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Sant Kabir Nagar News: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मी
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- तिथि भले नहीं घोषित हुई लेकिन भाग दौड़ तेज कर दिए हैं भावी दावेदार
धनघटा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीख चुनाव आयोग ने भले ही नहीं अभी तक घोषित किया है, लेकिन संभावित चुनाव के मद्देनजर विभिन्न पदों के भावी दावेदार भाग दौड़ शुरू कर दी है। कुछ लोगों का कहना है कि चुनाव अपने समय पर होगा, लेकिन कुछ चुनाव में विलंब होने का अंदाजा लगा रहे हैं।
मालूम हो कि पंचायत चुनाव को लेकर अभी तक शासन की ओर से कोई निर्णय नहीं आया है। पंचायत चुनाव कब तक होगा इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश के बयान को मानकर कुछ लोग समय से चुनाव कराए जाने की बात करते हुए अपनी तैयारी भी शुरू कर दिए हैं।
सर्वाधिक दौड़ भाग ग्राम पंचायत के प्रधान पद के संभावित दावेदार कर रहे हैं। वहीं वर्तमान समय में जो प्रधान है वह भी चाहते हैं कि चुनाव जल्द से जल्द हो जाए। जिससे रोजाना होने वाली खर्च पर अंकुश लग सके। गांव में हालत यह है कि किसी मतदाता के घर शादी विवाह पड़ रहा है तो उसके वहां प्रधान पद के संभावित दावेदार अपने जी जान से जुट जा रहे हैं। जितना सामर्थ्य है। उसके अनुसार खर्च भी करने में पीछे नहीं हट रहे हैं। प्रधान पद के कुछ संभावित दावेदारों का कहना है कि पंचायत चुनाव जितना ही जल्दी संपन्न हो जाएगा। उतना ही सभी के लिए अच्छा होगा। जितना लंबा खींचेगा उतना ही अधिक खर्च बढ़ेगी। अभी तक आरक्षण को लेकर कोई निर्णय शासन की तरफ से नहीं लिया गया है। कौन सा गांव किस जाति के पद के लिए आरक्षित होगा इसका फैसला आना बाकी है। लोगों का कहना है कि 15 अप्रैल को मतदाता सूची प्रशासन के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी और चुनाव की तारीख भी सामने आ सकती है। चुनाव की तारीख भले ही विलंब से आवे लेकिन संभावित दावेदार पद पाने के लिए कसरत करना शुरू कर दिए हैं।
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धनघटा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीख चुनाव आयोग ने भले ही नहीं अभी तक घोषित किया है, लेकिन संभावित चुनाव के मद्देनजर विभिन्न पदों के भावी दावेदार भाग दौड़ शुरू कर दी है। कुछ लोगों का कहना है कि चुनाव अपने समय पर होगा, लेकिन कुछ चुनाव में विलंब होने का अंदाजा लगा रहे हैं।
मालूम हो कि पंचायत चुनाव को लेकर अभी तक शासन की ओर से कोई निर्णय नहीं आया है। पंचायत चुनाव कब तक होगा इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश के बयान को मानकर कुछ लोग समय से चुनाव कराए जाने की बात करते हुए अपनी तैयारी भी शुरू कर दिए हैं।
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सर्वाधिक दौड़ भाग ग्राम पंचायत के प्रधान पद के संभावित दावेदार कर रहे हैं। वहीं वर्तमान समय में जो प्रधान है वह भी चाहते हैं कि चुनाव जल्द से जल्द हो जाए। जिससे रोजाना होने वाली खर्च पर अंकुश लग सके। गांव में हालत यह है कि किसी मतदाता के घर शादी विवाह पड़ रहा है तो उसके वहां प्रधान पद के संभावित दावेदार अपने जी जान से जुट जा रहे हैं। जितना सामर्थ्य है। उसके अनुसार खर्च भी करने में पीछे नहीं हट रहे हैं। प्रधान पद के कुछ संभावित दावेदारों का कहना है कि पंचायत चुनाव जितना ही जल्दी संपन्न हो जाएगा। उतना ही सभी के लिए अच्छा होगा। जितना लंबा खींचेगा उतना ही अधिक खर्च बढ़ेगी। अभी तक आरक्षण को लेकर कोई निर्णय शासन की तरफ से नहीं लिया गया है। कौन सा गांव किस जाति के पद के लिए आरक्षित होगा इसका फैसला आना बाकी है। लोगों का कहना है कि 15 अप्रैल को मतदाता सूची प्रशासन के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी और चुनाव की तारीख भी सामने आ सकती है। चुनाव की तारीख भले ही विलंब से आवे लेकिन संभावित दावेदार पद पाने के लिए कसरत करना शुरू कर दिए हैं।