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Shahjahanpur News: मेडिकल कॉलेज व सीएचसी में बेड आरक्षित... डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई
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डॉ.अवधेश मणि त्रिपाठी। संवाद
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सीएमओ ने व्यवस्थाएं दुरुस्त कराईं, गंभीर मरीज ही मेडिकल कॉलेज किए जाएंगे रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। होली को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। प्रत्येक सीएचसी पर पांच बेड और राजकीय मेडिकल कॉलेज में 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा डॉक्टरों व नेत्र रोग परीक्षक की ड्यूटी लगाते हुए दवाइयां मुहैया कराई गईं हैं।
सीएचसी और पीएचसी पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही त्वचा और एलर्जी की दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास आंख रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर सीएचसी पर नेत्र रोग परीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है।
सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी पर पांच बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। मरीज की हालत गंभीर होने पर ही राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। इसी तरह 108 एंबुलेंस भी सक्रिय कर दी गई है। होली पर छाया कुआं, सीएमओ कार्यालय और राजघाट चौकी के पास एंबुलेंस खड़ी रहेगी। छोटे और बड़े लाट साहब के जुलूस के आगे भी एक-एक एंबुलेंस चलेगी।
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20 बेड का वार्ड किया आरक्षित
राजकीय मेडिकल कॉलेज में होली को देखते 20 बेड का वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं हैं। चिकित्सकों व कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई है। तीन शिफ्टों में सभी की ड्यूटी रहेगी। नेत्र व त्वचा रोग विभाग अलर्ट कर दिया गया है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-रंग खेलते समय आंख को बचाकर रखें। आंख में रंग जाने पर रगड़ें नहीं।
- सीसा मिश्रित रंग, वार्निश रंग आंखों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं, इनसे बचें।
- रंग खेलते समय त्वचा बचाने के लिए तेल या कोल्ड क्रीम का उपयोग करें।
- कैमिकल या सिंथेटिक रंग का प्रयोग न करें, हर्बल रंग से ही होली खेलें।
- एलर्जी होने पर साफ पानी से शरीर को धोएं, डाॅक्टर को दिखाएं।
- पीड़ा बढ़ने पर डाक्टर की सलाह लें, बिना सलाह कोई गोली न खाएं।
(जैसा राजकीय मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.ऊषा चंद्रा ने बताया)
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फोटो 3
होली खेलने से पहले शरीर पर लगाएं तिल्ली या सरसाें का तेल
कैमिकल युक्त रंग शरीर को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। होली के मस्ती में चूर रहने के बाद रंग छुड़ाना काफी मुश्किल होता है। इसे लेकर आयुर्वेदाचार्य डॉ.अवधेश मणि त्रिपाठी ने देसी नुख्से बताए। उन्होंने कहा कि हर्बल रंगों का प्रयोग करें। कैमिकल वाले रंगों से परहेज करें। होली पर घर से निकलने से पहले तिल्ली या सरसाें का तेल लगा लें। सिर में तेल लगाने के बाद बालों को ढक लें। इसी तरह आंखों का बचाव भी जरूर करें। उन्होंने बताया कि होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए बेसन, सरसों या तिल्ली का तेल, थोड़ी से हल्दी, नींबू का उबटन बना लें और शरीर पर रंग लगाकर धीरे-धीरे लगाएं। इससे आसानी से रंग साफ हो जाएगा। उसके बाद कम कॉस्टिक वाला साबुन का प्रयोग कर सकते हैं। रंग को एक दिन में छुड़ाने के लिए शरीर को रगड़ने से बचें।
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तली-भुली चीजों से करें परहेज
डॉ.अवधेश मणि त्रिपाठी ने बतायाा कि ऋतु संधि का समय चल रहा है। ऐसे में अधिक खाने और तली या बाहरी खान-पान से बचें। रिसाइकिल ऑयल से बने उत्पादों से बचे। यह पेट के लिए लिए हानिकारक होते है। इससे गैस, अपज और उल्टी-दस्त की समस्या हो सकती है। बताया कि हल्का खाना लें और दही से बचें। चाय का प्रयोग कम करें।
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शाहजहांपुर। होली को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। प्रत्येक सीएचसी पर पांच बेड और राजकीय मेडिकल कॉलेज में 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा डॉक्टरों व नेत्र रोग परीक्षक की ड्यूटी लगाते हुए दवाइयां मुहैया कराई गईं हैं।
सीएचसी और पीएचसी पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही त्वचा और एलर्जी की दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास आंख रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर सीएचसी पर नेत्र रोग परीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है।
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सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी पर पांच बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। मरीज की हालत गंभीर होने पर ही राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। इसी तरह 108 एंबुलेंस भी सक्रिय कर दी गई है। होली पर छाया कुआं, सीएमओ कार्यालय और राजघाट चौकी के पास एंबुलेंस खड़ी रहेगी। छोटे और बड़े लाट साहब के जुलूस के आगे भी एक-एक एंबुलेंस चलेगी।
20 बेड का वार्ड किया आरक्षित
राजकीय मेडिकल कॉलेज में होली को देखते 20 बेड का वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं हैं। चिकित्सकों व कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई है। तीन शिफ्टों में सभी की ड्यूटी रहेगी। नेत्र व त्वचा रोग विभाग अलर्ट कर दिया गया है।
इन बातों का रखें ध्यान
-रंग खेलते समय आंख को बचाकर रखें। आंख में रंग जाने पर रगड़ें नहीं।
- सीसा मिश्रित रंग, वार्निश रंग आंखों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं, इनसे बचें।
- रंग खेलते समय त्वचा बचाने के लिए तेल या कोल्ड क्रीम का उपयोग करें।
- कैमिकल या सिंथेटिक रंग का प्रयोग न करें, हर्बल रंग से ही होली खेलें।
- एलर्जी होने पर साफ पानी से शरीर को धोएं, डाॅक्टर को दिखाएं।
- पीड़ा बढ़ने पर डाक्टर की सलाह लें, बिना सलाह कोई गोली न खाएं।
(जैसा राजकीय मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.ऊषा चंद्रा ने बताया)
फोटो 3
होली खेलने से पहले शरीर पर लगाएं तिल्ली या सरसाें का तेल
कैमिकल युक्त रंग शरीर को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। होली के मस्ती में चूर रहने के बाद रंग छुड़ाना काफी मुश्किल होता है। इसे लेकर आयुर्वेदाचार्य डॉ.अवधेश मणि त्रिपाठी ने देसी नुख्से बताए। उन्होंने कहा कि हर्बल रंगों का प्रयोग करें। कैमिकल वाले रंगों से परहेज करें। होली पर घर से निकलने से पहले तिल्ली या सरसाें का तेल लगा लें। सिर में तेल लगाने के बाद बालों को ढक लें। इसी तरह आंखों का बचाव भी जरूर करें। उन्होंने बताया कि होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए बेसन, सरसों या तिल्ली का तेल, थोड़ी से हल्दी, नींबू का उबटन बना लें और शरीर पर रंग लगाकर धीरे-धीरे लगाएं। इससे आसानी से रंग साफ हो जाएगा। उसके बाद कम कॉस्टिक वाला साबुन का प्रयोग कर सकते हैं। रंग को एक दिन में छुड़ाने के लिए शरीर को रगड़ने से बचें।
तली-भुली चीजों से करें परहेज
डॉ.अवधेश मणि त्रिपाठी ने बतायाा कि ऋतु संधि का समय चल रहा है। ऐसे में अधिक खाने और तली या बाहरी खान-पान से बचें। रिसाइकिल ऑयल से बने उत्पादों से बचे। यह पेट के लिए लिए हानिकारक होते है। इससे गैस, अपज और उल्टी-दस्त की समस्या हो सकती है। बताया कि हल्का खाना लें और दही से बचें। चाय का प्रयोग कम करें।
