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सर्पदंश : जागरूकता आई काम, एंटी वेनम से बची जान
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जिला अस्पताल में भर्ती सर्पदंश पीड़ित कुरमाली बिजलीघर के एसएसओ। संवाद
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शामली। कुरमाली बिजलीघर पर ड्यूटी के दौरान एसएसओ विपिन कुमार को सांप ने काट लिया। सर्पदंश का आभास होते ही उन्होंने झाड़-फूंक के बजाय सीधे अस्पताल का रुख किया। समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से उनकी हालत में सुधार है। कुड़ाना निवासी विपिन कुमार बृहस्पतिवार रात गांव कुरमाली स्थित बिजलीघर पर ड्यूटी कर रहे थे। देर रात चारपाई पर लेटने के दौरान उनकी अंगुली में किसी जीव ने काट लिया। अंगुली पर दो दांत के निशान और रक्त निकलता देख उन्हें सर्पदंश का संदेह हुआ। परिजन उन्हें तत्काल सीएचसी कुड़ाना लेकर पहुंचे। वहां एंटी स्नेक वेनम देने के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में जांच के दौरान सर्पदंश की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने दोबारा एंटी स्नेक वेनम देकर उपचार शुरू किया। फिलहाल उनकी हालत में सुधार है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
विपिन कुमार ने बताया कि उन्हें पहले से जानकारी थी कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। इसलिए उन्होंने बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने का निर्णय लिया, जिससे समय पर इलाज मिल सका। अस्पताल में उपलब्ध एंटी स्नेक वेनम ही सबसे प्रभावी उपचार है। nबरसात में बढ़ जाता है खतरा : चिकित्सकों के अनुसार बरसात के मौसम में सांप बिलों से बाहर निकल आते हैं। खेतों, बिजलीघरों, गोदामों और जलभराव वाले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
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रात में अंधेरे में चलते समय टॉर्च का प्रयोग करें और खुले स्थान पर सोने से बचें। जनवरी से जुलाई माह तक जिला अस्पताल में सर्पदंश के 76 मामले सामने आ चुके हैं। जुलाई माह में 27 मामले जिला अस्पताल पहुंचे।
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जिला अस्पताल में जांच के दौरान सर्पदंश की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने दोबारा एंटी स्नेक वेनम देकर उपचार शुरू किया। फिलहाल उनकी हालत में सुधार है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
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विपिन कुमार ने बताया कि उन्हें पहले से जानकारी थी कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। इसलिए उन्होंने बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने का निर्णय लिया, जिससे समय पर इलाज मिल सका। अस्पताल में उपलब्ध एंटी स्नेक वेनम ही सबसे प्रभावी उपचार है। nबरसात में बढ़ जाता है खतरा : चिकित्सकों के अनुसार बरसात के मौसम में सांप बिलों से बाहर निकल आते हैं। खेतों, बिजलीघरों, गोदामों और जलभराव वाले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
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रात में अंधेरे में चलते समय टॉर्च का प्रयोग करें और खुले स्थान पर सोने से बचें। जनवरी से जुलाई माह तक जिला अस्पताल में सर्पदंश के 76 मामले सामने आ चुके हैं। जुलाई माह में 27 मामले जिला अस्पताल पहुंचे।