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Shahjahanpur News: नवरात्र के छठे दिन हुई मां कात्यायनी की पूजा

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 02:10 AM IST
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Goddess Katyayani was worshipped on the sixth day of Navratri.
कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर में भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद - फोटो : Graphical
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शाहजहांपुर। नवरात्र के छठे दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी के स्वरूप की पूजा-अर्चना कर मंगल की कामना की। महिलाओं ने घरों व मंदिरों में भजन-कीर्तन किए।
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मंगलवार की सुबह और शाम मंडी स्थित दुर्गा देवी मंदिर, बाबा विश्वनाथ मंदिर, रुद्र बालाजी धाम, चौकसी नाथ मंदिर आदि में देवी भक्तों की भीड़ रही। पंडित कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि नवरात्र के दौरान नौ देवियों की पूजा करनी चाहिए व घर में अखंड जोत जागृत करनी चाहिए।
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मां आदि शक्ति के नौ रूप सारे ब्रह्मांड को शक्ति देते हैं। इसलिए संपूर्ण नवरात्र पूर्ण शुद्धि में रहकर पूजा करनी चाहिए। वहीं, सिटी पार्क स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया। इस दौरान प्रदीप गुप्ता, पिंकू गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
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हनुमान मंदिर पर दिनभर रही भंडारों की धूम
तिलहर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर स्थित कछियानी खेड़ा के हनुमान मंदिर पर मंगलवार को सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु आने लगे। दिन में दस बजे तक वहां श्रद्धालुओं का मेला जुट गया। बाद में दोपहर से शाम तक भंडारों की धूम रही और हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पहले, श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के दरबार में पहुंचकर विधि-विधान के साथ उनकी पूजा-अर्चना कर प्रसाद अर्पित किया। साथ ही अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना की। भंडारा आरंभ होने पर पहले बालाजी महाराज को भोग लगाया गया। बाद में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर परिसर में पूरे दिन बालाजी के जयकारों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिपूर्ण बना रहा। संवाद
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श्रीराम शोभायात्रा धूमधाम से निकालने की शुरू हुईं तैयारियां
खुदागंज। रामनवमी पर शुक्रवार को नगर में प्रभु श्रीराम की पारंपरिक शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। इसके लिए आयोजकों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोजन से जुड़े भाजपा नेता और नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंह ने बताया कि इस वर्ष प्रभु श्रीराम की शोभायात्रा को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। शोभायात्रा में बैंडबाजों के साथ देव स्वरूपों की झांकियां सभी के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके लिए बाहर से कलाकारों की टोली बुलाई गई है। संवाद
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु हुए भाव विभोर



कुर्रियाकलां। रामखेड़ा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को कथा व्यास पंडित प्रभाकर मिश्रा ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।



उन्होंने कहा कि मथुरा में कंस के अत्याचारों से चारों तरफ लोग त्राहि-त्राहि करने लगे। उसी समय धरती पर भगवान श्रीकृष्ण अवतरित हुए। भगवान के अवतार की बालस्वरूप श्रीकृष्ण झांकी की पंडाल में मौजूद महिलाओं ने पूजा कर दक्षिणा अर्पित की। परीक्षित बने राकेश सिंह ने सपत्नीक भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी। अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कथा के श्रवण में हलधर सिंह, वसंत कुमार, अनूप सिंह, लव कुमार आदि श्रद्धालु शामिल रहे। संवाद
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श्रीराम से मां का संबोधन सुनते ही दूर हो गया सती का संशय



खुटार। देवस्थान मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास अश्वनी त्रिपाठी ने सती के भगवान राम की परीक्षा लेने का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।



कथा व्यास ने सुनाया कि सीता की खोज करते हुए श्रीराम, लक्ष्मण को देख भगवान शंकर ने प्रभु लीला में व्यवधान न डालते हुए दूर से ही प्रणाम किया और सती को बताया कि वह अपने आराध्य राम को प्रणाम कर रहे हैं। सती के मन में संदेह उत्पन्न हुआ कि क्या ये वास्तव में परमेश्वर हो सकते हैं?



भगवान शिव के समझाने पर भी सती का संशय दूर नहीं हुआ और वह परीक्षा लेने के लिए सीता का रूप धारण कर श्रीराम के सामने प्रकट हो गईं। भगवान राम ने सती को देखते ही मां कहते हुए प्रणाम किया और कहा कि आप अकेली वन में कैसे आईं, भगवान शिव कहां हैं। श्रीराम से मां शब्द सुनते ही सती का संशय दूर हो गया। उन्हें समझ में आ गया कि भगवान राम सर्वज्ञ हैं और उन्होंने उनके वेश को पहचान लिया है। संवाद
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प्रह्लाद जन्म की कथा सुनाई



खुटार। खुटार के माता पंथवारी मंदिर परिसर में चल रही रामकथा में कथावाचक उपासना शास्त्री और सूरज चैतन्य ने भक्त प्रह्लाद के जन्म की कथा सुनाई।



कथावाचक ने सुनाया कि जब प्रह्लाद अपनी मां कयाधु के गर्भ में थे, तभी उसके चाचा हिरण्याक्ष का भगवान विष्णु के वराहावतार ने वध कर दिया था। इससे कुंठित प्रह्लाद के पिता हिरण्यकशिपु ब्रह्मा की तपस्या करने गए तो देवताओं ने वहां पर आक्रमण कर दैत्य नगरी पर अधिकार कर लिया। कयाधु को बंदी बना लिया।



नारद मुनि ने इंद्र को रोक दिया। कयाधु को इंद्र के चंगुल से छुड़ाकर अपने आश्रम में ले आए। हिरण्यकशिपु की तपस्या पूर्ण होने तक नारद मुनि कयाधु को भगवान विष्णु की कथाएं सुनाते रहे। इसका प्रभाव कयाधु के गर्भ में पल रहे प्रह्लाद पर पड़ा और जब उसका जन्म हुआ तब वह विष्णु भक्त बना। कथा 26 मार्च तक चलेगी। 27 मार्च को हवन और भंडारा होगा। संवाद
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वीर बजरंगी के दर्शनों के लिए आईं महिलाओं को किया जागरूक

शाहजहांपुर। मिशन शक्ति के तहत मंगलवार शाम हनुमत धाम पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एसपी राजेश द्विवेदी ने वीर बजरंगी के दर्शनों को आईं महिलाओं को पंफलेट बांटकर हेल्पलाइन नंबर व योजनाओं की जानकारी दी। एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण ने कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया। संवाद

कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर में भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद

कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर में भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद- फोटो : Graphical

कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर में भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद

कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर में भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद- फोटो : Graphical

कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर में भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद

कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर में भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद- फोटो : Graphical

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