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Sant Kabir Nagar News: न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं प्रेमचंद
Sat, 01 Aug 2026 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:01 AM IST
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हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित गोष्ठी में उपस्थित शिक्षक व विद्यार्थी।
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संतकबीरनगर। हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग में शुक्रवार को हिंदी साहित्य के अमर कथाकार प्रेमचंद की 146वीं जयंती के अवसर पर साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शौर्यजीत सिंह ने संगोष्ठी की विषय प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज के समय में भी प्रेमचंद हमें सत्य, न्याय, समानता और मानवीय करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। प्राचार्य प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेमचंद जैसे साहित्यकारों को पढ़कर जीवन जीने का विवेक पैदा होता है, इसलिए छात्रों को पुस्तकों से ज्यादा से ज्यादा दोस्ती करनी चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी और अध्यक्ष के रूप में महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अमित भारती उपस्थित रहे।
महाविद्यालय के अन्य शिक्षक प्रोफेसर अमर सिंह, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ पुरुषोत्तम पांडेय, डॉ. विजय प्रकाश त्रिपाठी और डॉ चंद्र प्रकाश शाही ने प्रेमचंद के जीवन और साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
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हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शौर्यजीत सिंह ने संगोष्ठी की विषय प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज के समय में भी प्रेमचंद हमें सत्य, न्याय, समानता और मानवीय करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। प्राचार्य प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेमचंद जैसे साहित्यकारों को पढ़कर जीवन जीने का विवेक पैदा होता है, इसलिए छात्रों को पुस्तकों से ज्यादा से ज्यादा दोस्ती करनी चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी और अध्यक्ष के रूप में महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अमित भारती उपस्थित रहे।
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महाविद्यालय के अन्य शिक्षक प्रोफेसर अमर सिंह, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ पुरुषोत्तम पांडेय, डॉ. विजय प्रकाश त्रिपाठी और डॉ चंद्र प्रकाश शाही ने प्रेमचंद के जीवन और साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
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