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Shahjahanpur News: युद्ध का दंश... रसोई पर महंगाई की मार

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:44 AM IST
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The Scars of War... Inflation's Blow to the Kitchen
बहादुरगंज ​स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  
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शाहजहांपुर। ईरान-इस्राइल युद्ध का असर घर की रसोई तक पहुंच गया है। खाद्य तेलों, रिफाइंड व ड्राई फ्रूट के दामों में उछाल आने से घर का बजट लड़खड़ा गया है। सिलिंडरों के लिए मारामारी और खाद्य तेलों के दाम में बढ़ोतरी के चलते आने वाले सहालग में लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। दुकानदारों के अनुसार, रेट बढ़ने से कारोबार भी कम हुआ है।
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खाड़ी देशों में युद्ध के चलते समुद्र के रास्ते से आने वाली सामग्री प्रभावित हुई है। पिछले कुछ दिनों से रिफाइंड और सरसों के तेल की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है। इसके चलते लोगों के घरों का बजट लड़खड़ा गया है।
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रिफाइंड और सोयाबीन ऑयल पर 20 से 25 रुपये तक का इजाफा हुआ है। इसी तरह सरसों के तेल के दाम में भी 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते लोग जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं।
व्यापारी शादाब रजा ने बताया कि दाम बढ़ाने के साथ ही रिफाइंड के पैकेट का वजन भी घटा दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से तेल के दाम काफी बढ़ने से बिक्री काफी कम हो गई है। पहले लोग महीने भर के लिए खरीदारी करते थे। अब वे जरूरत के हिसाब से ही खरीद रहे हैं।
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नाम पहले के दाम अब के रेट
रिफाइंड 750 मिली 125 रुपये 150
सरसों का तेल 165 रुपये किलोग्राम 185
पाम ऑयल 105 रुपये किलो 120
पिस्ता 1200 रुपये किलो 1280
काजू वन पीस 970 रुपये किलो 1000
काजू टू पीस 870 रुपये किलो 900
बादाम 880 रुपये किलो 930
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व्यापारियों ने कहा
युद्ध की वजह से अनिश्चितता के चलते दाम में उतार-चढ़ाव जारी है। कंपनियों ने रेट बढ़ाकर वजन कम कर दिया है। ऐसे में ग्राहक भी पसोपेश में हैं। दाम बढ़ने से ग्राहकों की संख्या में कमी आई है।
- वसी उल्ला
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सोयाबीन आयात होता है इसलिए रिफाइंड तेल महंगा हो गया है। हालांकि, सन फ्लावर और मूंगफली के तेल के दाम नहीं बढ़े हैं। पाम ऑयल भी आयात होता है। इसके दाम में भी इजाफा हुआ है।
- सुनील अग्रवाल
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महिलाओं का नजरिया
रिफाइंड और सरसों के तेल के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके चलते रसोई का बजट लड़खड़ा गया है। मध्यमवर्गीय लोगों की सबसे ज्यादा हालत खराब है। खाद्य सामग्री के दाम कम होने चाहिए।
-पूनम शर्मा
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रिफाइंड तेल के पैकेट का वजन दिन प्रतिदिन कम हो रहा है। जबकि रेट बढ़ते जा रहे हैं। महंगाई लगातार बढ़ने से लोग परेशान हैं। इस ओर सरकार को ध्यान देते हुए लोगों को राहत देन के लिए कदम उठाने चाहिए।
- शीबा बेगम

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

बहादुरगंज स्थित एक दुकान पर रखे तेल के पैकेट व बोतल। संवाद  

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