UP: शाहजहांपुर में अमर बलिदानियों की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त होने पर सीएम सख्त, एई-जेई निलंबित, फर्म पर एफआईआर
शाहजहांपुर में काकोरी केस के अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं के क्षतिग्रस्त होने के मामले में मुख्यमंत्री योगी की सख्ती के बाद नगर निगम के एई और जेई को निलंबित कर दिया गया है। शिफ्टिंग का ठेका लेने वाली फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का भी आदेश दिया गया है।
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टाउन हॉल में शहीद प्रतिमा स्थल के सुंदरीकरण के लिए मेसर्स फ्लाई इंफ्राटेक को 40 लाख रुपये में ठेका दिया गया था। काकोरी केस के अमर बलिदानी पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और स्वतंत्रता सेनानी प्रेमकृष्ण खन्ना की नई प्रतिमा लगाने से पहले फर्म ने 22 मार्च की रात अधिकारियों को सूचित किए बिना पूर्व प्रतिमाओं को बैकहो लोडर से हटा दिया। इस दौरान प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने किया प्रदर्शन
मंगलवार को इसका पता चलते ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संवेदनशील मुद्दे का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार रात डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह को फोन कर निर्देशित किया कि फर्म से ठेका वापस लेते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही फर्म के कामकाज की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले नगर निगम के अधिकारियों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद नगर निगम के निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनोज कुमार और अवर अभियंता प्रमोद कुमार को निलंबित करने के निर्देश प्रमुख सचिव (नगर विकास) को दे दिए।
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मुख्यमंत्री ने अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं को उसी स्थान पर पुनर्स्थापित करने के लिए निर्देशित किया। डीएम ने बताया कि नगर निगम के मुख्य अभियंता आशीष त्रिवेदी की ओर से सदर बाजार थाने में फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। मुख्यमंत्री के अन्य निर्देशों का भी अनुपालन किया जा रहा है।
सपा मुखिया ने बताया घोर निंदनीय
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट किया कि सौंदर्य कभी भी शहीदों के मान-सम्मान से बड़ा नहीं हो सकता। शाहजहांपुर में सुंदरीकरण के बहाने शहीदों की प्रतिमाओं पर बुलडोजर चलवाना एक बीमारू मानसिकता की निशानी है। अंग्रेजों की मुखबिरी करने वाले शहादत का मोल क्या जानें। घोर निंदनीय!
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि जिस दिन पूरे देश में शहीदी दिवस मनाया जा रहा था। उसी दिन शाहजहांपुर की शहीदी धरती पर तीन जांबाज शहीदों की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त कर दी गईं। नगर निगम ने जेसीबी से शहीदों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। भाजपा की सरकार लगातार शहीदों का अपमान व अत्याचार कर रही है। सरकार ऐसे अधिकारियाें पर कार्रवाई करे। यह हिंदुस्तान के 145 करोड़ लोगों का अपमान है। अन्यथा कांग्रेस के कार्यकर्ता डटकर विरोध करेंगे। शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते।
मदरसा एसोसिएशन ने की निंदा
मदरसा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां ने कहा कि क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं का अपमान पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा कृत्य करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। शहीदों की प्रतिमाओं को जेसीबी से क्षतिग्रस्त करने से भावनाएं आहत हुईं हैं।
सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने कहा कि जिस तरह से शहीदों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किया गया है। यह कृत्य निंदनीय है। शहीद जिले की शान हैं। उन्हीं के जरिये दुनिया में जिले का नाम है। प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो। नगर पालिका का चेयरमैन रहते हमने ही प्रतिमाओं का सुंदरीकरण कराया था।
पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद ने कहा कि शहीद दिवस पर शहीदों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर कचरे में फेंकना निंदनीय कार्य है। जब बात शहीदों के सम्मान की आएगी तो खामोश रहना जुल्म के बराबर है। जिन्होंने जान देकर आजादी दिलाई। नगर निगम उनका सम्मान नहीं कर पा रहा है। दस दिन में शहीदों की प्रतिमाओं को उचित सम्मान नहीं मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शहीद अशफाक उल्ला खां के प्रपौत्र शादाब उल्ला खां ने कहा कि यह काफी विचलित करने वाली घटना है। यह घटना सिर्फ जिले के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को दुख देने वाली है। शहीदों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर कूड़े में डाल दिया गया। जितने भी अधिकारी कृत्य में शामिल हैं। उन्हें सजा दी जाए और प्रतिमाओं को सम्मान दिया जाए।
70 के दशक में लगाई गईं थीं प्रतिमाएं
इतिहासकार डॉ. विकास खुराना ने कहा कि 70 के दशक के शुरुआती वर्षों में ही शहर नगर पालिका में काकोरी केस के अमर नायकों की प्रतिमाएं लगाई गईं थीं। यहां एक फव्वारा पहले से ही लगा हुआ था। इसी फव्वारे के आगे प्रतिमाएं लगाई गईं। वर्ष 2003 में तत्कालीन मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के प्रयासों से विख्यात क्रांतिकारी रहे प्रेम कृष्ण खन्ना की भी प्रतिमा यहां लगाई गई।
मुख्य अभियंता ने दर्ज कराई प्राथमिकी
नगर निगम के मुख्य अभियंता आशीष त्रिवेदी ने सदर बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि मै. फ्लाई इंफ्राटेक पता लखनऊ, थाना काकोरी, सेक्टर-डी बसंतकुंज योजना, दुबग्गा को शहीद प्रतिमास्थल का सुंदरीकरण करना था। 22 मार्च को बगैर विभाग को अवगत कराए फर्म ने शहीद प्रतिमाओं को हटाया। फर्म ने गरिमा के अनुरूप कार्य नहीं किया। पुलिस ने फर्म के खिलाफ बीएनएस की धारा 196 (2) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
भविष्य में भी बरती जाएगी पूरी एहतियात- डीएम
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। साथ ही लापरवाही बरतने पर नगर निगम के जेई, एई और एक्सईएन को निलंबित करना तय हो गया है। नगर निगम में संचालित विभिन्न निर्माण एवं सुंदरीकरण कार्यों के दौरान सुनिश्चित किया जाए कि इन कार्यों में यदि किसी शहीद अथवा महत्वपूर्ण व्यक्ति आदि की प्रतिमा, चित्र अथवा फ्लैक्स आदि स्थापित हैं तो उन्हें हटाने से पूर्व महापौर एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए। उनकी उपस्थिति में तथा उनके दिए गए सुझावों के अनुसार ही कार्य किया जाए।