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Sant Kabir Nagar News: दियारा में कई जगह भरा पानी, नाव से खेतों तक जा रहे ग्रामीण
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तेजपुर गांव स्थित बांध से अपने फसलों को नाव से देखने जाते ग्रामीण। संवाद
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धनघटा/ मेंहदावल। जिले में दो दिन तक सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद शनिवार को 300 सेमी पर स्थिर हो गया। हालांकि नदी का जलस्तर भले ही कम है लेकिन दियारा में फैला बाढ़ का पानी किसानों, पशुपालकों के लिए परेशानी खड़ा कर रहा है। यहां के लोगों की अधिकतर खेती नदी के तलहटी में है। मवेशियों को चारा लाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मेंहदावल में राप्ती का जलस्तर 14 सेंटीमीटर गिरा है।
धनघटा तहसील क्षेत्र में सरयू 32 किलोमीटर की लंबाई में बहती है। पश्चिम में रामपुर-मकदूमपुर से शुरू होकर पूरब में बहराडाड़ी तक नदी का दायरा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पश्चिम के गांव तेजपुर, भोतहा, पड़रिया, रामपुर, मकदुमपुर आदि गांवों के लोगों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है।
गांव वालों का कहना है कि चारा काटने के लिए नाव से दियारा में जाना पड़ रहा है। इसके साथ जो गांव बंधे से दक्षिण में बसे हैं उन गांव के लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। गांव वालों का कहना है कि नदी का जलस्तर भले ही अभी नीचे है, लेकिन दियारा में बाढ़ का पानी फैलना शुरू हो गया है, जिससे फसल और चारा डूबने लगा है।
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शनिवार को पशुओं के लिए चारा काटने नाव से जाते हुए रामदयाल, शिवपूजन, रामचंद्र, रामकृपाल, कल्पनाथ, राजाराम, शिवकुमार, रामकेश आदि ने बताया कि नदी का पानी जब कम होता है तो नदी कटान भी करती है। खेती योग्य भूमि कट कर नदी की धारा में विलीन हो जा रही है। कटान के कारण बहुत से लोग भूमिहीन होते जा रहे हैं।
दियारा में बसे गांव के लोग प्रतिवर्ष बाढ़ का दंश झेलने को मजबूर हैं। गांव वालों का कहना है कि बाढ़ आने के समय शासन प्रशासन के लोग बांध से उत्तर बसाए जाने की बात करते हैं और जब बाढ़ चली जाती है तो अपनी बात भूल जाते हैं। अवर अभियंता अर्चना गुप्ता ने बताया कि नदी का पानी शनिवार को स्थिर है।
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मेंहदावल में 14 सेंटीमीटर गिरा राप्ती का जलस्तर
मेंहदावल। राप्ती के बढ़या ठाठर में जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है। शनिवार को सुबह और शाम के समय राप्ती के जलस्तर में लगभग 14 सेंटीमीटर की गिरावट देखी गई। यह क्षेत्र के लोगों तथा विभागीय अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर है।
क्षेत्र के पूर्वी-उत्तरी हिस्से में स्थित राप्ती का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। शनिवार को सुबह आठ बजे राप्ती का जलस्तर 76.38 मीटर था। वहीं सायं चार बजे नदी का जलस्तर 76.24 मीटर पर आ गया। 14 सेंटीमीटर जलस्तर एक ही दिन में कम हुआ। यह विभागीय अधिकारियों के लिए जहां राहत की बात है वहीं क्षेत्रीय लोगों की चिंता भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है।
19.2 किमी लंबे तटबंध की नियमित निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी 24 घंटे तैनात हैं। किसी भी कटान या जलभराव की सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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नदी का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा है। जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है। कर्मचारी यहां लगातार बने हुए हैं। तटबंध और जलस्तर दोनों की निगरानी कराई जा रही है। इसके बाद भी प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क पर रखा है। नावों, राहत सामग्री तथा बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-मनीष राय, सहायक अभियंता, ड्रेनेज खंड
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धनघटा तहसील क्षेत्र में सरयू 32 किलोमीटर की लंबाई में बहती है। पश्चिम में रामपुर-मकदूमपुर से शुरू होकर पूरब में बहराडाड़ी तक नदी का दायरा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पश्चिम के गांव तेजपुर, भोतहा, पड़रिया, रामपुर, मकदुमपुर आदि गांवों के लोगों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है।
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गांव वालों का कहना है कि चारा काटने के लिए नाव से दियारा में जाना पड़ रहा है। इसके साथ जो गांव बंधे से दक्षिण में बसे हैं उन गांव के लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। गांव वालों का कहना है कि नदी का जलस्तर भले ही अभी नीचे है, लेकिन दियारा में बाढ़ का पानी फैलना शुरू हो गया है, जिससे फसल और चारा डूबने लगा है।
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शनिवार को पशुओं के लिए चारा काटने नाव से जाते हुए रामदयाल, शिवपूजन, रामचंद्र, रामकृपाल, कल्पनाथ, राजाराम, शिवकुमार, रामकेश आदि ने बताया कि नदी का पानी जब कम होता है तो नदी कटान भी करती है। खेती योग्य भूमि कट कर नदी की धारा में विलीन हो जा रही है। कटान के कारण बहुत से लोग भूमिहीन होते जा रहे हैं।
दियारा में बसे गांव के लोग प्रतिवर्ष बाढ़ का दंश झेलने को मजबूर हैं। गांव वालों का कहना है कि बाढ़ आने के समय शासन प्रशासन के लोग बांध से उत्तर बसाए जाने की बात करते हैं और जब बाढ़ चली जाती है तो अपनी बात भूल जाते हैं। अवर अभियंता अर्चना गुप्ता ने बताया कि नदी का पानी शनिवार को स्थिर है।
मेंहदावल में 14 सेंटीमीटर गिरा राप्ती का जलस्तर
मेंहदावल। राप्ती के बढ़या ठाठर में जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है। शनिवार को सुबह और शाम के समय राप्ती के जलस्तर में लगभग 14 सेंटीमीटर की गिरावट देखी गई। यह क्षेत्र के लोगों तथा विभागीय अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर है।
क्षेत्र के पूर्वी-उत्तरी हिस्से में स्थित राप्ती का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। शनिवार को सुबह आठ बजे राप्ती का जलस्तर 76.38 मीटर था। वहीं सायं चार बजे नदी का जलस्तर 76.24 मीटर पर आ गया। 14 सेंटीमीटर जलस्तर एक ही दिन में कम हुआ। यह विभागीय अधिकारियों के लिए जहां राहत की बात है वहीं क्षेत्रीय लोगों की चिंता भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है।
19.2 किमी लंबे तटबंध की नियमित निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी 24 घंटे तैनात हैं। किसी भी कटान या जलभराव की सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नदी का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा है। जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है। कर्मचारी यहां लगातार बने हुए हैं। तटबंध और जलस्तर दोनों की निगरानी कराई जा रही है। इसके बाद भी प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क पर रखा है। नावों, राहत सामग्री तथा बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-मनीष राय, सहायक अभियंता, ड्रेनेज खंड