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Shamli News: मां-शिशु दोनों को रोग मुक्त बनाता है स्तनपान
Sat, 01 Aug 2026 01:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 01 Aug 2026 01:18 AM IST
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शामली। स्तनपान मां व शिशु दोनों के लिए भी लाभदायक है। इससे जहां बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। वहीं, मां को भी कई गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है। हर वर्ष एक अगस्त से विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करना होता है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि स्तनपान से शिशु व मां दोनों को पूर्ण पोषण मिलता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता जहां मजबूत होती है वहीं गंभीर बीमारियों से बचाव होता है।
उन्होंने बताया कि स्तनपान कराने से प्रसव के बाद गर्भाशय जल्दी ठीक होता है और अतिरिक्त कैलोरी खर्च होने से वजन नियंत्रित रहता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्तन व ओवेरियन कैंसर का खतरा भी कम होता है।
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उधर, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने जन्म के एक घंटे के अंदर मां का पीला गाढ़ा दूध बच्चे को मिल जाए तो वह उसके लिए अमृत के समान होता है। यह दूध बच्चे को पेट के गंभीर संक्रमण, दस्त और एलर्जी समेत कई संक्रामक बीमारियों से बचाव करने के साथ ही शारीरिक व मानसिक विकास के लिए लाभदायक है।
मां का दूध न मिलने से बच्चे में दस्त, कान का संक्रमण, निमोनिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा तीन से चार गुना बढ़ जाता है। बड़े होने पर मोटापा, मधुमेह जैसी बीमारियां होने की आशंका रहती है। इसलिए छह माह तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध पिलाना शिशु के लिए लाभदायक है।
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स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि स्तनपान से शिशु व मां दोनों को पूर्ण पोषण मिलता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता जहां मजबूत होती है वहीं गंभीर बीमारियों से बचाव होता है।
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उन्होंने बताया कि स्तनपान कराने से प्रसव के बाद गर्भाशय जल्दी ठीक होता है और अतिरिक्त कैलोरी खर्च होने से वजन नियंत्रित रहता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्तन व ओवेरियन कैंसर का खतरा भी कम होता है।
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उधर, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने जन्म के एक घंटे के अंदर मां का पीला गाढ़ा दूध बच्चे को मिल जाए तो वह उसके लिए अमृत के समान होता है। यह दूध बच्चे को पेट के गंभीर संक्रमण, दस्त और एलर्जी समेत कई संक्रामक बीमारियों से बचाव करने के साथ ही शारीरिक व मानसिक विकास के लिए लाभदायक है।
मां का दूध न मिलने से बच्चे में दस्त, कान का संक्रमण, निमोनिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा तीन से चार गुना बढ़ जाता है। बड़े होने पर मोटापा, मधुमेह जैसी बीमारियां होने की आशंका रहती है। इसलिए छह माह तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध पिलाना शिशु के लिए लाभदायक है।