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Shahjahanpur News: राज्य अध्यापक पुरस्कार की चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
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शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों में राज्य अध्यापक पुरस्कार वर्ष 2025 के चयन की प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि चयन समिति के अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में आवेदन करने वाले शिक्षकों का साक्षात्कार लेकर नाम फाइनल कर दिए। मामले में सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रमेश कुमार ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन स्कूलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को हर साल शिक्षक दिवस पर राज्य अध्यापक पुरस्कार दिया जाता है। इस बार पुरस्कार के लिए शिक्षिका श्रुति शर्मा, बबिता रानी, अरुण गुप्ता, राम प्रसाद और सरताज अली ने आवेदन किया था। 18 जुलाई को बीएसए कार्यालय के सभागार में साक्षात्कार रखा गया।
चयन समिति में डायट प्राचार्य सोनिया गुप्ता अध्यक्ष व बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव सचिव हैं। समिति में डीएम से नामित शिक्षाविद समेत दो और सदस्य होते हैं। अधिवक्ता रमेश चंद्र ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा व शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजकर बताया कि समिति के सचिव बीएसए व वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी ने आवेदकों का साक्षात्कार लिया।
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डायट प्राचार्य व शिक्षाविद मौजूद नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि समिति का कोरम पूरे बिना चयन वैध नहीं हो सकता। चयन समिति की अध्यक्ष डायट प्राचार्य सोनिया गुप्ता ने बताया कि उन्हें साक्षात्कार के लिए देर से सूचना मिली थी। इसलिए वह मौके पर नहीं पहुंच पाईं थीं।
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राज्य अध्यापक पुरस्कार के चयन में कोई भी अनियमितता नहीं की गई है। डायट प्राचार्य साक्षात्कार के दौरान ऑनलाइन जुड़ीं थीं।
-जयशंकर श्रीवास्तव, बीएसए
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बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन स्कूलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को हर साल शिक्षक दिवस पर राज्य अध्यापक पुरस्कार दिया जाता है। इस बार पुरस्कार के लिए शिक्षिका श्रुति शर्मा, बबिता रानी, अरुण गुप्ता, राम प्रसाद और सरताज अली ने आवेदन किया था। 18 जुलाई को बीएसए कार्यालय के सभागार में साक्षात्कार रखा गया।
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चयन समिति में डायट प्राचार्य सोनिया गुप्ता अध्यक्ष व बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव सचिव हैं। समिति में डीएम से नामित शिक्षाविद समेत दो और सदस्य होते हैं। अधिवक्ता रमेश चंद्र ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा व शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजकर बताया कि समिति के सचिव बीएसए व वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी ने आवेदकों का साक्षात्कार लिया।
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डायट प्राचार्य व शिक्षाविद मौजूद नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि समिति का कोरम पूरे बिना चयन वैध नहीं हो सकता। चयन समिति की अध्यक्ष डायट प्राचार्य सोनिया गुप्ता ने बताया कि उन्हें साक्षात्कार के लिए देर से सूचना मिली थी। इसलिए वह मौके पर नहीं पहुंच पाईं थीं।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के चयन में कोई भी अनियमितता नहीं की गई है। डायट प्राचार्य साक्षात्कार के दौरान ऑनलाइन जुड़ीं थीं।
-जयशंकर श्रीवास्तव, बीएसए