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Shahjahanpur News: 3501 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों का सत्यापन हुआ शुरू
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शाहजहांपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत वर्ष 2025-26 में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को किताबों, बैग और स्टेशनरी आदि के लिए मिलने वाली प्रति विद्यार्थी पांच हजार रुपये की धनराशि का बजट प्राप्त हो गया है। बजट को खातों में भेजने के लिए अभिभावकों के बैंक खातों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
निजी स्कूलाें की 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत छात्र-छात्राओं का प्रवेश होता है। चार चरणाें में आरटीई के लिए आवेदन लिए गए थे। जिसमें 3501 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। इन बच्चों को सरकार से पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। यह धनराशि किताबों, बैग, स्टेशनरी आदि के लिए आती है।
जबकि स्कूल की फीस प्रति बच्चे के हिसाब से विद्यालय को दी जाती है। अभिभावकों को मिलने वाली धनराशि का बजट विभाग को प्राप्त हो गया है। उसके बाद बीएसए कार्यालय से बच्चों का सत्यापन कराया गया था। प्रत्येक ब्लॉक से बच्चों का सत्यापन होकर आने के बाद अब अभिभावकाें के खाताें का सत्यापन कराया जा रहा है।
एआरपी के जरिये अभिभावकों से खाता संख्या मांगकर उसे प्रमाणित कर कार्यालय में जमा करना होगा। उसके बाद धनराशि को खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के जरिये बैंक खातों की त्रुटि को परखा जा रहा है।
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निजी स्कूलाें की 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत छात्र-छात्राओं का प्रवेश होता है। चार चरणाें में आरटीई के लिए आवेदन लिए गए थे। जिसमें 3501 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। इन बच्चों को सरकार से पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। यह धनराशि किताबों, बैग, स्टेशनरी आदि के लिए आती है।
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जबकि स्कूल की फीस प्रति बच्चे के हिसाब से विद्यालय को दी जाती है। अभिभावकों को मिलने वाली धनराशि का बजट विभाग को प्राप्त हो गया है। उसके बाद बीएसए कार्यालय से बच्चों का सत्यापन कराया गया था। प्रत्येक ब्लॉक से बच्चों का सत्यापन होकर आने के बाद अब अभिभावकाें के खाताें का सत्यापन कराया जा रहा है।
एआरपी के जरिये अभिभावकों से खाता संख्या मांगकर उसे प्रमाणित कर कार्यालय में जमा करना होगा। उसके बाद धनराशि को खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के जरिये बैंक खातों की त्रुटि को परखा जा रहा है।
