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Shamli News: हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर 30 तक यूपी किसानों का प्रवेश बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:16 AM IST
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हरियाणा बॉर्डर पर खड़े गेहूं से लदे वाहन। संवाद
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बिडौली (शामली)। हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर यूपी के किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हरियाणा सरकार द्वारा अपने किसानों को राहत दिए जाने के बावजूद यूपी के किसानों के लिए 30 अप्रैल तक हरियाणा की मंडियों में गेहूं लेकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अब किसान अपनी तैयार गेहूं की फसल को हरियाणा की मंडी में नहीं बेच पा रहे हैं। फसल की बिक्री रुकी होने के कारण किसान अगली फसल की तैयारी भी समय पर नहीं कर पा रहे हैं, जिससे खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो रहा है। इसी सप्ताह सोमवार को हरियाणा और यूपी प्रशासन के बीच मंगलौर चौकी पर बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में यूपी प्रशासन की ओर से किसानों को अपने ही प्रदेश के क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए सहमति दिलाई गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं।
किसान मनवीर, रामबीर, रोमी का कहना है कि बिडौली क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम बार-बार खराब हो रहा है, जिससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट की पर्याप्त व्यवस्था न होने से खरीदे गए गेहूं का उठान भी समय पर नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप खरीद प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है। अब तक करीब 260 किसानों को टोकन जारी किए जा चुके हैं, लेकिन बीते दिन मात्र 37 किसानों का ही गेहूं खरीदा जा सका।
मंगलौर पुलिस ने बताया कि 30 अप्रैल तक यूपी के किसानों को हरियाणा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि उच्चाधिकारियों से पहले कोई निर्देश प्राप्त होते हैं तो तत्काल प्रभाव से बॉर्डर खोल दिया जाएगा।
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अब किसान अपनी तैयार गेहूं की फसल को हरियाणा की मंडी में नहीं बेच पा रहे हैं। फसल की बिक्री रुकी होने के कारण किसान अगली फसल की तैयारी भी समय पर नहीं कर पा रहे हैं, जिससे खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो रहा है। इसी सप्ताह सोमवार को हरियाणा और यूपी प्रशासन के बीच मंगलौर चौकी पर बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में यूपी प्रशासन की ओर से किसानों को अपने ही प्रदेश के क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए सहमति दिलाई गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं।
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किसान मनवीर, रामबीर, रोमी का कहना है कि बिडौली क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम बार-बार खराब हो रहा है, जिससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट की पर्याप्त व्यवस्था न होने से खरीदे गए गेहूं का उठान भी समय पर नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप खरीद प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है। अब तक करीब 260 किसानों को टोकन जारी किए जा चुके हैं, लेकिन बीते दिन मात्र 37 किसानों का ही गेहूं खरीदा जा सका।
मंगलौर पुलिस ने बताया कि 30 अप्रैल तक यूपी के किसानों को हरियाणा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि उच्चाधिकारियों से पहले कोई निर्देश प्राप्त होते हैं तो तत्काल प्रभाव से बॉर्डर खोल दिया जाएगा।

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