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Shahjahanpur News: सिलिंडर की मुश्किल...शादी में मेहमानों के भोजन पर भी संकट
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टाउनहॉल स्थित गैस एजेंसी के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़। संवाद
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शाहजहांपुर। ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण गैस का संकट लोगों के लिए मुसीबत बनने लगा है। रमजान के महीने के बाद मुस्लिम शादियां प्रारंभ होने से सिलिंडर पाने और बुकिंग कराने के लिए मारा-मारी मची है। सिलिंडर नहीं मिलने से मेहमानों के भोजन पर संकट बन रहा है। लोगों को एक-एक सिलिंडर के लिए जूझना पड़ रहा है। जिसके चलते लोग रिश्तेदारों से संपर्क साधकर सिलिंडर उपलब्ध कराने की गुजारिश कर रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न एजेंसियों पर केवाईसी कराने के लिए भी लोगों की कतार लग रहीं हैं।
हिंदू धर्म में शादियां 15 मार्च से खरमास प्रारंभ होने से समाप्त हो गईं। अब शहनाई 14 अप्रैल के बाद बजेगी। जबकि मुस्लिमों में शादियां ईद के बाद शुरू हो जाएंगी। 27 से 29 मार्च के बीच काफी शादियां है। तिथि नजदीक आने के चलते लोगों को सिलिंडर की आवश्यकता है, लेकिन उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है।
मुस्लिम शादियाें में खाना लकड़ियों के जरिये बन जाएगा, लेकिन टिक्की, बताशे, चाट-पकौड़ी, चाऊमीन, बर्गर, कटलेट, पनीर टिक्का आदि बनना मुश्किल होगा। ऐसे में उन्हें इन वस्तुओं पर कटौती करनी पड़ेगी। मोहल्ला खलीलशर्की निवासी सबा खान बताती हैं कि उनके घर में मार्च महीने के अंत में शादी है।
घर में गैस सिलिंडर का एक कनेक्शन हैं। उन्हें आठ सिलिंडर की जरूरत है, लेकिन मिल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में रिश्तेदारों व पहचान वालों से सिलिंडर मांगे हैं, जिससे निकाह को सही से निपटाया जा सके।
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दो अप्रैल को बेटी का निकाह होगा। इसमें वेज और नॉनवेज दोनों ही खाना बनवाना है, लेकिन सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गैस एजेंसी के कई चक्कर लगाने पर केवाईसी के लिए दौड़ाया जा रहा है।
-शकील अहमद, मुगलान कटरा
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बहन की शादी के लिए सिलिंडरों की जरूरत है। घर का सिलिंडर बुक कराने के लिए कॉल कर रहे हैं। वह भी नंबर नहीं लग रहा है। ऐसे में काफी दिक्कत आ रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सिलिंडर मिलने लगेंगे।
-मोहम्मद सलमान, जलालनगर
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शादी में खाना बनाने के लिए सिलिंडर की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। खाने का ऑर्डर बुक करने से पहले ही सिलिंडर के बारे में जानकारी लेते हैं। सिलिंडर पर्याप्त होने पर ही ऑर्डर बुक कर रहे हैं।
-अनिल राठौर, कैटरर
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मिठाइयों और चाट-पकौड़ी पर भी आफत
सिलिंडर की किल्लत के चलते मिठाइयों और चाट पकौड़ी की दुकानों पर भी संकट आ गया है। पहले की तरह मिठाई का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इसी तरह बेसन के पकौड़े, पनीर पकौड़ी आदि बनना भी मुश्किल हो रहा है। कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक और घरेलू सिलिंडर के उपयोग पर कार्रवाई के चलते अधिकतर दुकानें बंद होने के कगार पर पहुंचने लगी हैं।
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गैस की किल्लत से महंगे हुए मोमोज
खुदागंज। कॉमर्शियल सिलिंडर आपूर्ति बाधित होने से खाद्य पदार्थों पर महंगाई की मार देखने को मिल रही है। इसके चलते छोटे व बड़े रेस्टोरेंट-होटलों का कारोबार प्रभावित होने लगा है। बाजारों में ठेलों व दुकानों पर मिलने वाले खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं। पहले बाजारों में 10 रुपये के चार मोमेज मिलते थे। अब 15 के चार कर दिए गए हैं। इसी प्रकार दस वाला रोल भी 15 रुपये का कर दिया गया है। एक दुकानदार ने बताया कि सिलिंडर की कमी के कारण खाद्य पदार्थ नहीं बन पा रहे हैं। गैस की कमी के साथ कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी ने कारोबार पर असर डाला है। दूसरी ओर सिलिंडर की बुकिंग के दौरान ओटीपी नहीं आने से उपभोक्ताओं को एजेंसी पर लाइन लगाना पड़ रही है। गैस एजेंसी पर सुबह से उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगने लगती हैं। एजेंसी संचालक मनोज अग्रवाल ने बताया कि एजेंसी पर फिलहाल गैस सिलिंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। सर्वर में आई तकनीकी समस्या के कारण उपभोक्ताओं के नंबर और ओटीपी में दिक्कत आ रही है। संवाद
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सिलिंडर पाने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा
कांट। रामा एजेंसी पर सिलिंडर बुक कराने के लिए लंबी लाइन लगाना पड़ रही है। उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट कराने और केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने पर सिलिंडर बुक हो रहा है। इसके चलते लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एजेंसी के मैनेजर सुरेश चंद्र सक्सेना ने बताया कि सुबह से एजेंसी पर लंबी कतार लग रही है। 318 सिलिंडरों की गाड़ी आती है, जो कुछ देर में खाली हो जाती है। संवाद
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प्लाईवुड इंडस्ट्रीज पर भी युद्ध की मार, केमिकल महंगे होने से लागत बढ़ी
शाहजहांपुर। ईरान-इस्राइल युद्ध की चपेट में प्लाईवुड इंडस्ट्रीज भी आ गई है। प्लाईवुड को चिपकाने वाले कैमिकल की किल्लत के चलते संकट आ गया है। पूर्व में लिए गए ऑर्डर को देने के लिए उद्यमी महंगा केमिकल खरीदने के लिए मजबूर हैं। उद्यमियों के अनुसार, युद्ध के चलते आठ से दस प्रतिशत तक लागत बढ़ गई है।
कई कैमिकल की आपूर्ति खाड़ी देशों से होती है। इनका आना लगभग बंद हो गया है। इस कारण प्लाईवुड उद्योग पर संकट आ गया है। उत्तर प्रदेश प्लाईवुड मैनुफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि केमिकल के दाम में दस से 12 दिन में 50 से 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। जिनके पास गोदामों में कैमिकल है। वह मनमाने दाम पर बेच रहे हैं। इसका असर उत्पादन और कीमत पर पड़ रहा है। खाड़ी देशों में तनाव के चलते प्लाईवुड पर आठ से दस प्रतिशत तक लागत बढ़ गई है। पूर्व से लिए ऑर्डर को पूरा करने को ऊंचे रेट पर केमिकल खरीदना पड़ रहा है। जबकि डिलीवरी पुराने रेट पर ही देना पड़ेगी। संवाद
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प्रवर्तन टीम को तीन दुकानों पर मिले घरेलू सिलिंडर, कार्रवाई होगी
गैस की किल्लत के बीच डीएम के निर्देश पर बनी प्रवर्तन टीम ने रविवार को अभियान चलाकर कार्रवाई की। डीएसओ चमन शर्मा के नेतृत्व में टीम ने केरूंगज में पक्का पुल के पास महेश चंद्र की दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां दो घरेलू, दो छोटे सिलिंडर व 29 अधोमानक छोटे सिलिंडर जब्त किए गए। डीएसओ के अनुसार, दुकान पर बड़े से छोटे सिलिंडर में गैस रिफलिंग की जा रही थी। इसी तरह मोहल्ला महमानगढ़ी में चाय के स्टॉल पर दो घरेलू सिलिंडर जब्त किए गए। उसके बाद तहसील तिलहर के खैरपुर चौराहा पर मिठाई की दुकान पर दो घरेलू गैस सिलिंडर उपयोग होते मिलने पर जब्त कर लिए गए। डीएसओ ने बताया कि संंबंधित पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
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रसोई गैस सिलिंडर मिलने में किसी को दिक्कत नहीं आ रही है। लोग आवश्यकतानुसार सिलिंडर बुक कराएं। धैर्य बनाए रखें। कालाबाजारी करने का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रहीं हैं।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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किसी व्यक्ति के घरेलू एलपीजी का उपयोग व्यावसायिक करते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू सिलिंडर को कॉमर्शियल सिलिंडर में रिफिल कराकर दुरुपयोग किया जा रहा था। कॉमर्शियल सिलिंडर की रिफिल का बिल प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।
-चमन शर्मा, डीएसओ
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हिंदू धर्म में शादियां 15 मार्च से खरमास प्रारंभ होने से समाप्त हो गईं। अब शहनाई 14 अप्रैल के बाद बजेगी। जबकि मुस्लिमों में शादियां ईद के बाद शुरू हो जाएंगी। 27 से 29 मार्च के बीच काफी शादियां है। तिथि नजदीक आने के चलते लोगों को सिलिंडर की आवश्यकता है, लेकिन उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है।
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मुस्लिम शादियाें में खाना लकड़ियों के जरिये बन जाएगा, लेकिन टिक्की, बताशे, चाट-पकौड़ी, चाऊमीन, बर्गर, कटलेट, पनीर टिक्का आदि बनना मुश्किल होगा। ऐसे में उन्हें इन वस्तुओं पर कटौती करनी पड़ेगी। मोहल्ला खलीलशर्की निवासी सबा खान बताती हैं कि उनके घर में मार्च महीने के अंत में शादी है।
घर में गैस सिलिंडर का एक कनेक्शन हैं। उन्हें आठ सिलिंडर की जरूरत है, लेकिन मिल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में रिश्तेदारों व पहचान वालों से सिलिंडर मांगे हैं, जिससे निकाह को सही से निपटाया जा सके।
दो अप्रैल को बेटी का निकाह होगा। इसमें वेज और नॉनवेज दोनों ही खाना बनवाना है, लेकिन सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गैस एजेंसी के कई चक्कर लगाने पर केवाईसी के लिए दौड़ाया जा रहा है।
-शकील अहमद, मुगलान कटरा
बहन की शादी के लिए सिलिंडरों की जरूरत है। घर का सिलिंडर बुक कराने के लिए कॉल कर रहे हैं। वह भी नंबर नहीं लग रहा है। ऐसे में काफी दिक्कत आ रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सिलिंडर मिलने लगेंगे।
-मोहम्मद सलमान, जलालनगर
शादी में खाना बनाने के लिए सिलिंडर की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। खाने का ऑर्डर बुक करने से पहले ही सिलिंडर के बारे में जानकारी लेते हैं। सिलिंडर पर्याप्त होने पर ही ऑर्डर बुक कर रहे हैं।
-अनिल राठौर, कैटरर
मिठाइयों और चाट-पकौड़ी पर भी आफत
सिलिंडर की किल्लत के चलते मिठाइयों और चाट पकौड़ी की दुकानों पर भी संकट आ गया है। पहले की तरह मिठाई का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इसी तरह बेसन के पकौड़े, पनीर पकौड़ी आदि बनना भी मुश्किल हो रहा है। कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक और घरेलू सिलिंडर के उपयोग पर कार्रवाई के चलते अधिकतर दुकानें बंद होने के कगार पर पहुंचने लगी हैं।
गैस की किल्लत से महंगे हुए मोमोज
खुदागंज। कॉमर्शियल सिलिंडर आपूर्ति बाधित होने से खाद्य पदार्थों पर महंगाई की मार देखने को मिल रही है। इसके चलते छोटे व बड़े रेस्टोरेंट-होटलों का कारोबार प्रभावित होने लगा है। बाजारों में ठेलों व दुकानों पर मिलने वाले खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं। पहले बाजारों में 10 रुपये के चार मोमेज मिलते थे। अब 15 के चार कर दिए गए हैं। इसी प्रकार दस वाला रोल भी 15 रुपये का कर दिया गया है। एक दुकानदार ने बताया कि सिलिंडर की कमी के कारण खाद्य पदार्थ नहीं बन पा रहे हैं। गैस की कमी के साथ कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी ने कारोबार पर असर डाला है। दूसरी ओर सिलिंडर की बुकिंग के दौरान ओटीपी नहीं आने से उपभोक्ताओं को एजेंसी पर लाइन लगाना पड़ रही है। गैस एजेंसी पर सुबह से उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगने लगती हैं। एजेंसी संचालक मनोज अग्रवाल ने बताया कि एजेंसी पर फिलहाल गैस सिलिंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। सर्वर में आई तकनीकी समस्या के कारण उपभोक्ताओं के नंबर और ओटीपी में दिक्कत आ रही है। संवाद
सिलिंडर पाने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा
कांट। रामा एजेंसी पर सिलिंडर बुक कराने के लिए लंबी लाइन लगाना पड़ रही है। उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट कराने और केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने पर सिलिंडर बुक हो रहा है। इसके चलते लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एजेंसी के मैनेजर सुरेश चंद्र सक्सेना ने बताया कि सुबह से एजेंसी पर लंबी कतार लग रही है। 318 सिलिंडरों की गाड़ी आती है, जो कुछ देर में खाली हो जाती है। संवाद
प्लाईवुड इंडस्ट्रीज पर भी युद्ध की मार, केमिकल महंगे होने से लागत बढ़ी
शाहजहांपुर। ईरान-इस्राइल युद्ध की चपेट में प्लाईवुड इंडस्ट्रीज भी आ गई है। प्लाईवुड को चिपकाने वाले कैमिकल की किल्लत के चलते संकट आ गया है। पूर्व में लिए गए ऑर्डर को देने के लिए उद्यमी महंगा केमिकल खरीदने के लिए मजबूर हैं। उद्यमियों के अनुसार, युद्ध के चलते आठ से दस प्रतिशत तक लागत बढ़ गई है।
कई कैमिकल की आपूर्ति खाड़ी देशों से होती है। इनका आना लगभग बंद हो गया है। इस कारण प्लाईवुड उद्योग पर संकट आ गया है। उत्तर प्रदेश प्लाईवुड मैनुफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि केमिकल के दाम में दस से 12 दिन में 50 से 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। जिनके पास गोदामों में कैमिकल है। वह मनमाने दाम पर बेच रहे हैं। इसका असर उत्पादन और कीमत पर पड़ रहा है। खाड़ी देशों में तनाव के चलते प्लाईवुड पर आठ से दस प्रतिशत तक लागत बढ़ गई है। पूर्व से लिए ऑर्डर को पूरा करने को ऊंचे रेट पर केमिकल खरीदना पड़ रहा है। जबकि डिलीवरी पुराने रेट पर ही देना पड़ेगी। संवाद
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रसोई गैस सिलिंडर मिलने में किसी को दिक्कत नहीं आ रही है। लोग आवश्यकतानुसार सिलिंडर बुक कराएं। धैर्य बनाए रखें। कालाबाजारी करने का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रहीं हैं।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
किसी व्यक्ति के घरेलू एलपीजी का उपयोग व्यावसायिक करते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू सिलिंडर को कॉमर्शियल सिलिंडर में रिफिल कराकर दुरुपयोग किया जा रहा था। कॉमर्शियल सिलिंडर की रिफिल का बिल प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।
-चमन शर्मा, डीएसओ

टाउनहॉल स्थित गैस एजेंसी के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़। संवाद

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