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Sant Kabir Nagar News: बारिश शुरू होते ही छाता और तिरपाल की बिक्री बढ़ी
Sun, 12 Jul 2026 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:20 AM IST
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सेमरियावां। मानसून की सक्रियता के साथ ही क्षेत्र में हो रही बारिश ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। बारिश शुरू होते ही सेमरियावां बाजार सहित आसपास के कस्बों में छाता, रेनकोट और तिरपाल की मांग बढ़ गई है। दुकानों पर सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है।
सेमरियावां ब्लाॅक क्षेत्र के करही, उसराशहीद, सेमरियावां, बाघनगर पैड़ी दुधारा, चिउटना, दानोकुइयां, नव्वागांव, सालेहपुर, टेमारहमत, लौहरौली बाजार आदि चौराहों पर बारिश के चलते छतरी, तिरपाल, रेनकोट की बिक्री तेज हो गई है। किसान, छोटे दुकानदार और आम लोग जरूरत के अनुसार छाता व तिरपाल की खरीदारी कर रहे हैं। कृषि कार्यों में तेजी आने के कारण किसान धान की रोपाई के साथ खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री को बारिश से बचाने के लिए बड़े आकार के तिरपाल खरीद रहे हैं।
वहीं ठेला-खोमचा लगाने वाले दुकानदार और छोटे व्यवसायी भी अपने सामान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की खरीद कर रहे हैं। स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों में छाता और रेनकोट की मांग अधिक देखी जा रही है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कुछ दिनों तक बारिश न होने से बिक्री सामान्य थी, लेकिन बारिश शुरू होते ही ग्राहकों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। विभिन्न गुणवत्ता और आकार के छाते 200 से 700 रुपये तथा तिरपाल 300 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों की मांग सबसे अधिक है। बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान छाता और तिरपाल अब जरूरत की वस्तु बन चुके हैं।
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अचानक होने वाली बारिश से बचाव और घरेलू सामान की सुरक्षा के लिए इनकी खरीदारी आवश्यक हो गई है। क्षेत्र के अकबर अली, राम लाल, राम केवल, अब्दुल हई आदि व्यापारियों का मानना है कि यदि कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो छाता, रेनकोट और तिरपाल की बिक्री में और तेजी आने की संभावना है, जिससे स्थानीय बाजारों में कारोबार को भी अच्छा सहारा मिलेगा।
सेमरियावां ब्लाॅक क्षेत्र के करही, उसराशहीद, सेमरियावां, बाघनगर पैड़ी दुधारा, चिउटना, दानोकुइयां, नव्वागांव, सालेहपुर, टेमारहमत, लौहरौली बाजार आदि चौराहों पर बारिश के चलते छतरी, तिरपाल, रेनकोट की बिक्री तेज हो गई है। किसान, छोटे दुकानदार और आम लोग जरूरत के अनुसार छाता व तिरपाल की खरीदारी कर रहे हैं। कृषि कार्यों में तेजी आने के कारण किसान धान की रोपाई के साथ खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री को बारिश से बचाने के लिए बड़े आकार के तिरपाल खरीद रहे हैं।
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वहीं ठेला-खोमचा लगाने वाले दुकानदार और छोटे व्यवसायी भी अपने सामान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की खरीद कर रहे हैं। स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों में छाता और रेनकोट की मांग अधिक देखी जा रही है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कुछ दिनों तक बारिश न होने से बिक्री सामान्य थी, लेकिन बारिश शुरू होते ही ग्राहकों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। विभिन्न गुणवत्ता और आकार के छाते 200 से 700 रुपये तथा तिरपाल 300 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों की मांग सबसे अधिक है। बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान छाता और तिरपाल अब जरूरत की वस्तु बन चुके हैं।
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अचानक होने वाली बारिश से बचाव और घरेलू सामान की सुरक्षा के लिए इनकी खरीदारी आवश्यक हो गई है। क्षेत्र के अकबर अली, राम लाल, राम केवल, अब्दुल हई आदि व्यापारियों का मानना है कि यदि कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो छाता, रेनकोट और तिरपाल की बिक्री में और तेजी आने की संभावना है, जिससे स्थानीय बाजारों में कारोबार को भी अच्छा सहारा मिलेगा।