UP: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- मंदिर ट्रस्ट में धार्मिक अनुभव नहीं, सरकार के भरोसेमंद लोगों को बनाया सदस्य
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने ट्रस्ट गठन, मंदिर चोरी जांच और गोसंरक्षण पर सरकार की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए।
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बृहस्पतिवार को राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट में ऐसे लोगों को रखा गया, जिन्हें धार्मिक कार्यों का अनुभव नहीं था। उनका आरोप है कि ट्रस्ट का गठन पूर्व नियोजित तरीके से किया गया और सरकार अपने विश्वस्त लोगों के माध्यम से काम करा रही है।
81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा लेकर आए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बृहस्पतिवार शाम प्रसाद भवन में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हुई कथित चोरी की जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती, क्योंकि ट्रस्ट बनाने वाली सरकार ही जांच करा रही है। बड़ी धनराशि बरामद होने के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई और पुलिस की कार्रवाई नियमों के अनुरूप नहीं रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू हितों की बात करने वाली सरकार अब धर्म और गोसंरक्षण के मुद्दों पर अपेक्षित कार्य नहीं कर रही है। उन्होंने लोगों से 2027 के विधानसभा चुनाव में गोमाता की रक्षा के मुद्दे को ध्यान में रखकर मतदान करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद इतने मंदिर तोड़े गए, जितने मुगल काल में नहीं तोड़े गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे रुकने वाले स्थानों पर आयोजकों को धमकाया जा रहा। हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था फिर भी गोली मार दी। जैसा जनरल डायर ने किया था, वैसा ही बिहार पुलिस ने किया। इससे पहले प्रसाद भवन पर पहुंचने पर पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद ने पत्नी नीलिमा प्रसाद, बेटे जागृत प्रसाद समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पूजन किया। इस बीच आरती भी की गई। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा ने उबरिया मंदिर के पास 11 किलो की माला पहनाकर स्वागत किया।
ईदगाह कमेटी ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठाई मांग
कार्यक्रम के दौरान ईदगाह कमेटी समेत चार मुस्लिम संगठनों ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम में पहुंचकर ज्ञापन दिया। इसमें गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन देने वालों में राहत अली खां, कासिम रजा खां, इकराम कुरैशी, वकार आलम वारसी आदि मौजूद रहे।