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Shamli News: देहरादून मुठभेड़ में शामली का बदमाश अकरम ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 01 May 2026 12:53 AM IST
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मृतक अकरम का फाइल फोटो। परिजन
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देहरादून/शामली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे तीन बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। जिसमें एक बदमाश शामली निवासी अकरम ढेर हो गया, जबकि दो बदमाश भाग निकले, उनमें से एक घायल है। वहीं, प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर के हाथ में दो गोली लगी हैं।
जानकारी के अनुसार, पौंधा रोड पर एक व्यक्ति को गोली मारकर बदमाशों ने उसकी चेन और नकदी लूट ली और मौके से भाग गए। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को मार गिराया, जबकि दो फरार हो गए। इस दौरान प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर को भी दो गोलियां लगीं, जिन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
उधर, लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने जिस व्यक्ति को गोली मारी थी उसको भी हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। फिलहाल फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस सघन कांबिंग अभियान चला रही है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि रात 10 बजकर 36 मिनट में पुलिस को 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि प्रेमनगर थाना क्षेत्र के पौंधा में एक व्यक्ति को गोली मारकर बदमाश उसकी चेन, मोबाइल फोन और पैसे छीनकर भागे हैं। इसके बाद सभी थाना क्षेत्रों में अलर्ट कर दिया गया। सभी थाना क्षेत्रों में चेकिंग के निर्देश दिए गए थे।
प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर पूरी पुलिस फोर्स के साथ जांच कर रहे थे। जो गाड़ी बताई गई थी इंस्पेक्टर प्रेमनगर को वो गाड़ी दिखी तो उसे रुकने का इशारा किया, उसमें तीन बदमाश बैठे थे। उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने फायरिंग कर दी। इसमें दो गोली प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर को लगीं।
नकरौंदा डकैती व हत्याकांड के बाद गुजरात में ढाई सालों तक सलीम बनकर रहा था अकरम
देहरादून। नकरौंदा डकैती व हत्याकांड का आरोपी अकरम और उसका भाई असलम दोनों ही कुख्यात बदमाश थे। असलम की सहारनपुर और शामली में अपने गैंग के साथ कई अपराधों में सक्रिय भूमिका रही थी। वर्ष 2017 में असलम नोएडा पुलिस की गोली का शिकार बन गया था।
असलम उत्तर प्रदेश में पांच डकैतियों को अंजाम दे चुका था। अब आठ साल बाद अकरम को देहरादून पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। डकैती व हत्याकांड के लगभग सभी आरोपी कभी न कभी पुलिस की गोली खा चुके हैं। यूपी पुलिस से मुठभेड़ में चार साल पहले नदीम के पैर में गोली लगी थी। दरअसल 10 सितंबर 2014 को नकरौंदा में कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के घर खिड़की की जाली निकालकर छह सशस्त्र बदमाश घुसे थे। इस दौरान थपलियाल परिवार भी जाग गया तो बदमाशों ने उन्हें हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। घर में मौजूद सुरेंद्र थपलियाल का इकलौता बेटा 23 वर्षीय अंकित अकरम के साथ भिड़ गया।
अंकित अकरम पर हावी होने लगा था तो अकरम ने गोली चला दी। इससे अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो करीब एक महीने बाद एक बदमाश नदीम को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में पांच और बदमाशों के नाम पता चले। इनमें अकरम, साजिद उर्फ सोनू, साजिद उर्फ पहलवान, सज्जाद उर्फ यामीन और अखलाक शामिल थे। कुछ दिनों के बाद चार और गिरफ्तार हो गए। जबकि, अकरम का कहीं पता नहीं चल पा रहा था।
पुलिस ने शामली स्थित उसके घर की कुर्की भी कराई। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। इसी बीच सात मार्च 2017 को पुलिस ने अकरम को गुजरात के सूरत में एक ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। अकरम वहां पर सलीम नाम से रहकर काम कर रहा था। अकरम को कुछ समय जेल में रहने के बाद न्यायालय से जमानत मिल गई। तब से वह कई अपराधों में शामिल रहा। पिछले साल 25 मार्च को क्लेमेंटटाउन पुलिस ने चोरी के आरोप में भी उसे गिरफ्तार किया। एक चोरी को उसने पटेलनगर थाना क्षेत्र में भी अंजाम दिया।
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जानकारी के अनुसार, पौंधा रोड पर एक व्यक्ति को गोली मारकर बदमाशों ने उसकी चेन और नकदी लूट ली और मौके से भाग गए। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को मार गिराया, जबकि दो फरार हो गए। इस दौरान प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर को भी दो गोलियां लगीं, जिन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
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उधर, लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने जिस व्यक्ति को गोली मारी थी उसको भी हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। फिलहाल फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस सघन कांबिंग अभियान चला रही है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि रात 10 बजकर 36 मिनट में पुलिस को 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि प्रेमनगर थाना क्षेत्र के पौंधा में एक व्यक्ति को गोली मारकर बदमाश उसकी चेन, मोबाइल फोन और पैसे छीनकर भागे हैं। इसके बाद सभी थाना क्षेत्रों में अलर्ट कर दिया गया। सभी थाना क्षेत्रों में चेकिंग के निर्देश दिए गए थे।
प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर पूरी पुलिस फोर्स के साथ जांच कर रहे थे। जो गाड़ी बताई गई थी इंस्पेक्टर प्रेमनगर को वो गाड़ी दिखी तो उसे रुकने का इशारा किया, उसमें तीन बदमाश बैठे थे। उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने फायरिंग कर दी। इसमें दो गोली प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर को लगीं।
नकरौंदा डकैती व हत्याकांड के बाद गुजरात में ढाई सालों तक सलीम बनकर रहा था अकरम
देहरादून। नकरौंदा डकैती व हत्याकांड का आरोपी अकरम और उसका भाई असलम दोनों ही कुख्यात बदमाश थे। असलम की सहारनपुर और शामली में अपने गैंग के साथ कई अपराधों में सक्रिय भूमिका रही थी। वर्ष 2017 में असलम नोएडा पुलिस की गोली का शिकार बन गया था।
असलम उत्तर प्रदेश में पांच डकैतियों को अंजाम दे चुका था। अब आठ साल बाद अकरम को देहरादून पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। डकैती व हत्याकांड के लगभग सभी आरोपी कभी न कभी पुलिस की गोली खा चुके हैं। यूपी पुलिस से मुठभेड़ में चार साल पहले नदीम के पैर में गोली लगी थी। दरअसल 10 सितंबर 2014 को नकरौंदा में कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के घर खिड़की की जाली निकालकर छह सशस्त्र बदमाश घुसे थे। इस दौरान थपलियाल परिवार भी जाग गया तो बदमाशों ने उन्हें हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। घर में मौजूद सुरेंद्र थपलियाल का इकलौता बेटा 23 वर्षीय अंकित अकरम के साथ भिड़ गया।
अंकित अकरम पर हावी होने लगा था तो अकरम ने गोली चला दी। इससे अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो करीब एक महीने बाद एक बदमाश नदीम को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में पांच और बदमाशों के नाम पता चले। इनमें अकरम, साजिद उर्फ सोनू, साजिद उर्फ पहलवान, सज्जाद उर्फ यामीन और अखलाक शामिल थे। कुछ दिनों के बाद चार और गिरफ्तार हो गए। जबकि, अकरम का कहीं पता नहीं चल पा रहा था।
पुलिस ने शामली स्थित उसके घर की कुर्की भी कराई। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। इसी बीच सात मार्च 2017 को पुलिस ने अकरम को गुजरात के सूरत में एक ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। अकरम वहां पर सलीम नाम से रहकर काम कर रहा था। अकरम को कुछ समय जेल में रहने के बाद न्यायालय से जमानत मिल गई। तब से वह कई अपराधों में शामिल रहा। पिछले साल 25 मार्च को क्लेमेंटटाउन पुलिस ने चोरी के आरोप में भी उसे गिरफ्तार किया। एक चोरी को उसने पटेलनगर थाना क्षेत्र में भी अंजाम दिया।
