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Shamli News: दोहरीकरण को नहीं मिला बजट, लंबी दूरी की ट्रेनों की आस रही अधूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:08 AM IST
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शामली। आम बजट 2026 में हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली मेरठ-पानीपत, कैथल-करनाल, शामली और कैराना-सरसावा तथा मां शाकंभरी देवी नई रेलवे लाइनों के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे मार्ग का दोहरीकरण का बजट न मिलने के कारण एनसीआर के रेलवे कॉरिडोर बनने की मांग, लंबी दूरी की ट्रेनों की मांग अधूरी रह गई है। लोगों को बजट में दोनों मांगों को लेकर प्रस्ताव की उम्मीद थी।
हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन की मांग लगभग 40 साल पुरानी है। वर्ष 2015 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद 2016 में कैराना के तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने रेल राज्यमंत्री मनोज सिंहा और रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर इस नई लाइन के लिए 2,200 करोड़ रुपये, कैथल-करनाल-शामली-मेरठ नई रेलवे लाइन के सर्वेक्षण, और दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग के विद्युतीकरण व दोहरीकरण के लिए 1,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कराने का प्रयास किया था।
दोहरीकरण का शिलान्यास 2017 में मनोज सिंहा ने ननौता रेलवे स्टेशन पर कर दिया था। विद्युतीकरण का कार्य तीन साल पहले पूरा हो चुका है, वहीं कैथल-करनाल-शामली-मेरठ नई रेलवे लाइन का सर्वेक्षण भी पूर्ण हो चुका है। पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी के आग्रह पर मौजूदा केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए 1,050 करोड़ रुपये के आवंटन का आश्वासन आम बजट में दिया था।
हालांकि, बजट न मिलने के कारण नई रेलवे ट्रैक का कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। दोहरीकरण के लिए शाहदरा से शामली तक 85 किमी का अंतिम सर्वेक्षण भी पूरा हो चुका है।
अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज बंसल, उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के सचिव सुरेंद्र सिंह और दैनिक यात्री संघ के विकास गुप्ता का कहना है कि आम बजट 2026 में रेलवे परियोजनाओं के लिए बजट न मिलने से निराशा मिली है। यात्रियों की लंबी दूरी की ट्रेनों और नई रेलवे लाइन की उम्मीदें फिलहाल अधूरी रह गई हैं।
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हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन की मांग लगभग 40 साल पुरानी है। वर्ष 2015 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद 2016 में कैराना के तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने रेल राज्यमंत्री मनोज सिंहा और रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर इस नई लाइन के लिए 2,200 करोड़ रुपये, कैथल-करनाल-शामली-मेरठ नई रेलवे लाइन के सर्वेक्षण, और दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग के विद्युतीकरण व दोहरीकरण के लिए 1,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कराने का प्रयास किया था।
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दोहरीकरण का शिलान्यास 2017 में मनोज सिंहा ने ननौता रेलवे स्टेशन पर कर दिया था। विद्युतीकरण का कार्य तीन साल पहले पूरा हो चुका है, वहीं कैथल-करनाल-शामली-मेरठ नई रेलवे लाइन का सर्वेक्षण भी पूर्ण हो चुका है। पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी के आग्रह पर मौजूदा केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए 1,050 करोड़ रुपये के आवंटन का आश्वासन आम बजट में दिया था।
हालांकि, बजट न मिलने के कारण नई रेलवे ट्रैक का कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। दोहरीकरण के लिए शाहदरा से शामली तक 85 किमी का अंतिम सर्वेक्षण भी पूरा हो चुका है।
अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज बंसल, उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के सचिव सुरेंद्र सिंह और दैनिक यात्री संघ के विकास गुप्ता का कहना है कि आम बजट 2026 में रेलवे परियोजनाओं के लिए बजट न मिलने से निराशा मिली है। यात्रियों की लंबी दूरी की ट्रेनों और नई रेलवे लाइन की उम्मीदें फिलहाल अधूरी रह गई हैं।
