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Shamli News: जिले को इफको की 882 मीट्रिक टन डीएपी की रैक मिली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:37 AM IST
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शामली। जनपद को इफको की 882.00 मीट्रिक टन (17640 बैग) डीएपी उर्वरक की रैक प्राप्त हुई, जो गुजरात के कांडला पोर्ट से यहां पहुंची।
उर्वरक आवंटन समिति के अनुमोदन के अनुसार शासनादेशों के तहत डीएपी का वितरण विभिन्न संस्थाओं को किया गया है। इसके तहत 423.36 मीट्रिक टन (8467 बैग) सहकारिता विभाग, 141.12 मीट्रिक टन (2822 बैग) गन्ना समितियों, 141.12 मीट्रिक टन (2822 बैग) इफको तथा 88.20 मीट्रिक टन (1764 बैग) आईएफएफडीसी, एग्री जंक्शन एवं अन्य को आवंटित किया गया है। शेष मात्रा पीसीएफ के बफर गोदाम जसाला में सुरक्षित रखी जाएगी।
जिले में उर्वरकों की स्थिति
कृषि विभाग के अनुसार जनपद में वर्तमान में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कमी नहीं है। उपलब्धता इस प्रकार है— यूरिया : 8807.530 मीट्रिक टन, डीएपी : 1740.00 मीट्रिक टन, एनपीके : 222.400 मीट्रिक टन है। बफर गोदाम जसाला में भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिसमें यूरिया 4319.742 मीट्रिक टन तथा डीएपी 827.75 मीट्रिक टन शामिल है।
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने किसानों से अपील की है कि वे फसल में संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें तथा अनावश्यक भंडारण न करें। शासनादेश के अनुसार प्रति हेक्टेयर अधिकतम 5 बैग डीएपी और 7 बैग यूरिया ही दिए जाने का प्रावधान है, इससे अधिक भंडारण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
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उर्वरक आवंटन समिति के अनुमोदन के अनुसार शासनादेशों के तहत डीएपी का वितरण विभिन्न संस्थाओं को किया गया है। इसके तहत 423.36 मीट्रिक टन (8467 बैग) सहकारिता विभाग, 141.12 मीट्रिक टन (2822 बैग) गन्ना समितियों, 141.12 मीट्रिक टन (2822 बैग) इफको तथा 88.20 मीट्रिक टन (1764 बैग) आईएफएफडीसी, एग्री जंक्शन एवं अन्य को आवंटित किया गया है। शेष मात्रा पीसीएफ के बफर गोदाम जसाला में सुरक्षित रखी जाएगी।
जिले में उर्वरकों की स्थिति
कृषि विभाग के अनुसार जनपद में वर्तमान में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कमी नहीं है। उपलब्धता इस प्रकार है— यूरिया : 8807.530 मीट्रिक टन, डीएपी : 1740.00 मीट्रिक टन, एनपीके : 222.400 मीट्रिक टन है। बफर गोदाम जसाला में भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिसमें यूरिया 4319.742 मीट्रिक टन तथा डीएपी 827.75 मीट्रिक टन शामिल है।
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जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने किसानों से अपील की है कि वे फसल में संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें तथा अनावश्यक भंडारण न करें। शासनादेश के अनुसार प्रति हेक्टेयर अधिकतम 5 बैग डीएपी और 7 बैग यूरिया ही दिए जाने का प्रावधान है, इससे अधिक भंडारण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।