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Shamli News: पीएम आवास योजना में फर्जीवाड़ा, डीएम ने बनाई समिति, जांच शुरू

संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 19 Jun 2026 01:12 AM IST
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Fraud in PM Awas Yojana: DM forms committee, investigation begins.
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सहारनपुर। पीएम आवास योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपात्रों को योजना का लाभ दिया गया। मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले में डूडा की तरफ से भी जांच शुरू की गई थी, लेकिन जांच अधर में लटकी हुई है। इस पर फर्जीवाड़े का संदेह गहराया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने उच्च स्तरीय समिति गठित की है।

बजरंग दल मेरठ प्रांत के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने पीएम आवास योजना शहरी में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उनके द्वारा जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा गया था। उनका आरोप था कि एमआईएस कर्मचारी ने अपने पद और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी आधार कार्ड व कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अपात्रों को योजना का लाभ पहुंचाया है।
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उन्होंने करीब दस हजार आवासों की स्वीकृति को अवैध बताया था। उन्होंने बड़े षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए एसआईटी गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। अप्रैल 2026 में मामला सुर्खियों में आने के बाद डूडा ने अपने स्तर से जांच शुरू की थी, लेकिन जांच बीच में ही लटक गई। अब जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने तीन सदस्यों की समिति गठित की है, जो जांच कर रही है।
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-- जांच समिति में यह शामिल
जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति में एडीएम प्रशासन, एसडीएम और सीटीओ शामिल हैं। उम्मीद है कि जांच समय से पूरी होगी, जिसमें आरोपों की सच्चाई सामने आएगी।
-- पहले चरण में 35,214 को मिला लाभ

पीएम आवास योजना के पहले चरण में जिलेभर में कुल 35,214 लोगों के मकान मंजूर हुए थे। सभी की तीनों किस्तों का पैसा जा चुका है, लेकिन इनमें से 34,645 ही ने अपने मकान पूर्ण किए। बाकी 565 लाभार्थियों के मकान अलग-अलग कारणों से पूरे नहीं हो सके। दूसरे चरण में 16,076 पात्रों की डीपीआर बन चुकी है। इनमें से 11,057 की पहली किस्त जा चुकी है।

-- अन्य फर्जीवाड़े में तीन के विरुद्ध तहरीर
सरसावा के गांव कलरी निवासी अनिरुद्ध पुत्र लीलू ने डूडा में शिकायत की थी कि पिंजौरा निवासी पीयूष वावरिया पुत्र सुभाष ने पीएम आवास योजना शहरी के तहत उनका फर्जी फार्म भरवाकर फर्जी मैपिंग कराई तथा पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त की। प्रकरण की जांच में पता चला कि अनिरुद्ध द्वारा 2023 में हसनपुर मजरा ताहरपुर में 80 गज का प्लॉट खरीदा गया। इसके बाद खुद को नगर निगम क्षेत्र का निवासी बताते हुए प्रधानमंत्री आवास शहरी 1.0 के लिए आवेदन किया गया। आठ अगस्त 2025 को पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये की धनराशि आई। इनमें से 45 हजार रुपये पीयूष द्वारा स्थानांतरित कर लिए गए। दूसरी किस्त पांच जनवरी 2026 को 1.50 लाख रुपये आई। आरोप है कि नामित सर्वेयर निशांत कुमार द्वारा तथाकथित निर्माण व निर्मित मकान की जियो टैगिंग की गई। जांच में तीनों की मिलीभगत सामने आई है। ऐसे में पीओ डूडा की ओर से तीनों के विरुद्ध 17 अप्रैल को कोतवाली देहात में तहरीर दी गई थी।
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यह बेहद गंभीर मामला है। इसीलिए उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। निर्देश दिए गए हैं कि जल्दी से जल्दी जांच पूरी कर रिपोर्ट दी जाए, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी
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