{"_id":"69b9c53bc1d70697680d6b84","slug":"the-team-had-come-to-dudhara-to-investigate-the-use-of-packaging-and-design-khalilabad-news-c-209-1-kld1026-147599-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: पैकेजिंग और डिजाइन के इस्तेमाल की जांच के लिए दुधारा में आई थी टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: पैकेजिंग और डिजाइन के इस्तेमाल की जांच के लिए दुधारा में आई थी टीम
विज्ञापन
विज्ञापन
संकबीरनगर। दुधारा क्षेत्र के पिपरा गोविंद गांव में मेसर्स एके केमिकल फर्म में नामी सर्फ कंपनी की तरह पैकेजिंग और डिजाइन का इस्तेमाल करने के मामले में टीम ने सोमवार की देर शाम छापा मारा। दिल्ली की रोहिणी अदालत ने इस मामले में तुलसी प्लस ब्रांड के खिलाफ ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोप में उत्पाद और आपूर्ति पर रोक भी लगा दी है।
अदालत ने जय केमिकल वर्क्स के मालिक जय कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। पिछले साल भी अदालत के आदेश पर टीम मेसर्स एके केमिकल पर छापा मारा था।
कानपुर निवासी जय कुमार ने अदालत में दावा किया है कि उनका प्रसिद्ध हरा पत्ता/ग्रीन लीफ ब्रांड वर्ष 1996 से स्थापित है। यह डिटर्जेंट पाउडर, डिटर्जेंट केक एवं संबंधित उत्पादों के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिवादी अरविंद कुमार, प्रोप्राइटर मेसर्स एके केमिकल ने तुलसी प्लस नाम, पैकेजिंग डिजाइन और रंग संयोजन का उपयोग कर उपभोक्ताओं को भ्रमित किया और उनके प्रतिष्ठित ब्रांड की साख का अनुचित लाभ उठाया। अदालत ने पाया कि प्रतिवादी द्वारा उपयोग की गई पैकेजिंग और ट्रेड ड्रेस वादी के पंजीकृत हरा पत्ता ट्रेडमार्क से अत्यधिक समान है।
जिला न्यायाधीश (कॉमर्शियल कोर्ट-2), रोहिणी विनोद यादव ने आदेश पारित करते हुए प्रतिवादी को तुलसी प्लस या उससे मिलते-जुलते नाम, ट्रेडमार्क और पैकेजिंग के उपयोग से रोक दिया। वहीं लोकल कमिश्नर अधिवक्ता ने प्रतिवादी के दुधारा थाना क्षेत्र के पिपरा गोविंद गांव में स्थित फर्म के परिसर से कथित उल्लंघनकारी डिटर्जेंट उत्पाद, पैकेजिंग और दस्तावेज जब्त किए।
Trending Videos
अदालत ने जय केमिकल वर्क्स के मालिक जय कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। पिछले साल भी अदालत के आदेश पर टीम मेसर्स एके केमिकल पर छापा मारा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर निवासी जय कुमार ने अदालत में दावा किया है कि उनका प्रसिद्ध हरा पत्ता/ग्रीन लीफ ब्रांड वर्ष 1996 से स्थापित है। यह डिटर्जेंट पाउडर, डिटर्जेंट केक एवं संबंधित उत्पादों के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिवादी अरविंद कुमार, प्रोप्राइटर मेसर्स एके केमिकल ने तुलसी प्लस नाम, पैकेजिंग डिजाइन और रंग संयोजन का उपयोग कर उपभोक्ताओं को भ्रमित किया और उनके प्रतिष्ठित ब्रांड की साख का अनुचित लाभ उठाया। अदालत ने पाया कि प्रतिवादी द्वारा उपयोग की गई पैकेजिंग और ट्रेड ड्रेस वादी के पंजीकृत हरा पत्ता ट्रेडमार्क से अत्यधिक समान है।
जिला न्यायाधीश (कॉमर्शियल कोर्ट-2), रोहिणी विनोद यादव ने आदेश पारित करते हुए प्रतिवादी को तुलसी प्लस या उससे मिलते-जुलते नाम, ट्रेडमार्क और पैकेजिंग के उपयोग से रोक दिया। वहीं लोकल कमिश्नर अधिवक्ता ने प्रतिवादी के दुधारा थाना क्षेत्र के पिपरा गोविंद गांव में स्थित फर्म के परिसर से कथित उल्लंघनकारी डिटर्जेंट उत्पाद, पैकेजिंग और दस्तावेज जब्त किए।