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Shahjahanpur News: प्रेमी के परिजनोंं के धमकाने पर किशोरी ने जहर खाकर दी जान
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खुटार के गांव में किशोरी की मौत पर जांच करती फोरेंसिक टीम। संवाद
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खुटार (शाहजहांपुर)। गांव धनसिंहपुर में जयवीर की 17 वर्षीय पुत्री राजनी ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। वह छह मार्च को गांव के ही युवक पुजेश पांडे के साथ घर छोड़कर चली गई थी। लौटने के बाद प्रेमी युवक ने भी जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। राजनी के घर वालों का आरोप है कि पुजेश के पिता ने तमंचा तानकर धमकाया, इस कारण उनकी बेटी ने खुदकुशी की।
पुलिस के अनुसार, पुजेश का गांव राजनी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों छह मार्च की रात घर से चले गए थे। पिता ने सात मार्च को पुजेश पर पुत्री को ले जाने और पुजेश के पिता प्रदीप पांडे पर लड़की को ले जाने में सहयोग करने के आरोप में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुजेश आठ मार्च को राजनी को लेकर घर लौट आया था। जयवीर के अनुसार दोनों ने शादी की बात कही, लेकिन पुजेश के पिता ने शादी से इन्कार कर दिया था। आरोप है कि शादी की जिद करने पर प्रदीप पांडे ने तमंचा तानकर राजनी को जान से मारने की धमकी देते हुए घर जाने के लिए कह दिया था। यह भी कहा था कि बाद में कोर्ट मैरिज करा देंगे।
जयवीर के अनुसार पुजेश ने आठ मार्च की शाम जहर खा लिया था। उसका निजी डॉक्टर के यहां इलाज चल रहा है। वहीं धमकाने से आहत पुत्री ने सोमवार सुबह जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने किशोरी से पूछताछ की तो उसने धमकी और जहर खाने के बारे में बताया। इलाज के लिए ले जाने की तैयारी के दौरान ही किशोरी ने दम तोड़ दिया। सूचना पाकर सीओ प्रवीण मलिक भी मौके पर पहुंचे और किशोरी के परिजनों से पूछताछ की। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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परिजनों ने पांच घंटे तक नहीं उठने दिया राजनी का शव
खुटार। गांव धनसिंहपुर में प्रेमी पुजेश के पिता और परिजनों के धमकाने के चलते जहर खाने वाली राजनी के शव को परिजनों ने पांच घंटे तक पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। बाद में पुजेश के चाचा और ताऊ को थाने भिजवाने के बाद बमुश्किल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा सका।
छह मार्च को घर से जाने के बाद आठ मार्च को राजनी प्रेमी पुजेश के साथ उसके घर पहुंची थी। राजनी शादी कराने की मांग कर रही थी। पुजेश भी राजी था लेकिन उसके परिजन राजनी से शादी के लिए तैयार नहीं थे। राजनी को घर भेजने का प्रयास सफल न होने पर पुजेश के परिजनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
उधर पुजेश ने भी परिजनों के शादी की बात न मानने पर जहर खा लिया। घर जाकर किशोरी धमकाने और प्रेमी के जहर खाने से बेहद आहत थी। पिता और मां के अनुसार राजनी ने उन्हें धमकी के बारे में बताया था।
जहर खाने के बाद दाेपहर डेढ़ बजे राजनी की मौत हो गई। दो बजे पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और जांच की। बाद में किशोरी के परिजन मांग करने लगे कि पहले आरोपी युवक और उसके परिजनों की गिरफ्तारी की जाए। इसके बाद ही शव पोस्टमॉर्टम के लिए जाने दिया जाएगा।
पुलिस के कई घंटे तक समझाने के बाद भी बात नहीं बनी, तो पुलिस ने आरोपी युवक के चाचा और ताऊ को थाने भिजवा दिया। इसके बाद बमुश्किल शाम सात बजे पुलिस ने परिजनों को समझाकर किशोरी का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह ने बताया कि किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच की जा रही थी। सोमवार को जानकारी मिली कि लड़की की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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पुलिस की लापरवाही आई सामने
मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। राजनी को ले जाने में पुजेश और उसके पिता पर नामजद रिपोर्ट होने के बाद भी पुलिस लापरवाही बरतती रही। आठ मार्च को राजनी और पुजेश घर पहुंच गए लेकिन पुलिस को भनक तक न लग सकी। तमाम मामलों में मुखबिर की सूचना पर लोगों को पकड़ने का दावा करने वाली पुलिस को पुजेश के जहर खाने की जानकारी भी नहीं मिल सकी। पुलिस आठ मार्च को ही कार्रवाई करती तो राजनी की जान बच सकती थी।
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बाहर काम करता था युवक, काफी समय से था प्रेम प्रसंग
पुजेश ब्राह्मण परिवार से है, जबकि राजनी अनुसूचित जाति की है। युवक दिल्ली व अन्य स्थानों पर रहकर कारखानों में काम करता था और घर आने पर खेतीबाड़ी के काम में मदद करता था। गांव के लोगों के अनुसार दोनों का प्रेम प्रसंग काफी समय से चल रहा था। लड़की के नाबालिग होने और दूसरी जाति से होने के चलते ही दोनों ही परिवार शादी के पक्ष में नहीं थे।
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पुलिस के अनुसार, पुजेश का गांव राजनी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों छह मार्च की रात घर से चले गए थे। पिता ने सात मार्च को पुजेश पर पुत्री को ले जाने और पुजेश के पिता प्रदीप पांडे पर लड़की को ले जाने में सहयोग करने के आरोप में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुजेश आठ मार्च को राजनी को लेकर घर लौट आया था। जयवीर के अनुसार दोनों ने शादी की बात कही, लेकिन पुजेश के पिता ने शादी से इन्कार कर दिया था। आरोप है कि शादी की जिद करने पर प्रदीप पांडे ने तमंचा तानकर राजनी को जान से मारने की धमकी देते हुए घर जाने के लिए कह दिया था। यह भी कहा था कि बाद में कोर्ट मैरिज करा देंगे।
जयवीर के अनुसार पुजेश ने आठ मार्च की शाम जहर खा लिया था। उसका निजी डॉक्टर के यहां इलाज चल रहा है। वहीं धमकाने से आहत पुत्री ने सोमवार सुबह जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने किशोरी से पूछताछ की तो उसने धमकी और जहर खाने के बारे में बताया। इलाज के लिए ले जाने की तैयारी के दौरान ही किशोरी ने दम तोड़ दिया। सूचना पाकर सीओ प्रवीण मलिक भी मौके पर पहुंचे और किशोरी के परिजनों से पूछताछ की। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने पांच घंटे तक नहीं उठने दिया राजनी का शव
खुटार। गांव धनसिंहपुर में प्रेमी पुजेश के पिता और परिजनों के धमकाने के चलते जहर खाने वाली राजनी के शव को परिजनों ने पांच घंटे तक पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। बाद में पुजेश के चाचा और ताऊ को थाने भिजवाने के बाद बमुश्किल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा सका।
छह मार्च को घर से जाने के बाद आठ मार्च को राजनी प्रेमी पुजेश के साथ उसके घर पहुंची थी। राजनी शादी कराने की मांग कर रही थी। पुजेश भी राजी था लेकिन उसके परिजन राजनी से शादी के लिए तैयार नहीं थे। राजनी को घर भेजने का प्रयास सफल न होने पर पुजेश के परिजनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
उधर पुजेश ने भी परिजनों के शादी की बात न मानने पर जहर खा लिया। घर जाकर किशोरी धमकाने और प्रेमी के जहर खाने से बेहद आहत थी। पिता और मां के अनुसार राजनी ने उन्हें धमकी के बारे में बताया था।
जहर खाने के बाद दाेपहर डेढ़ बजे राजनी की मौत हो गई। दो बजे पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और जांच की। बाद में किशोरी के परिजन मांग करने लगे कि पहले आरोपी युवक और उसके परिजनों की गिरफ्तारी की जाए। इसके बाद ही शव पोस्टमॉर्टम के लिए जाने दिया जाएगा।
पुलिस के कई घंटे तक समझाने के बाद भी बात नहीं बनी, तो पुलिस ने आरोपी युवक के चाचा और ताऊ को थाने भिजवा दिया। इसके बाद बमुश्किल शाम सात बजे पुलिस ने परिजनों को समझाकर किशोरी का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह ने बताया कि किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच की जा रही थी। सोमवार को जानकारी मिली कि लड़की की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस की लापरवाही आई सामने
मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। राजनी को ले जाने में पुजेश और उसके पिता पर नामजद रिपोर्ट होने के बाद भी पुलिस लापरवाही बरतती रही। आठ मार्च को राजनी और पुजेश घर पहुंच गए लेकिन पुलिस को भनक तक न लग सकी। तमाम मामलों में मुखबिर की सूचना पर लोगों को पकड़ने का दावा करने वाली पुलिस को पुजेश के जहर खाने की जानकारी भी नहीं मिल सकी। पुलिस आठ मार्च को ही कार्रवाई करती तो राजनी की जान बच सकती थी।
बाहर काम करता था युवक, काफी समय से था प्रेम प्रसंग
पुजेश ब्राह्मण परिवार से है, जबकि राजनी अनुसूचित जाति की है। युवक दिल्ली व अन्य स्थानों पर रहकर कारखानों में काम करता था और घर आने पर खेतीबाड़ी के काम में मदद करता था। गांव के लोगों के अनुसार दोनों का प्रेम प्रसंग काफी समय से चल रहा था। लड़की के नाबालिग होने और दूसरी जाति से होने के चलते ही दोनों ही परिवार शादी के पक्ष में नहीं थे।
