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Shahjahanpur News: वन क्षेत्राधिकारियों ने जांच अधिकारी को सौंपे स्पष्टीकरण

Mon, 17 Aug 2026 11:37 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:37 PM IST
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Forest Range Officers submitted clarifications to the investigating officer.
शाहजहांपुर। वन विभाग में जिप्सम खाद की खरीद में हुए लाखों के घोटाले को लेकर वन क्षेत्राधिकारियों ने जारी हुए नोटिसों के जवाब में जांच अधिकारी नामित किए गए एसडीओ डॉ. सुशील कुमार को सोमवार को अपने स्पष्टीकरण सौंप दिए। इसके साथ ही जांच अधिकारी ने विभागीय अभिलेखों और स्पष्टीकरण के आधार पर सभी पांच वन रेंज को आपूर्ति की गई जिप्सम बोरियों की गणना कर उनके मिलान का काम शुरू कर दिया है।
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वन विभाग ने पौधरोपण से पहले ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए हरदोई की दो फर्मों से जिप्सम की पांच हजार बोरियां खरीदीं थीं। छह सौ रुपये कीमत वाली बोरी पर वजन 50 किलो अंंकित था। इस तरह करीब 30 लाख रुपये की जिप्सम खरीदी गई। विभाग की सदर सहित खुटार, जलालाबाद, तिलहर और सिंधौली रेंज को एक-एक हजार बोरियां देने की योजना बनाई गई।
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खास यह रहा कि पौधरोपण से पहले किसी भी रेंज अधिकारी ने जिप्सम का उपयोग नहीं किया। सदर रेंज में रखी बोरियों में जिप्सम का वजन भी बहुत कम पाया गया। इसकी शिकायत मिलने पर डीएफओ सचिन कुमार ने एसडीओ डॉ सुशील कुमार के निर्देशन में जांच कमेटी गठित की।
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जांच अधिकारी ने प्रत्येक रेंज पर जाकर जांच की तो पता चला कि खुटार और तिलहर के रेंजर ने मुख्यालय से जिप्सम प्राप्त ही नहीं की। इस पर उन्होंने पांचों रेंज के क्षेत्राधिकारियों को नोटिस जारी कर उनका जवाब तलब किया। रेंजरों से लिखित स्पष्टीकरण मिलने के बाद एसडीओ ने अब रेंज स्तर पर भेजी गई बोरियों का मुख्यालय के अभिलेखों से मिलान करना शुरू कर दिया है, लेकिन बोरियों में खाद के वजन की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिलहाल, घोटाले की जांच पूरी होने पर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है क्योंकि मामले का मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह भी गंभीरता से संज्ञान ले चुके हैं।


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वन क्षेत्राधिकारियों ने नोटिसों का जवाब दे दिया है, लेकिन बोरियां नहीं मिलने के कारण उनका वजन कम होने के संबंध में पुष्टि नहीं हो सकी है। अभिलेखों से नोटिसों का मिलान कर देखा जा रहा है कि किस रेंज में कितनी बोरियां प्राप्त की गई हैं। जांच रिपोर्ट डीएफओ को जल्द भेजी जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध डीएफओ के स्तर से कार्रवाई होगी।
-डॉ. सुशील कुमार, जांच अधिकारी/एसडीओ, वन विभाग
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