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Shamli News: जनप्रतिनिधियों और जिलाध्यक्षों के गांवों में कट गए 7434 मतदाता
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:04 AM IST
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शामली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूची के अनुसार कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों, पूर्व विधायकों, ब्लॉक प्रमुखों और विभिन्न दलों के जिलाध्यक्षों के प्रभाव वाले गांवों में मतदाता संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इन गांवों में 7434 वोट कम हो गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जिले में कुल 7,52,257 मतदाता थे, जो अब घटकर 7,49,045 रह गए हैं। पुनरीक्षण अभियान में 30,502 नए मतदाता जोड़े गए, लेकिन इसके बावजूद कई गांवों में मतदाता कटौती के चलते कुल संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।
जिले के ब्लॉकवार आंकड़ों में ऊन ब्लॉक में सर्वाधिक 1,84,701 मतदाता हैं। इसके बाद थानाभवन में 1,77,884, कैराना में 1,35,670, कांधला में 1,29,303 तथा शामली ब्लॉक में 1,21,487 मतदाता दर्ज किए गए हैं। संवाद
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एमएलसी से लेकर पूर्व विधायक के गांव में कम हो गए मतदाता
एमएलसी वीरेंद्र सिंह एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान के जसाला गांव में 1267 मतदाता, रालोद जिलाध्यक्ष वाजिद अली के बराला में 1124, ब्लॉक प्रमुख विनोद मलिक के मखमूलपुर में 414, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखलाक प्रधान के पंजीठ में 545, भाजपा जिलाध्यक्ष रामजी लाल कश्यप के बुटराड़ी में 332 मतदाता कम हो गए हैं। पूर्व विधायक राव वारिस के कैड़ी क्षेत्र में 2321 मतदाता, सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ताना के गांव में 607 तथा ब्लॉक प्रमुख मुन्नी देवी के हाथी करोंदा में 824 मतदाता कम हुए है। इन सभी गांवों का कुल योग 7434 मतदाता बैठता है।
बड़े गांवों में कटे मतदाता बिगाड़ेंगे गणित
खंद्रावली में 1068, हुरमंजपुर में 299, गोहनरी में 468, सोंटा में 346, खेड़ी करमू में 1056, भाजू में 899, सोंटा रसूलपुर में 1013, कैलशिकारपुर में 324, मानकपुर में 575, जाफरपुर में 692, ऊंचा गांव में 967 तथा भूरा गांव में 1987 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इन सभी का कुल योग 9694 मतदाता है। बड़े गांवोें में वोट कटने से विस चुनाव में प्रत्याशियों का गणित भी बिगड़ेगा।
चुनावी हलचल तेज
मतदाता सूची जारी होने के बाद गांवों में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई स्थानों पर मतदाता घटने और बढ़ने के आंकड़ों को लेकर भी लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जसवंत सिंह ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर मतदाता बढ़े हैं तो कुछ जगहों पर कमी भी दर्ज हुई है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जिले में कुल 7,52,257 मतदाता थे, जो अब घटकर 7,49,045 रह गए हैं। पुनरीक्षण अभियान में 30,502 नए मतदाता जोड़े गए, लेकिन इसके बावजूद कई गांवों में मतदाता कटौती के चलते कुल संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।
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जिले के ब्लॉकवार आंकड़ों में ऊन ब्लॉक में सर्वाधिक 1,84,701 मतदाता हैं। इसके बाद थानाभवन में 1,77,884, कैराना में 1,35,670, कांधला में 1,29,303 तथा शामली ब्लॉक में 1,21,487 मतदाता दर्ज किए गए हैं। संवाद
एमएलसी से लेकर पूर्व विधायक के गांव में कम हो गए मतदाता
एमएलसी वीरेंद्र सिंह एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान के जसाला गांव में 1267 मतदाता, रालोद जिलाध्यक्ष वाजिद अली के बराला में 1124, ब्लॉक प्रमुख विनोद मलिक के मखमूलपुर में 414, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखलाक प्रधान के पंजीठ में 545, भाजपा जिलाध्यक्ष रामजी लाल कश्यप के बुटराड़ी में 332 मतदाता कम हो गए हैं। पूर्व विधायक राव वारिस के कैड़ी क्षेत्र में 2321 मतदाता, सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ताना के गांव में 607 तथा ब्लॉक प्रमुख मुन्नी देवी के हाथी करोंदा में 824 मतदाता कम हुए है। इन सभी गांवों का कुल योग 7434 मतदाता बैठता है।
बड़े गांवों में कटे मतदाता बिगाड़ेंगे गणित
खंद्रावली में 1068, हुरमंजपुर में 299, गोहनरी में 468, सोंटा में 346, खेड़ी करमू में 1056, भाजू में 899, सोंटा रसूलपुर में 1013, कैलशिकारपुर में 324, मानकपुर में 575, जाफरपुर में 692, ऊंचा गांव में 967 तथा भूरा गांव में 1987 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इन सभी का कुल योग 9694 मतदाता है। बड़े गांवोें में वोट कटने से विस चुनाव में प्रत्याशियों का गणित भी बिगड़ेगा।
चुनावी हलचल तेज
मतदाता सूची जारी होने के बाद गांवों में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई स्थानों पर मतदाता घटने और बढ़ने के आंकड़ों को लेकर भी लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जसवंत सिंह ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर मतदाता बढ़े हैं तो कुछ जगहों पर कमी भी दर्ज हुई है।