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Shahjahanpur News: तीन वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म में आजीवन कारावास
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शाहजहांपुर। कांट थाना क्षेत्र के एक गांव में करीब 16 महीने पहले तीन वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी संजय उर्फ संजू को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश में कहा, बच्चों के प्रति समाज में हो रहे लैंगिक उत्पीड़न से पीड़िता को शारीरिक व मानसिक रूप से आघात पहुंचता है। दोषी के कृत्य से इस बच्ची का भी जीवन दुष्प्रभावित हुआ है।
पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि पांच नवंबर 2024 की रात वह अपनी पत्नी, बेटी व बेटे के साथ घर में सो रहा था। रात करीब तीन बजे उसकी आंख खुली तो देखा कि बेटी कमरे में नहीं थी। उसने बेटी को तलाश किया तो सुबह करीब छह बजे वह गांव में एक सबमर्सिबल के पास मिली। बच्ची लहूलुहान थी। उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। पिता ने मौके से राजाराम उर्फ जग्गू को भागते हुए देखकर शक के आधार उसके खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में राजाराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
बाद में पुलिस की विवेचना में संजय उर्फ संजू का नाम सामने आया। पुलिस ने राजाराम का नाम हटाने के बाद संजय की तलाश शुरू कर दी। वह वारदात के 24 घंटे बाद ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान उसके पैर में गोली भी लगी। अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनोज कुमार सिद्धू ने संजय को आजीवन कारावास के दंड की सजा सुनाई। आदेश में यह भी उल्लेख किया कि आजीवन कारावास से अभिप्राय दोषी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा।
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पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि पांच नवंबर 2024 की रात वह अपनी पत्नी, बेटी व बेटे के साथ घर में सो रहा था। रात करीब तीन बजे उसकी आंख खुली तो देखा कि बेटी कमरे में नहीं थी। उसने बेटी को तलाश किया तो सुबह करीब छह बजे वह गांव में एक सबमर्सिबल के पास मिली। बच्ची लहूलुहान थी। उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। पिता ने मौके से राजाराम उर्फ जग्गू को भागते हुए देखकर शक के आधार उसके खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में राजाराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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बाद में पुलिस की विवेचना में संजय उर्फ संजू का नाम सामने आया। पुलिस ने राजाराम का नाम हटाने के बाद संजय की तलाश शुरू कर दी। वह वारदात के 24 घंटे बाद ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान उसके पैर में गोली भी लगी। अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनोज कुमार सिद्धू ने संजय को आजीवन कारावास के दंड की सजा सुनाई। आदेश में यह भी उल्लेख किया कि आजीवन कारावास से अभिप्राय दोषी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा।