शाहजहांपुर हादसा: 20 मीटर तक घिसटी कार, तीन युवकों की मौत; 20 अप्रैल को होनी थी अरुण की शादी
बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर सुगसुगी मोड़ के पास बुधवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन ली। हादसे में अरुण, ऋषभ और संजय की मौत हो गई थी। अरुण की शादी 20 अप्रैल को होनी थी। तीनों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
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शाहजहांपुर के अल्हागंज क्षेत्र में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर सुगसुगी मोड़ के पास बुधवार सुबह धुंध के बीच ओवरटेक कर रही रोडवेज बस सामने से आती कार से टकरा गई। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। मृतकों में लखीमपुर खीरी के थाना गोला के गांव मूढ़ा भाई के अरुण कुमार (26), ऋषभ (19) और मोहम्मदी थाना क्षेत्र के गांव अमीननगर मूढ़ा खालसा निवासी संजय (30) शामिल हैं। अरुण व संजय फुफेरे-ममेरे भाई थे। अनिल कुमार सेकंड हैंड कार खरीदने के लिए इटावा जा रहे थे। कार संजय चला रहे थे। सुगसुगी मोड़ के पास टक्कर मारने वाली बरेली डिपो की बस का चालक हादसे के बाद भाग गया। हादसे में अरुण के भाई अनिल और गौरव गंभीर रूप से घायल हुए।
पुलिस ने घायलों को सीएचसी भेजा। वहां से दोनों को फर्रुखाबाद रेफर कर दिया। अनिल की हालत गंभीर होने पर लखनऊ भेजा गया है। एआरटीओ हरिओम ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बस चालक ने किसी वाहन को ओवरटेक किया था। चालक संजय ने कार रोकने के लिए ब्रेक लगाए, लेकिन तब तक देर हो गई। कार के पहियों के रगड़ने के निशान भी मिले हैं।
20 मीटर तक घिसटी कार...वाहनों को अलग करने में जूझी पुलिस
धुंध और ओवरटेक करने के फेर में बरेली डिपो की बस की टक्कर से कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर लगने के बाद कार करीब 20 मीटर तक घिसटती चली गई। बस में फंसी कार को अलग करने के लिए दो जेसीबी मंगाईं गईं। जेसीबी से कार के पार्ट अलग कर संजय के शव को निकाला जा सका।
कार में पांच लोग सवार होकर इटावा जाने के लिए निकले थे। कार की ड्राइविंग सीट पर संजय सवार थे। बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर सुबह सात बजे कार और बस की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के बाद कार बस में बुरी तरह से फंस गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कार सवारों को निकालने का प्रयास किया।
पुलिस ने अरुण, ऋषभ के शव को निकाल लिया। अनिल और गौरव के घायल होने पर उन्हें सीएचसी भेजा। वहीं चालक की सीट पर बैठा संजय बुरी तरह से फंस गया। पुलिस ने कार को खींचकर निकालने का प्रयास किया। कामयाबी नहीं मिलने पर दो जेसीबी को बुलाया गया। जेसीबी से कार को खींचकर अलग किया गया। पुलिस के अनुसार, जेसीबी से कार के कुछ पार्ट को अलग कर संजय के शव को निकाला गया। इस कार्य में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा।
20 अप्रैल को थी अरुण की शादी
गुरुचरण का पुत्र अरुण मोमोज का ठेला लगाता था। जनवरी में अरुण की सगाई ममूरी निवासी युवती के साथ हुई थी। उसकी शादी 20 अप्रैल को होनी थी। शादी की तैयारियां चलने के दौरान अरुण की मौत से परिवार में मातम छाया है। उनका भाई अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लखनऊ ले गए हैं। उनकी मां रामलली शव को देखकर बिलख पड़ीं। जवान बेटे की मौत से उनके आंसू नहीं थम रहे थे।
ऋषभ के लिए लड़की देखने जाने की तैयारी में थे परिजन
19 वर्षीय ऋषभ के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वर्ष 2024 में ऋषभ के पिता का आकस्मिक निधन हो गया था। उसके बाद ऋषभ ने दो अन्य भाइयाें के साथ मिलकर परिवार को संभाला। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर कर रहा था। परिजन ने उसके विवाह की तैयारी शुरू कर दी थी। शुक्रवार को परिजन लड़की देखने के लिए पुवायां जाने वाले थे, लेकिन हादसे में सारी खुशियां मातम में बदल गईं। उनकी मौत से भाई अनुराग व अवनीश भी बिलख पड़े। उनकी मां खिलौना देवी भी काफी गमजदा हैं।
संजय की मौत से कच्ची गृहस्थी बिखरी
मजदूरी करने वाले संजय की मौत से उनकी कच्ची गृहस्थी बिखर गई। उनका विवाह पिंकी के साथ हुआ था। उनका एक बेटा चिंटू हैं। दो भाइयों में सबसे बड़े संजय पत्नी से जल्दी आने की बात कहकर निकले थे, लेकिन हादसे की खबर पुलिस के जरिये पहुंचने पर परिवार में मातम छा गया। परिजनों के अनुसार, कार में सवार सभी लोग आपस में दोस्त भी थे। तभी एक साथ कार खरीदने देखने के लिए जा रहे थे। घर से चलने के बाद जलालाबाद के एक फ्यूल स्टेशन पर गाड़ी में डीजल भी डलवाया था।
बस में सवार थे दस से 12 यात्री
जिस बस से कार की टक्कर हुई है, उसमें दस से 12 यात्री सवार थे। जोरदार टक्कर लगने से बस में सवार यात्रियों में खलबली मच गई। हादसे में किसी को चोट नहीं आई। यात्री अन्य वाहनों से अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
कार में छह लोगों के बैठे होने की चर्चा
हादसे के बाद कार में छह लोग बताए गए। तीन लोगों की मौत व दो लोग घायल हुए हैं। मृतकों के परिजन के अनुसार, कार में छठा व्यक्ति सौरभ निवासी बड़ेरा मुल्तान के होने की चर्चा है। हालांकि, उसका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस भी कुछ नहीं बता पा रही है। अनिल कार को खरीदने के लिए निकले थे। उनके पास रुपये भी थे। हादसे के बाद रुपये गायब होने की चर्चा सामने आई। पोस्टमॉर्टम हाउस पर आए परिजनों ने बताया कि अनिल के रुपये वापस मिल गए हैं।
एआरटीओ भी मौके पर पहुंचे
हादसे से पहले ही एआरटीओ हरिओम बरेली-फर्रुखाबाद मार्ग से निकले थे। हादसे की सूचना पाकर वह लौटे और मामले की जांच की। इस बीच आसपास के लोगों से भी जानकारी ली गई है।
पहले भी दो साल पहले 12 लोगों की हादसे में हो चुकी है मौत
फर्रुखाबाद हाईवे पर अल्हागंज क्षेत्र में सुगसुगी गांव के पास बुधवार को सुबह हादसे में हुईं तीन मौतों ने वहां दो साल पहले हुए भयानक हादसे की याद दिला दी। हादसास्थल से बमुश्किल चार सौ मीटर पहले 25 जनवरी 2024 को हुए हादसे में तेज रफ्तार कंटेनर ने गंगा स्नान के लिए जा श्रद्धालुओं से भरे ऑटो को रौंद दिया था। हादसे में तीन महिलाओं और एक किशोर सहित 12 लोगों की मौके पर मौत हो गई थी। इस हादसे की वजह घना कोहरा होना बताया गया था। करीब दो साल बाद बुधवार को सुबह हुए हादसे की वजह भी वातावरण में छाई धुंध को माना जा रहा है।
इसी तरह 25 जनवरी 2025 को बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर कटयुली गांव के पास तेज रफ्तार कार कंटेनर में घुसने से चचेरे-तहेरे भाइयों समेत छह लोगों की मौत हुई थी। इन हादसों के अलावा तीन-चार किमी के इस दायरे में आए दिन हादसे होते रहते हैं। अल्हागंज से पहले, दहेना गांव से पहले गोरा गांव के पास और चौरसिया गांव से पहले तीव्र मोड़ हैं, जबकि तीन किमी के इस दायरे में सीधा सपाट मार्ग होने पर भी लगातार हादसे हो रहे हैं।