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Shahjahanpur News: बजट मंजूर, फिर भी सभी स्कूलों के ऊपर से नहीं हटाई जा सकीं हाईटेंशन लाइनें

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:35 AM IST
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Despite the budget being approved, the high-tension power lines could not be removed from above all the schools.
प्राथमिक विद्यालय तारीन जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा और खड़े बच्चे। संवाद
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शाहजहांपुर। मई 2025 में स्वीकृत बजट विद्युत निगम के खाते में भेजे जाने के बाद भी सभी परिषदीय स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें नहीं हट सकीं हैं। सात महीनों में मात्र 36 स्कूलों से लाइन शिफ्ट की गई हैं। शेष में बच्चों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है। बीएसए कार्यालय से तीन रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी कार्य तेजी से नहीं कराया जा रहा है।
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जिले के 2716 परिषदीय स्कूलों में 126 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी थीं। कई वर्षों से प्रयास के बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग हाईटेंशन लाइन हटवाने के लिए बजट स्वीकृत नहीं करा सका। विभाग ने एक करोड़ 37 लाख 31 हजार 776 रुपये की धनराशि स्वीकृत करते हुए मई महीने में बिजली निगम के खाते में राशि ट्रांसफर कर दी।
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बीएसए ने तेजी से काम कराने की गुजारिश की थी, लेकिन काम कछुआ गति से चल रहा है। सात महीनों में मात्र 36 स्कूलों के ऊपर से ही हाईटेंशन लाइट हट सकी हैं। शेष में लाइनों के हटने का शिक्षक व बच्चे इंतजार कर रहे हैं। बीएसए कार्यालय से चार अगस्त, तीन सितंबर और 24 दिसंबर को बिजली निगम को रिमाइंडर भेजा गया। उसके बाद भी काम में तेजी नहीं आई है।
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कटरा-खुदागंज में सबसे ज्यादा स्कूलों के ऊपर से गुजरीं लाइनें
मदनापुर में तीन, जैतीपुर में छह, सिंधौली में आठ, पुवायां में पांच, कलान में पांच, ददरौल में 12, मिर्जापुर में सात, निगोही में एक, कांट में दो, कटरा-खुदागंज में 18, भावलखेड़ा में 14 स्कूलों समेत 126 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरे होने पर बजट स्वीकृत किया गया है।
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नगर के स्कूल भी अछूते नहीं, शिक्षक करती हैं निगरानी
प्राथमिक विद्यालय जलालनगर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। स्कूल के अंदर खंभा लगा है, जिसमें अर्थिंग आने का खतरा रहता है। ऐसे में बच्चे स्कूल के दो कमरों तक सीमित हैं। काफी सर्दी होने पर शिक्षिका अपनी निगरानी में बच्चों को धूप में बैठाती हैं। इसी तरह सुभाषनगर रोड पर स्थित प्राथमिक विद्यालय तारीन टिकली द्वितीय मुख्य रोड पर स्थित है। यहां पर 99 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल के नजदीक से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। तेज हवा चलने पर बच्चों को कमरों के अंदर बैठाते हैं, जिससे दुर्घटना से बचा जा सके।
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गेट पर रखा ट्रांसफॉर्मर, हादसे का खतरा
शहर के कंपोजिट स्कूल मंडी में गेट के नजदीक ही ट्रांसफॉर्मर रखा है। इससे यहां पर पंजीकृत 112 बच्चों को खतरा है। बच्चों की छुट्टी होने पर चपरासी खड़ा कर दिया जाता है, उसके बाद बच्चों को निकाला जाता है।
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अफसरों के पास आंकड़े ही स्पष्ट नहीं
बीएसए कार्यालय से जहां 126 स्कूलों के ऊपर हाईटेंशन लाइन गुजरने व 36 से लाइनें शिफ्ट होने की बात कही गई। वहीं एसई अनुज प्रताप सिंह के अनुसार, 147 स्कूलों का डाटा उनके पास है। इसमें काफी स्कूलों के ऊपर से लाइनें हटवा चुके हैं।
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एस्टीमेंट के आधार पर गत वर्ष बजट विद्युत निगम को उपलब्ध करा दिया गया। स्कूलों से लाइन शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम को लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं।
-दिव्या गुप्ता, बीएसए
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कार्य को तेजी से कराया जा रहा है। कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते कार्य देरी से शुरू हो सका है। स्कूलों से लाइन शिफ्ट करा रहे हैं, जो रह गईं, उन्हें भी जल्द ही हटवाएंगे।
-अनुज प्रताप सिंह, एसई, बिजली निगम

प्राथमिक विद्यालय तारीन जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा और खड़े बच्चे। संवाद

प्राथमिक विद्यालय तारीन जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा और खड़े बच्चे। संवाद

प्राथमिक विद्यालय तारीन जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा और खड़े बच्चे। संवाद

प्राथमिक विद्यालय तारीन जलालनगर के अंदर लगा बिजली का खंभा और खड़े बच्चे। संवाद

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