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Shahjahanpur News: बहगुल नदी में नहाते समय भाई-बहन की डूबने से मौत
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हादसे के बाद रोती बिलखती फूलन देवी। स्रोत: जागरूक पाठक
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जैतीपुर (शाहजहांपुर)। गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के डभौरा गांव निवासी अमर सिंह उर्फ कल्लू के 14 वर्षीय बेटे विजय और नौ वर्षीय बेटी किंजल की रविवार दोपहर कुलुआबोझ गांव स्थित बहगुल नदी में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। दोनों मौसी की बेटी के जन्मदिन में शामिल होने आए थे।
अमर सिंह उर्फ कल्लू के साढू अमर सिंह उर्फ भूरे की तीन वर्षीय बेटी वंशिका का शनिवार को जन्मदिन होने के चलते दावत थी। अमर सिंह उर्फ कल्लू अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ जन्मदिन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कुलुआबोझ गांव आए थे। रविवार की सुबह बच्चों को छोड़कर वह अपनी पत्नी के साथ क्षेत्र में स्थित रघुनाथपुर गौटिया गांव स्थित अपनी ससुराल चले गए।
दिन में करीब एक बजे भाई-बहन गांव के बच्चों के साथ करीब 500 मीटर दूरी पर स्थित बहगुल नदी में नहाने के लिए उतर गए। उनके साथ गए बच्चे नदी में नहीं उतरे। गहराई में जाने से भाई-बहन डूबने लगे तो अन्य बच्चों ने शोर मचाया। उसके बाद गांव में पहुंचकर सूचना दी। कुछ देर के बाद तमाम लोग नदी के किनारे पहुंच गए।
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ग्रामीणों ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से भाई-बहन की तलाश शुरू की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दाेनों को नदी से बाहर निकाला और सीएचसी पर ले गए, लेकिन चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस बीच पहुंचे माता-पिता बच्चों के शवों को देखकर बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को संभाला। पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है।
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बेटे-बेटी के शव को देखकर बिलख पड़ी मां, बोलीं-जिगर के टुकड़े कहां चले गए
जैतीपुर। गढि़या रंगीन के डभौरा गांव निवासी अमर सिंह उर्फ कल्लू दो दिन पहले ही दिल्ली से लौटकर आए थे तो बेटी किंजल और बेटा विजय काफी खुश थे। पिता के साथ ही दोनों दावत में शामिल होने गए थे। नदी में डूबने से बेटा-बेटी की मौत होने पर दंपती बिलख पड़े। मां फूलनदेवी बोलीं कि मेरे जिगर के टुकड़े चले गए।
अमर सिंह दिल्ली में गार्ड हैं। उनकी पत्नी फूलनदेवी परिवार के साथ गांव में रहती हैं। परदेस से पिता के लौटने पर सभी बच्चे खुश थे। इस बीच जन्मदिन का दावत का न्योता आया तो दंपती ने ससुराल जाने की योजना बना ली। दावत में जाने के कारण बच्चों ने नानी के घर जाने से इन्कार कर दिया।
जिसके बाद अमर सिंह और फूलनदेवी चले गए। बेटे और बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद दोनों तुरंत ही नदी के किनारे पहुंचे। उनके नहीं मिलने पर बेचैनी बढ़ गई। शव मिलने पर वह दंपती बिलख पड़े। सबसे ज्यादा फूलनदेवी रो रहीं थी। परिजनों के अनुसार, विजय चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। विजय कक्षा आठ व किंजल कक्षा छह में थी। बड़े भाई अजय व बहन शीतल भी बदहवास हो गए।
अमर सिंह उर्फ कल्लू के साढू अमर सिंह उर्फ भूरे की तीन वर्षीय बेटी वंशिका का शनिवार को जन्मदिन होने के चलते दावत थी। अमर सिंह उर्फ कल्लू अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ जन्मदिन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कुलुआबोझ गांव आए थे। रविवार की सुबह बच्चों को छोड़कर वह अपनी पत्नी के साथ क्षेत्र में स्थित रघुनाथपुर गौटिया गांव स्थित अपनी ससुराल चले गए।
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दिन में करीब एक बजे भाई-बहन गांव के बच्चों के साथ करीब 500 मीटर दूरी पर स्थित बहगुल नदी में नहाने के लिए उतर गए। उनके साथ गए बच्चे नदी में नहीं उतरे। गहराई में जाने से भाई-बहन डूबने लगे तो अन्य बच्चों ने शोर मचाया। उसके बाद गांव में पहुंचकर सूचना दी। कुछ देर के बाद तमाम लोग नदी के किनारे पहुंच गए।
ग्रामीणों ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से भाई-बहन की तलाश शुरू की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दाेनों को नदी से बाहर निकाला और सीएचसी पर ले गए, लेकिन चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस बीच पहुंचे माता-पिता बच्चों के शवों को देखकर बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को संभाला। पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है।
बेटे-बेटी के शव को देखकर बिलख पड़ी मां, बोलीं-जिगर के टुकड़े कहां चले गए
जैतीपुर। गढि़या रंगीन के डभौरा गांव निवासी अमर सिंह उर्फ कल्लू दो दिन पहले ही दिल्ली से लौटकर आए थे तो बेटी किंजल और बेटा विजय काफी खुश थे। पिता के साथ ही दोनों दावत में शामिल होने गए थे। नदी में डूबने से बेटा-बेटी की मौत होने पर दंपती बिलख पड़े। मां फूलनदेवी बोलीं कि मेरे जिगर के टुकड़े चले गए।
अमर सिंह दिल्ली में गार्ड हैं। उनकी पत्नी फूलनदेवी परिवार के साथ गांव में रहती हैं। परदेस से पिता के लौटने पर सभी बच्चे खुश थे। इस बीच जन्मदिन का दावत का न्योता आया तो दंपती ने ससुराल जाने की योजना बना ली। दावत में जाने के कारण बच्चों ने नानी के घर जाने से इन्कार कर दिया।
जिसके बाद अमर सिंह और फूलनदेवी चले गए। बेटे और बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद दोनों तुरंत ही नदी के किनारे पहुंचे। उनके नहीं मिलने पर बेचैनी बढ़ गई। शव मिलने पर वह दंपती बिलख पड़े। सबसे ज्यादा फूलनदेवी रो रहीं थी। परिजनों के अनुसार, विजय चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। विजय कक्षा आठ व किंजल कक्षा छह में थी। बड़े भाई अजय व बहन शीतल भी बदहवास हो गए।