Shamli: दुकान के मालिकाना हक को लेकर व्यापारी और मंदिर कमेटी में मारपीट, पांच घायल
शामली के गांधी चौक में दुकान के मालिकाना हक को लेकर व्यापारी और भैरव मंदिर मठ समिति के बीच मारपीट और हंगामा हुआ। घटना में पांच लोग घायल हुए और पुलिस ने विवादित दुकान को सील कर दिया।
विस्तार
शामली के गांधी चौक में दुकान के मालिकाना हक को लेकर व्यापारी और भैरव मंदिर मठ समिति के सदस्यों के बीच विवाद हिंसक हो गया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और हंगामा हुआ, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर लेकर विवादित दुकान को सील कर दिया है।
दुकान पर कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार गांधी चौक में पुष्पेंद्र भारद्वाज की पत्नी रेणु भारद्वाज के नाम से कपड़े की दुकान है। बृहस्पतिवार दोपहर को भैरव मंदिर मठ समिति के सदस्य राघवनाथ और सागरनाथ अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने दुकान को मंदिर की संपत्ति बताते हुए बंद दुकान का शटर काटने और ताला तोड़ने का प्रयास किया।
इसका व्यापारी पुष्पेंद्र भारद्वाज और उनके परिवार ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई।
हमले और लूट के आरोप
व्यापारी पक्ष का आरोप है कि मंदिर कमेटी के सदस्यों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया और दुकान में घुसकर करीब 30 लाख रुपये कीमत का कपड़ा और नकदी लूट ली। इस हमले में मुदित भारद्वाज, प्रभात और रोहन गंभीर रूप से घायल हो गए।
वहीं मंदिर कमेटी की ओर से भी व्यापारी पक्ष पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। समिति के सदस्य राघवनाथ और सागरनाथ के घायल होने की बात कही गई है।
सीओ के सामने हुआ हंगामा, पुलिस ने दुकान सील की
बताया गया कि यह पूरा विवाद सीओ सिटी जितेंद्र के सामने हुआ, लेकिन आरोप है कि वह कार्रवाई करने के बजाय मौके से चले गए। इसको लेकर व्यापारियों ने विरोध जताते हुए एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दोनों पक्षों के घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में भर्ती कराया।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि गांधी चौक स्थित दुकान के स्वामित्व को लेकर लक्ष्मण कौशिक प्रतिनिधि शिष्य महंत पीर योगी शोरनाथ और पुष्पेंद्र भारद्वाज के बीच मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। गुरुवार को इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में हाथापाई हुई।
उन्होंने बताया कि कोतवाली पुलिस ने विवादित दुकान को सील कर दिया है और मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।