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Shahjahanpur News: बरसात सिर पर आई....एक भी नाले की पूरी नहीं हुई सफाई
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मोहम्मद रजी पार्षद, अंटा चमकनी
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शाहजहांपुर। जब बरसात सिर पर है तब नगर निगम बड़े नालों की सफाई शुरू करा सका है। अब तक एक भी नाले की सफाई पूरी नहीं की जा सकी है। नाले कूड़े और सिल्ट से ठसाठस भरे हुए हैं। बारिश के दौरान बड़े नालों की सफाई मुश्किल होगी क्योंकि सिल्ट निकालते ही फिर से पानी में बहकर वापस जाने की आशंका रहेगी। नगर निगम की ओर से निगरानी न होने से मनमाने ढंग से सफाई का काम किया जा रहा है। ऐसे में बारिश होने पर शहर में जलभराव होना तय है।
शहर में छोटे 155 नालों की सफाई निगम आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के माध्यम से करा रहा है। 28 बड़े नालों की सफाई का ठेका 85 लाख रुपये में दिया गया है। एक नाले की सफाई पर लगभग तीन लाख रुपये खर्च होंगे। नगर निगम की ओर से हर वर्ष अप्रैल में नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया जाता है। जून तक नालों की सफाई से लेकर सिल्ट उठान का काम समाप्त हो जाता है।
इस बार अधिकारियों की अनदेखी से बड़े नालों की सफाई का ठेका समय से नहीं हो सका, जबकि। छोटे नालों की सफाई नगर निगम अपने संसाधनों से कराता रहा। अधिकारियों का दावा है कि 20 मई से बड़े नालों की सफाई का काम चल रहा है, लेकिन अब तक किसी भी नाले की पूरी सफाई नहीं हो पाई है। जुलाई का पहला हफ्ता शुरू हो गया है। बारिश शुरू होने पर नाला सफाई का काम केवल दिखावटी ही हो सकेगा। अधिकतर नाले कूड़े से भरे हुए हैं।
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उनको देखकर लगता है कि कई सालों से उनकी तलीझाड़ सफाई नहीं हुई है। ठेकेदार भी नाले से ऊपरी कूड़ा निकाल देते हैं लेकिन सिल्ट नहीं निकालते। नगर निगम के निर्माण विभाग में नाले की सफाई कार्य का निरीक्षण करने के लिए स्टाफ नहीं है। ठेकेदारों मनमाने ढंग से काम कर रहा है।
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पार्षदों का दर्द
निर्माण विभाग की ओर से टेंडर निकालने से पहले ही ठेकेदारों को टेंडर बांट दिए गए। ठेके ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से नहीं बल्कि मैनुअल हुए हैं। हमारे क्षेत्र से निकलने वाले दोनों नाले कूड़े से ठसाठस भरे हुए हैं।
- नवनीत सक्सेना, पार्षद, सुभाषनगर
अंटा चौराहा से निकलने वाले नाला कूड़े से ठसाठस भरा है। ठेकेदार ने दिखावे के लिए कुछ कूड़ा निकलवा दिया। ठेकेदार से शिकायत भी की लेकिन उसने सुनी नहीं। इसकी शिकायत नगर आयुक्त से भी की है।
-मोहम्मद रजी, पार्षद, अंटा चमकनी
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लोगों ने कहा-थोड़ी सी बारिश में हो जाता है जलभराव
घर के पास नाले में कूड़ा भरा हुआ है। इससे दुर्गंध आती है। थोड़ी-सी बारिश होने पर मोहल्ले में जलभराव हो जाता है। लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। नाले की सफाई कब पूरी होगी, पता नहीं।
- राहुल, मोहल्ला महमंद हद्दफ
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नाला साफ करने वाली टीम तो आई पर काम नहीं किया। अपने क्षेत्र के पार्षद से नाले की सफाई के लिए कहा भी लेकिन कोई काम नहीं हुआ। बारिश होने से जलभराव हो जाता है और घरों में पानी घुसने लगता है।
-मो. जुबैर अहमद, मोहल्ला अंटा
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निर्माण विभाग में स्टाफ की कमी की वजह से भी नालों की सफाई में देरी हुई है। नाला सफाई के पर्यवेक्षण के लिए निगम के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। बड़े नालों की सफाई को सही तरीके से शीघ्र पूरा कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जहां भी जलभराव की समस्या है, वहां से पानी निकलवाया जाएगा।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
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शहर में छोटे 155 नालों की सफाई निगम आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के माध्यम से करा रहा है। 28 बड़े नालों की सफाई का ठेका 85 लाख रुपये में दिया गया है। एक नाले की सफाई पर लगभग तीन लाख रुपये खर्च होंगे। नगर निगम की ओर से हर वर्ष अप्रैल में नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया जाता है। जून तक नालों की सफाई से लेकर सिल्ट उठान का काम समाप्त हो जाता है।
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इस बार अधिकारियों की अनदेखी से बड़े नालों की सफाई का ठेका समय से नहीं हो सका, जबकि। छोटे नालों की सफाई नगर निगम अपने संसाधनों से कराता रहा। अधिकारियों का दावा है कि 20 मई से बड़े नालों की सफाई का काम चल रहा है, लेकिन अब तक किसी भी नाले की पूरी सफाई नहीं हो पाई है। जुलाई का पहला हफ्ता शुरू हो गया है। बारिश शुरू होने पर नाला सफाई का काम केवल दिखावटी ही हो सकेगा। अधिकतर नाले कूड़े से भरे हुए हैं।
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उनको देखकर लगता है कि कई सालों से उनकी तलीझाड़ सफाई नहीं हुई है। ठेकेदार भी नाले से ऊपरी कूड़ा निकाल देते हैं लेकिन सिल्ट नहीं निकालते। नगर निगम के निर्माण विभाग में नाले की सफाई कार्य का निरीक्षण करने के लिए स्टाफ नहीं है। ठेकेदारों मनमाने ढंग से काम कर रहा है।
पार्षदों का दर्द
निर्माण विभाग की ओर से टेंडर निकालने से पहले ही ठेकेदारों को टेंडर बांट दिए गए। ठेके ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से नहीं बल्कि मैनुअल हुए हैं। हमारे क्षेत्र से निकलने वाले दोनों नाले कूड़े से ठसाठस भरे हुए हैं।
- नवनीत सक्सेना, पार्षद, सुभाषनगर
अंटा चौराहा से निकलने वाले नाला कूड़े से ठसाठस भरा है। ठेकेदार ने दिखावे के लिए कुछ कूड़ा निकलवा दिया। ठेकेदार से शिकायत भी की लेकिन उसने सुनी नहीं। इसकी शिकायत नगर आयुक्त से भी की है।
-मोहम्मद रजी, पार्षद, अंटा चमकनी
लोगों ने कहा-थोड़ी सी बारिश में हो जाता है जलभराव
घर के पास नाले में कूड़ा भरा हुआ है। इससे दुर्गंध आती है। थोड़ी-सी बारिश होने पर मोहल्ले में जलभराव हो जाता है। लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। नाले की सफाई कब पूरी होगी, पता नहीं।
- राहुल, मोहल्ला महमंद हद्दफ
नाला साफ करने वाली टीम तो आई पर काम नहीं किया। अपने क्षेत्र के पार्षद से नाले की सफाई के लिए कहा भी लेकिन कोई काम नहीं हुआ। बारिश होने से जलभराव हो जाता है और घरों में पानी घुसने लगता है।
-मो. जुबैर अहमद, मोहल्ला अंटा
निर्माण विभाग में स्टाफ की कमी की वजह से भी नालों की सफाई में देरी हुई है। नाला सफाई के पर्यवेक्षण के लिए निगम के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। बड़े नालों की सफाई को सही तरीके से शीघ्र पूरा कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जहां भी जलभराव की समस्या है, वहां से पानी निकलवाया जाएगा।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त

मोहम्मद रजी पार्षद, अंटा चमकनी

मोहम्मद रजी पार्षद, अंटा चमकनी

मोहम्मद रजी पार्षद, अंटा चमकनी

मोहम्मद रजी पार्षद, अंटा चमकनी

मोहम्मद रजी पार्षद, अंटा चमकनी

मोहम्मद रजी पार्षद, अंटा चमकनी

मोहम्मद रजी पार्षद, अंटा चमकनी