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Shamli News: जिला अस्पताल खुद बीमार, कैसे मिले उपचार
Sat, 01 Aug 2026 01:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 01 Aug 2026 01:15 AM IST
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जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष पर लगा ताला। संवाद
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शामली। मौसम में बदलाव के साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ है, लेकिन जिला अस्पताल खुद ही बीमार है।
यहां चिकित्सक नदारद है, अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका हुआ और सीटी स्कैन मशीन भी खराब है। उपचार मिलने की आस में मरीज लाइनों में खड़े हैं जिसमें उपचार मिलने का इंतजार मरीजों की पीड़ा को और बढ़ा रहा है। शुक्रवार को रिपोर्टिंग टीम ने दोपहर 11.30 बजे से 12.30 बजे तक का हाल देखा तो इसी तरह की स्थिति सामने आई।
ओपीडी में 999 मरीजों के नए पर्चे बने और 350 के लगभग पुराने पर्चों पर मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें 400 मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित थे। अल्ट्रासाउंड कक्ष नंबर पांच पर ताला लगा देखकर जांच के लिए आए मरीजों को लौटना पड़ा। कैराना निवासी शमशीदा ने बताया कि वह अल्ट्रासाउंड जांच कराने आई है लेकिन यहां ताला लगा हुआ है। बिना जांच के वापस जाना पड़ रहा है।
ओपीडी में कक्ष नंबर 21 के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। फिजिशियन डॉ. सचिन मलिक कक्ष में मौजूद न होने से मरीज इंतजार कर रहे थे। कक्ष नंबर 31 में नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण त्यागी नहीं मिले। उनके कक्ष में प्रशिक्षु मरीजों को दवा लिख रही थी। कक्ष नंबर 34 में डॉ. समद अली नहीं मिले।
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मरीज बड़ी माता रोड निवासी ऊषा, भैंसानी इस्लामपुर निवासी मुस्तकीम, शामली निवासी रितु व गंदेवड़ा निवासी मुस्तफा ने बताया कि आधा घंटे से चिकित्सक नहीं है और वे इंतजार कर रहे हैं। nओपीडी में ये चिकित्सक मिले मौजूद : कक्ष नंबर 30 में ईएमओ डॉ. कासिफ, कक्ष नंबर 25 में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक, कक्ष नंबर 29 में सर्जन डॉ. नरेश सैनी, कक्ष नंबर सात में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामनिवास व डॉ. राघव अग्रवाल, कक्ष नंबर 115 में दंत चिकित्सक डॉ. अंसार मरीजों की जांच करते हुए मिले। nसीटी स्कैन का सॉफ्टवेयर क्रैश : सीएमएस ने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे सीटी स्कैन का सॉफ्टवेयर क्रैश हुआ।
ऑनलाइन ठीक करने में करीब एक घंटा लगा। इसके बाद जांच शुरू हुई। इसके बाद फिर दो बार फिर सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी आने से जांच बाधित हुई। अस्पताल में शुक्रवार को करीब 70 मरीजों में से केवल 33 मरीजों की ही जांच हो सकी।
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यहां चिकित्सक नदारद है, अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका हुआ और सीटी स्कैन मशीन भी खराब है। उपचार मिलने की आस में मरीज लाइनों में खड़े हैं जिसमें उपचार मिलने का इंतजार मरीजों की पीड़ा को और बढ़ा रहा है। शुक्रवार को रिपोर्टिंग टीम ने दोपहर 11.30 बजे से 12.30 बजे तक का हाल देखा तो इसी तरह की स्थिति सामने आई।
ओपीडी में 999 मरीजों के नए पर्चे बने और 350 के लगभग पुराने पर्चों पर मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें 400 मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित थे। अल्ट्रासाउंड कक्ष नंबर पांच पर ताला लगा देखकर जांच के लिए आए मरीजों को लौटना पड़ा। कैराना निवासी शमशीदा ने बताया कि वह अल्ट्रासाउंड जांच कराने आई है लेकिन यहां ताला लगा हुआ है। बिना जांच के वापस जाना पड़ रहा है।
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ओपीडी में कक्ष नंबर 21 के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। फिजिशियन डॉ. सचिन मलिक कक्ष में मौजूद न होने से मरीज इंतजार कर रहे थे। कक्ष नंबर 31 में नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण त्यागी नहीं मिले। उनके कक्ष में प्रशिक्षु मरीजों को दवा लिख रही थी। कक्ष नंबर 34 में डॉ. समद अली नहीं मिले।
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मरीज बड़ी माता रोड निवासी ऊषा, भैंसानी इस्लामपुर निवासी मुस्तकीम, शामली निवासी रितु व गंदेवड़ा निवासी मुस्तफा ने बताया कि आधा घंटे से चिकित्सक नहीं है और वे इंतजार कर रहे हैं। nओपीडी में ये चिकित्सक मिले मौजूद : कक्ष नंबर 30 में ईएमओ डॉ. कासिफ, कक्ष नंबर 25 में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक, कक्ष नंबर 29 में सर्जन डॉ. नरेश सैनी, कक्ष नंबर सात में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामनिवास व डॉ. राघव अग्रवाल, कक्ष नंबर 115 में दंत चिकित्सक डॉ. अंसार मरीजों की जांच करते हुए मिले। nसीटी स्कैन का सॉफ्टवेयर क्रैश : सीएमएस ने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे सीटी स्कैन का सॉफ्टवेयर क्रैश हुआ।
ऑनलाइन ठीक करने में करीब एक घंटा लगा। इसके बाद जांच शुरू हुई। इसके बाद फिर दो बार फिर सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी आने से जांच बाधित हुई। अस्पताल में शुक्रवार को करीब 70 मरीजों में से केवल 33 मरीजों की ही जांच हो सकी।

जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष पर लगा ताला। संवाद