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Shahjahanpur News: मालिकाना हक लेने के लिए आगे आ रहीं महिलाएं
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शाहजहांपुर। महिलाओं को अब मालिकाना हक मिल रहा है। अपने नाम संपत्ति दर्ज कराने वालीं महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं सरकारी योजनाओं में भी महिलाओं को मालिकाना हक देने में प्राथमिकता दी जा रही है। जहां राशनकार्ड महिलाओं के नाम बनाए जा रहे हैं वहीं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मालिकाना हक देने में महिलाओं को वरीयता दी जा रही है।
महिलाएं लगातार सशक्त हो रहीं हैं। पहले की अपेक्षा संपत्ति खरीदने में महिलाएं पुरुषों से बहुत पीछे नहीं हैं। संपत्ति खरीदने में महिलाओं का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। पहले महिलाओं के नाम पर जमीन नहीं होती थी, लेकिन तस्वीर बदल गई है। लोग महिलाओं के नाम जमीन खरीद रहे हैं। हालांकि इसके पीछे बड़ी वजह महिलाओं के नाम जमीन खरीदने में मिलने वाला फायदा है।
सदर तहसील के सब रजिस्टार अरुण गुप्ता ने बताया कि पुरुषों से स्टांप शुल्क की दो प्रतिशत फीस ली जाती है, जबकि महिलाओं से एक प्रतिशत स्टांप शुल्क लिया जाता है। रुपये बचाने के चक्कर में लोग महिलाओं के नाम जमीन अधिक खरीदने लगे हैं। इससे परिवारों में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो रही है।
वहीं, उद्योग की बात करें तो यहां भी महिलाएं लगातार कदम आगे बढ़ा रहीं हैं। जिला उद्योग केंद्र के सहायक विकास अधिकारी अरुण पांडेय ने बताया कि 2025-26 में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 31 महिलाओं को लाभ दिया गया जबकि 70 पुरुष लाभार्थी रहे। इसी तरह ओडीओपी के तहत 28 लाभार्थियों में 12 महिलाएं थीं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 1587 लाभार्थियों में से 430 महिलाएं रहीं।
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महिलाओं और पुरुषों ने सदर उप निबंधक कार्यालय में कराए बैनामा
वर्ष महिला पुरुष
2024 4441 7816
2025 6340 6386
2026 5786 6901 फरवरी तक
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राशनकार्ड महिलाओं के नाम, मकान पर भी हक
जिले में करीब 5.75 लाख राशनकार्ड धारक हैं। अब महिलाओं को घर का मुखिया मानते हुए उनके नाम राशनकार्ड बनाए गए हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में मालिकाना हक महिलाओं को देने में प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में गत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 36 सौ आवास के लिए किस्त जारी की गई थी जिनमें अधिकतर महिलाओं के नाम हैं। मकान या तो महिला के नाम पर किया जा रहा है फिर संयुक्त रूप से नाम किया जा रहा है।
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डीएल बनवाने के लिए भी आगे आ रहीं महिलाएं
वाहनों का मालिकाना हक रखने में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब करीब 30 प्रतिशत तक महिलाओं के नाम पर दोपहिया या चारपहिया वाहनों की खरीद की जा रही है। विवाह में उपहार स्वरूप दी जाने वालीं अधिकतर गाड़ियों को महिलाओं के नाम ही खरीदा जाता है। इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भी महिलाओं की संख्या बढ़ी है। जिले में 385502 पुरुषों के नाम डीएल हैं वहीं महिलाओं के नाम 10529 हैं। 2025-26 में 28172 पुरुषों ने लाइसेंस बनवाए तो 823 डीएल महिलाओं के नाम दर्ज हैं।
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सदर तहसील के सब रजिस्टार अरुण गुप्ता ने बताया कि पुरुषों से स्टांप शुल्क की दो प्रतिशत फीस ली जाती है, जबकि महिलाओं से एक प्रतिशत स्टांप शुल्क लिया जाता है। रुपये बचाने के चक्कर में लोग महिलाओं के नाम जमीन अधिक खरीदने लगे हैं। इससे परिवारों में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो रही है।
वहीं, उद्योग की बात करें तो यहां भी महिलाएं लगातार कदम आगे बढ़ा रहीं हैं। जिला उद्योग केंद्र के सहायक विकास अधिकारी अरुण पांडेय ने बताया कि 2025-26 में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 31 महिलाओं को लाभ दिया गया जबकि 70 पुरुष लाभार्थी रहे। इसी तरह ओडीओपी के तहत 28 लाभार्थियों में 12 महिलाएं थीं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 1587 लाभार्थियों में से 430 महिलाएं रहीं।
महिलाओं और पुरुषों ने सदर उप निबंधक कार्यालय में कराए बैनामा
वर्ष महिला पुरुष
2024 4441 7816
2025 6340 6386
2026 5786 6901 फरवरी तक
राशनकार्ड महिलाओं के नाम, मकान पर भी हक
जिले में करीब 5.75 लाख राशनकार्ड धारक हैं। अब महिलाओं को घर का मुखिया मानते हुए उनके नाम राशनकार्ड बनाए गए हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में मालिकाना हक महिलाओं को देने में प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में गत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 36 सौ आवास के लिए किस्त जारी की गई थी जिनमें अधिकतर महिलाओं के नाम हैं। मकान या तो महिला के नाम पर किया जा रहा है फिर संयुक्त रूप से नाम किया जा रहा है।
डीएल बनवाने के लिए भी आगे आ रहीं महिलाएं
वाहनों का मालिकाना हक रखने में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब करीब 30 प्रतिशत तक महिलाओं के नाम पर दोपहिया या चारपहिया वाहनों की खरीद की जा रही है। विवाह में उपहार स्वरूप दी जाने वालीं अधिकतर गाड़ियों को महिलाओं के नाम ही खरीदा जाता है। इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भी महिलाओं की संख्या बढ़ी है। जिले में 385502 पुरुषों के नाम डीएल हैं वहीं महिलाओं के नाम 10529 हैं। 2025-26 में 28172 पुरुषों ने लाइसेंस बनवाए तो 823 डीएल महिलाओं के नाम दर्ज हैं।
