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Sant Kabir Nagar News: डीहवा में जांच करने पहुंची टीम, सचिव नहीं दिखा सके विकास कार्यों की फाइल
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धनघटा। पौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डीहवा में विकास कार्यों में अनियमितता और धांधली की शिकायत पर लोकायुक्त के आदेश के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंची। हालांकि जांच के दौरान ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों से संबंधित फाइल प्रस्तुत न किए जाने से जांच प्रक्रिया ठप हो गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत डीहवा निवासी शिकायतकर्ता शहाबुद्दीन ने गांव में कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन के गबन और अनियमितता का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए लोकायुक्त के निर्देश पर स्थलीय जांच के लिए जिले के अधिकारी गांव पहुंचे।
जांच टीम के पहुंचने पर ग्रामीण और शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद रहे लेकिन जब अधिकारियों ने बिंदुवार अभिलेखों और फाइलों का मिलान करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव से रिकॉर्ड की मांग की तो सचिव फाइल या अभिलेख अधिकारियों के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके। विकास कार्यों से संबंधित दस्तावेज और फाइलें न दिखाए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की।
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फाइलें उपलब्ध न होने के कारण भौतिक सत्यापन और अभिलेखीय जांच अधूरी रह गई। शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धांधली को छिपाने के उद्देश्य से फाइलें दबाई जा रही हैं। वहीं, जांच अधिकारियों ने सचिव के इस रवैये को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों और लोकायुक्त को भेजने की बात कही है।
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जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत डीहवा निवासी शिकायतकर्ता शहाबुद्दीन ने गांव में कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन के गबन और अनियमितता का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए लोकायुक्त के निर्देश पर स्थलीय जांच के लिए जिले के अधिकारी गांव पहुंचे।
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जांच टीम के पहुंचने पर ग्रामीण और शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद रहे लेकिन जब अधिकारियों ने बिंदुवार अभिलेखों और फाइलों का मिलान करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव से रिकॉर्ड की मांग की तो सचिव फाइल या अभिलेख अधिकारियों के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके। विकास कार्यों से संबंधित दस्तावेज और फाइलें न दिखाए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की।
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फाइलें उपलब्ध न होने के कारण भौतिक सत्यापन और अभिलेखीय जांच अधूरी रह गई। शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धांधली को छिपाने के उद्देश्य से फाइलें दबाई जा रही हैं। वहीं, जांच अधिकारियों ने सचिव के इस रवैये को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों और लोकायुक्त को भेजने की बात कही है।