिस्ट्रेशन व एनओसी के लिए कितने सक्रिय हैं। वहीं कामर्शियल प्रतिष्ठान चलाने वाले संचालक स्वयं कितने सजग हैं। कुल मिलाकर दोनों की लापरवाही के चलते जल का दोहन बदस्तूर जारी है। जलस्तर घटने का खामियाजा आमजन भुगत रहे हैं। यही हाल ग्रामीण क्षेत्र के अन्य इलाकों का भी है।
धर्मसिंहवा में चल रहे आरओ प्लांट-वाशिंग सेंटर
धर्मसिंहवा। क्षेत्र के मेंहदूपार, राजेडीहा, भानपुर माफी बौरव्यास बढ़या, सहित कई अन्य स्थानों पर गाड़ी धुलाई करने में जल का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा भानपुर माफी व राजेडीहा में आरओ प्लांट भूगर्भ जल की बर्बादी कर रहे हैं। क्षेत्र कुछ इलाकों में जलस्तर नीचे चले जाने के कारण नलों से पानी नहीं निकलने में दिक्कत हो रही है। हरिराम उपाध्याय, सत्येंद्र उपाध्याय, रामसंवारे राय, रामचंद्र शुक्ल सहित अन्य लोगों का कहना है कि जब वाटर लेवल की स्थिति सही न हो तब प्रशासन को ऐसी व्यावसायिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना चाहिए। संवाद
मेंहदावल में दर्जन भर आरओ प्लांट
मेंहदावल। गर्मी के बीच कमजोर मानसून भूजल स्तर को तेजी से गिरा रहा है। गिरते जलस्तर को देखते हुए एसडीएम ने तीन गांव में बोरिंग से जल निकासी पर रोक लगा दी है। गर्मी में इंडिया मार्का हैंडपंप से ही लोगों को किसी तरह पानी मिल पा रहा है। वहीं आरओ प्लांट चलाने वालों पर रोक नहीं है। नियमों की अनदेखी कर वे पानी बेच रहे हैं। क्षेत्र में करीब एक दर्जन आरओ प्लांट हैं। सुबह से ही बड़ी-बड़ी टंकी ऑटो पर रखकर गांव तक सप्लाई किया जा रहा है।
कोट,
भूमिगत जल संरक्षित करने के लिए औद्योगिक प्रतिष्ठान, आरओ प्लांट और सामूहिक उपयोगकर्ताओं को एनओसी व पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। नियमों की अनदेखी करने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।
-अश्विनी शुक्ल, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग
धनघटा में तीन फीट गिरा जल स्तर, गहराया जल संकट
धनघटा। घाघरा और कुआनो नदी के बीच स्थित विकास खंड हैंसर बाजार और पौली में भी पानी का संकट गहराने लगा है। बोरिंग करने वालों का कहना है कि पानी जहां पहले 80 फ़ीट पर निकल आता था, वहां अब 83 फीट से अधिक बोरिंग करनी पड़ रही है। जल स्तर कम और बारिश न होने का खामियाजा किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। धान की रोपाई जहां प्रभावित हो रही है, वहीं रोपी गई धान की फसल सूख रही है। किसान राम लौट, परशुराम चौधरी, रामकृपाल, कल्पनाथ, राजाराम आदि का कहना है कि इस वर्ष मलमास था उम्मीद थी कि बारिश ठीक-ठाक होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संवाद
बेलहरकला में भी पानी की दिक्कत
बेलहर। विकास खंड बेलहर कला अंतर्गत ग्राम पंचायत मठियापार, बूढ़ी बेलहर सहित आसपास के कई गांवों में इन दिनों जल संकट गहराता जा रहा है। लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण हैंडपंप जवाब देने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और बारिश में देरी के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। संवाद