{"_id":"697d02a040d7b934860f50dd","slug":"mining-mafia-are-ravaging-the-bhainsi-river-while-officials-remain-silent-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1038-164284-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: खनन माफिया छलनी कर रहे भैंसी नदी का सीना, अधिकारियों ने साधी चुप्पी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: खनन माफिया छलनी कर रहे भैंसी नदी का सीना, अधिकारियों ने साधी चुप्पी
विज्ञापन
पुवायां के गांव मीरपुर के पास भैंसी नदी में खनन से बने गड्ढे। स्रोत : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन
पुवायां। भैंसी नदी को सदानीरा बनाने के डीएम के प्रयास अधिकारियों की अनदेखी और खनन माफिया के लालच के चलते पूरे नहीं हो पा रहे हैं। नदी में इस समय बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है।
बंडा-पूरनपुर सीमा पर भैंसार झील से निकली भैंसी नदी गोमती की सहायक नदियों में एक हैं। भैंसी पुवायां में पन्नघाट के पास गोमती में मिलती है। नदी भूमि पर अवैध कब्जों और खनन के कारण लगभग 20 वर्ष से सूखी पड़ी थी। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में एक-एक नदी को पुनर्जीवन देने के अभियान की शुरुआत की। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इसके लिए भैंसी नदी को चयनित किया था। डीएम के प्रयासों से पूरी नदी की खोदाई कर किनारे पर पौधरोपण भी कराया गया, लेकिन नदी में कुछ ही दूर तक पानी आ सका।
नदी के सूखी होने के कारण गांव करनापुर, सकरापुर, बढ़ौरा, जेबां के तमाम लोग नदी से ट्राॅली और तांगों से रोजाना रेत खनन कर बिक्री कर रहे हैं। नदी में गहरे गड्ढे हो रहे हैं।
नदी के पुनर्जीवन अभियान से जुड़े रहे विश्व हिंदू परिषद के जिला धर्माचार्य बाबा पुरुषोत्तमदास ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
--
नदी के ग्रुप में जुड़े कई अधिकारी, लेकिन नहीं लेते संज्ञान
भैंसी नदी पुनर्जीवन के नाम से बने ग्रुप में एडीएम प्रशासन, एडीएम एफआर, डीएफओ, एसडीएम, तहसीलदार, रेंजर सहित कई अधिकारी जुड़े हैं। नदी में खनन होने, बांधी गई मेड़ तोड़ने पर कार्रवाई के लिए पत्र बाबा पुरुषोत्तमदास ने ग्रुप में भी डाला है। नदी में खनन के वीडियो भी डाले गए हैं, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी है।
--
भैंसी नदी से खनन के मामले की जानकारी नहीं है। अगर खनन हो रहा है तो टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
- चित्रा निर्वाल, एसडीएम पुवायां
Trending Videos
बंडा-पूरनपुर सीमा पर भैंसार झील से निकली भैंसी नदी गोमती की सहायक नदियों में एक हैं। भैंसी पुवायां में पन्नघाट के पास गोमती में मिलती है। नदी भूमि पर अवैध कब्जों और खनन के कारण लगभग 20 वर्ष से सूखी पड़ी थी। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में एक-एक नदी को पुनर्जीवन देने के अभियान की शुरुआत की। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इसके लिए भैंसी नदी को चयनित किया था। डीएम के प्रयासों से पूरी नदी की खोदाई कर किनारे पर पौधरोपण भी कराया गया, लेकिन नदी में कुछ ही दूर तक पानी आ सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
नदी के सूखी होने के कारण गांव करनापुर, सकरापुर, बढ़ौरा, जेबां के तमाम लोग नदी से ट्राॅली और तांगों से रोजाना रेत खनन कर बिक्री कर रहे हैं। नदी में गहरे गड्ढे हो रहे हैं।
नदी के पुनर्जीवन अभियान से जुड़े रहे विश्व हिंदू परिषद के जिला धर्माचार्य बाबा पुरुषोत्तमदास ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
नदी के ग्रुप में जुड़े कई अधिकारी, लेकिन नहीं लेते संज्ञान
भैंसी नदी पुनर्जीवन के नाम से बने ग्रुप में एडीएम प्रशासन, एडीएम एफआर, डीएफओ, एसडीएम, तहसीलदार, रेंजर सहित कई अधिकारी जुड़े हैं। नदी में खनन होने, बांधी गई मेड़ तोड़ने पर कार्रवाई के लिए पत्र बाबा पुरुषोत्तमदास ने ग्रुप में भी डाला है। नदी में खनन के वीडियो भी डाले गए हैं, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी है।
भैंसी नदी से खनन के मामले की जानकारी नहीं है। अगर खनन हो रहा है तो टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
- चित्रा निर्वाल, एसडीएम पुवायां
