{"_id":"69c59376b27f48af240d1434","slug":"despite-bumper-potato-production-it-is-difficult-to-recover-costs-shamli-news-c-26-1-aur1003-162198-2026-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: आलू की बंपर पैदावार के बावजूद लागत निकालना मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: आलू की बंपर पैदावार के बावजूद लागत निकालना मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जलालाबाद। इस बार आलू का रकबा बढ़ा और मौसम ने भी पूरी मेहरबानी दिखाई, जिससे पैदावार शानदार रही। अब बाजार में आलू के दाम गिरने से क्षेत्र के किसान परेशान हैं।
किसान इस साल आलू की फसल से खुश थे, लेकिन उन्हें अपनी मेहनत का सही मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। मंडी में आलू की गिरती कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आलू की 50 किलोग्राम की बोरी केवल 200 से 300 रुपये में बिक रही है, जबकि उत्पादन पर होने वाला खर्च इससे कहीं अधिक है।
किसान के समक्ष आलू भंडारण की समस्या भी आ रही है। किसान चौधरी असलम अहमद, अफजल मलिक, महबूब चौधरी, नरेंद्र कुमार नांगल, जयवीर आर्य बताते हैं कि आलू की बुआई से लेकर खोदाई तक में करीब 300 रुपये प्रति बोरी खर्च आ रहा है। वहीं, बीज खरीदने में 1500 रुपये प्रति कट्टा खर्च हुआ था और निराई, गुड़ाई में लगभग 10,000 रुपये प्रति बीघा का खर्च हुआ है।
कोल्ड स्टोरेज लगने लगा हाउसफुल का बोर्ड : किसान राहुल ने बताया कि कोल्ड स्टोर संचालकाें ने हाउसफुल का बोर्ड लगाने शुरू कर दिए है। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। अब किसानों को सस्ते दामों में ही आलू बेचना पड़ रहा है।
Trending Videos
किसान इस साल आलू की फसल से खुश थे, लेकिन उन्हें अपनी मेहनत का सही मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। मंडी में आलू की गिरती कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आलू की 50 किलोग्राम की बोरी केवल 200 से 300 रुपये में बिक रही है, जबकि उत्पादन पर होने वाला खर्च इससे कहीं अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान के समक्ष आलू भंडारण की समस्या भी आ रही है। किसान चौधरी असलम अहमद, अफजल मलिक, महबूब चौधरी, नरेंद्र कुमार नांगल, जयवीर आर्य बताते हैं कि आलू की बुआई से लेकर खोदाई तक में करीब 300 रुपये प्रति बोरी खर्च आ रहा है। वहीं, बीज खरीदने में 1500 रुपये प्रति कट्टा खर्च हुआ था और निराई, गुड़ाई में लगभग 10,000 रुपये प्रति बीघा का खर्च हुआ है।
कोल्ड स्टोरेज लगने लगा हाउसफुल का बोर्ड : किसान राहुल ने बताया कि कोल्ड स्टोर संचालकाें ने हाउसफुल का बोर्ड लगाने शुरू कर दिए है। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। अब किसानों को सस्ते दामों में ही आलू बेचना पड़ रहा है।