Kanwar Yatra: दोस्ती और सौहार्द की मिसाल बने सालिम, मोहित के साथ ला रहे थे कांवड़; हादसे में घायल
शामली में कांवड़ यात्रा के दौरान दोस्ती और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। कसेरवा खुर्द निवासी सालिम अपने दोस्त मोहित के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में सड़क हादसे का शिकार हो गए। घायल सालिम का कहना है कि स्वस्थ होते ही वह दोबारा हरिद्वार जाकर बाबा भोलेनाथ के लिए गंगाजल लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी दोस्ती धर्म नहीं, बल्कि इंसानियत और भाईचारे पर आधारित है।
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कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और दोस्ती की अनूठी मिसाल पेश करने वाले कसेरवा खुर्द निवासी सालिम इस बार भी अपने दोस्त मोहित के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेने जा रहे थे। हालांकि रास्ते में सड़क हादसे में दोनों घायल हो गए। इसके बावजूद सालिम का हौसला नहीं टूटा। उनका कहना है कि स्वस्थ होने के बाद वह फिर हरिद्वार जाकर कांवड़ लेकर आएंगे।
हरिद्वार जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब चार बजे सालिम और भैंसवाल निवासी उनके दोस्त मोहित बाइक से हरिद्वार के लिए निकले थे। आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के बनत के पास उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में दोनों घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
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चार साल पुरानी दोस्ती, दूसरी बार साथ में कांवड़
सालिम ने बताया कि उनकी और मोहित की करीब चार साल पुरानी दोस्ती है। दोनों पहले भी साथ में हरिद्वार से कांवड़ ला चुके हैं। इस बार भी दोनों ने मिलकर बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक का संकल्प लिया था।
दोस्ती धर्म नहीं, इंसानियत से जुड़ी है
सालिम ने कहा कि उनकी दोस्ती धर्म से ऊपर इंसानियत, विश्वास और भाईचारे पर आधारित है। वह अपनी इच्छा से अपने दोस्त के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश देना भी है।
स्वस्थ होकर फिर लाएंगे गंगाजल
घायल सालिम ने कहा, 'हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई हैं। आस्था और दोस्ती के इस सफर को कोई नहीं रोक सकता। स्वस्थ होने के बाद फिर हरिद्वार जाकर बाबा भोलेनाथ के लिए गंगाजल लेकर आऊंगा।'