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Shahjahanpur News: ओवरस्पीड बस चलाने पर रोडवेज सख्त, पांच अनुबंधित बसों पर लगाया जुर्माना
Sat, 01 Aug 2026 12:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:46 AM IST
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शाहजहांपुर। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रोडवेज प्रशासन ने ओवरस्पीड बसों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) की छह जुलाई को हुई निगरानी में पांच अनुबंधित रोडवेज बसें निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार से संचालित होती मिलीं। मामले में संबंधित वाहन चालकों और बस स्वामियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय में किसी ने भी जवाब प्रस्तुत नहीं किया।
वीटीएस की रिपोर्ट के अनुसार, मार्ग पर संबंधित बसें 85 से 105 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित हो रहीं थीं, जबकि यह निर्धारित गति सीमा से अधिक है। अधिक गति से बस चलाने पर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। मामले की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को बस नंबर भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद ओवरस्पीड, लापरवाही और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों स्वामियों के देयकों से पांच-पांच सौ रुपये की कटौती की गई। एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि संबंधित से स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर माना गया कि संबंधित पक्षों ने अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार कर लिए हैं। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद अनुबंध की शर्तों के अनुसार संबंधित बस स्वामियों के देयकों से कटौती की गई है।
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वीटीएस की रिपोर्ट के अनुसार, मार्ग पर संबंधित बसें 85 से 105 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित हो रहीं थीं, जबकि यह निर्धारित गति सीमा से अधिक है। अधिक गति से बस चलाने पर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। मामले की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को बस नंबर भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद ओवरस्पीड, लापरवाही और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों स्वामियों के देयकों से पांच-पांच सौ रुपये की कटौती की गई। एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि संबंधित से स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर माना गया कि संबंधित पक्षों ने अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार कर लिए हैं। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद अनुबंध की शर्तों के अनुसार संबंधित बस स्वामियों के देयकों से कटौती की गई है।
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